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Ghaziabad News: 72 घंटे में डायरिया से चार बच्चों की मौत, तीन नहीं पहुंच पाए अस्पताल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jul 2023 01:13 AM IST
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Four children died of diarrhea in 72 hours, three could not reach the hospital
गाजियाबाद। 72 घंटे में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में डायरिया से चार बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें से सिर्फ एक बच्ची का इलाज संयुक्त अस्पताल में शुरू हो पाया था, जबकि तीन बच्चे अस्पताल पहुंचने पर दम तोड़ चुके थे। चारों बच्चों के मां-बाप गरीब परिवार से थे।रविवार को एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में 23 और संयुक्त अस्पताल में 14 डायरिया के मरीज भर्ती हुए हैं। इनमें 90 फीसदी मरीज ऐसे हैं जो गरीब परिवार वाले हैं। तेजी से बढ़ रहे मरीजों को देखते हुए सीएमओ ने सभी सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पतालों में डायरिया के इलाज की दवाई का स्टॉक बढ़ाने का निर्देश दिया है।
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एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में शुक्रवार की रात गंभीर हालत में लाई गई न्यू हिंडन विहार निवासी शहजाद की ढाई महीने की बेटी इंशा और विजय नगर निवासी अजीत की छह माह की बेटी वंशिका और संयुक्त अस्पताल में शनिवार की रात गोविंदपुरम में झुग्गी में रहने वाले जाहिद की एक साल की बच्ची मोमिना को डॉक्टरों ने मृतक घोषित कर दिया। जबकि नासिरपुर निवासी सुनील कुमार की डेढ़ साल की बच्ची रितिका की मौत संयुक्त अस्पताल से रेफर होने के बाद हुई थी। चारों बच्चों की मौत दो दिन उल्टी-दस्त होने पर हुई। अस्पताल के सीएमएस डॉ. मनोज कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि दोनों बच्चियों की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो चुकी थी।
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बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जनरेटर भी हुआ गर्म
एमएमजी अस्पताल में सुबह आठ बजे से चार बजे तक आठ बार बिजली कटौती हुई। इस कारण से बच्चा वार्ड और महिला वार्ड में महिलाएं बच्चों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए हाथ से पंखा करती रहीं। कई महिला तीमारदार उमस भरी गर्मी से बचने के लिए बच्चों के लेकर गैलरी में बैठी रहीं। सबसे गंभीर स्थिति इमरजेंसी में रही। सिर्फ दो केबिन में ही इन्वर्टर की लाइट से पंखे की सुविधा मिल रही थी। बाकी कमरों में अंधेरा छाया रहा और मरीज परेशान रहे।
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सीएमएस डॉ. मनोज कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि एमएमजी अस्पताल में बिजली की आपूर्ति बाधित होने से जनरेटर चलाया गया, लेकिन लोड बढ़ने पर वह भी गर्म हो गया तो बंद करना पड़ा। सीएमएस ने बताया कि अस्पताल में बिजली आपूर्ति में सुबह से ही दिक्कत हो रही थी। इस कारण से कई बार बिजली की कटौती भी हुई। इसके बारे में बिजली विभाग को सूचना दी गई थी। शाम को इंजीनियर ने बिजली का फाल्ट दूर किया, इसके बाद कटौती बंद हुई।

कोट
सीएमओ डाॅ. भवतोष शंखधार का कहना है कि आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश जारी किया गया है कि अपने अपने क्षेत्र में सर्वे कर बुखार और डायरिया से संबंधित मरीजों की सूचना सीएचसी और पीएचसी पर समय से दें। जिससे मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया जा सके। सीएमओ का कहना है कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत मलेरिया विभाग की टीम सर्वे कर रही है।
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