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Ghaziabad News: सराफ की दुकान में चोरी करने वाला पूर्व शिक्षक मुठभेड़ में गिरफ्तार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 28 Mar 2025 01:10 AM IST
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Former teacher who stole from a jeweler's shop was arrested in an encounter
इंदिरापुरम। वसुंधरा सेक्टर-10 सी में रहने वाले सराफ सुनील कुमार वर्मा की मेवाड़ कॉलेज के पास स्थित दुकान अंबे ज्वेलर्स में चोरी करने वाले को पुलिस ने बुधवार देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कासगंज के कायस्थान मोहल्ला निवासी अंकित सक्सेना उर्फ बबलू उर्फ विजय सक्सेना है। उसने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। दुकान से चार किलोग्राम चांदी व तीन ग्राम सोना चुराया था। हिंडन बैराज के पास हुई मुठभेड़ में गोली लगने के बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। अब उसके बाकी साथियों की तलाश में पुलिस टीमें लगा दी गई हैं।
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एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार रात दुकानों की रेकी के लिए अंकित सक्सेना दोबारा टीएचए में आ रहा था। उसकी कार को जब रोका गया तब वह कार से उतरकर भाग निकला और पुलिस पर फायरिंग भी की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की एक गोली उसके दाएं पैर पर लगी और उसे दबोच लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने अपने साथी बदायूं जिले के उझानी स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी निवासी राजवीर सिंह चौहान व दो अन्य लोगों के साथ मिलकर की थी। लोहे की रॉड लगाकर दुकान का शटर तोड़ा था। इसके बाद राजवीर ने दुकान से चुराई चार किलो चांदी को गला कर चारों में बराबर बांट दिया। एसीपी ने बताया कि आरोपी के पास से चांदी के दो टुकड़े, एक तमंचा भी बरामद हुआ है।
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-शिक्षण कार्य छोड़कर बना चोर-
पुलिस ने जब आरोपी अंकित सक्सेना से पूछताछ की तब पता चला कि वह बीएससी पास है। 2007-08 में वह बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था। इसके बाद धीरे-धीरे चोरी की राह पकड़ ली। इसके बाद लूट, डकैती, चोरी और हत्या के प्रयास जैसी वारदातों को अंजाम दिया। इसके साथ ही इसके जेल जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया वर्ष 2010 से 2025 तक लगातार जेल में बंद रहा है। गुरुग्राम से 30 लाख की डकैती में 2020 में जेल गया। कासगंज की डकैती में 2025 में जेल गया। कासगंज से ही हत्या के प्रयास में 2010 से 2013 तक जेल में रहा। धोखाधडी के मामले में 2013 से 2015 तक जेल में रहा। एसीपी ने बताया कि जेल में ही इसकी मुलाकात राजवीर सिंह से हुई थी और बाहर निकलते ही दोनों ने मिलकर गैंग बनाया था।
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-पत्नी से तलाक, भाई भी नहीं रखते मतलब-
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अंकित का पत्नी से तलाक हो चुका है और एक बेटा है जो मां के साथ रहता है। दो भाई भी हैं, जो कासगंज में ही रहते हैं। हालांकि वह दोनों अपने-अपने कारोबार करते हैं। अंकित के अपराधिक जीवन की वजह से दोनों भाई भी उससे दूर रहते हैं। यही वजह रही कि जब-जब अंकित जेल गया तब न तो कोई मिलने पहुंचा और न ही किसी ने उसकी जमानत कराई और वह कभी डेढ़ वर्ष तो कभी दो-दो वर्ष तक जेल की सलाखों के पीछे रहा।
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