{"_id":"6ac6b0779b8508073204eb55","slug":"for-the-first-time-in-37-years-the-burning-of-the-ravana-effigy-will-not-take-place-in-lajpat-nagar-ghaziabad-news-c-198-1-gbd1023-25088-2026-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: 37 साल में पहली बार नहीं होगा लाजपत नगर में रावण दहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: 37 साल में पहली बार नहीं होगा लाजपत नगर में रावण दहन
विज्ञापन
विज्ञापन
साहिबाबाद। लाजपत नगर रामलीला मैदान में हादसे के बाद मंचन पर संशय खत्म हो गया है। समिति पदाधिकारियों ने मंचन का फैसला लिया है, दशहरा पर रावण दहन नहीं किया जाएगा। ऐसा 37 वर्षों में पहली बार ऐसा होगा जब दशहरा पर रावण आदि का पुतला नहीं जलाया जाएगा।
तीन दशक से भी अधिक समय से हर दशहरे पर लाजपत नगर में रावण का पुतला जलाया जाता रहा है। इस बार दशहरा पर लाजपत नगर रामलीला मैदान में केवल मंचन होगा, किसी तरह की आतिशबाजी नहीं होगी का दशहरा बदला-बदला नजर आएगा। साहिबाबाद में रावण दहन के दौरान सामने आई अव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी दिक्कतों के बाद प्रशासन ने आयोजकों को शांतिपूर्ण तरीके से रामलीला मनाने के दिशा-निर्देश दिए हैं। इस बार रामलीला में न रावण का पुतला खड़ा होगा और न ही आतिशबाजी होगी।
विज्ञापन
रामलीला समिति के संचालक बिजेंद्र बैंसला ने बताया कि रावण दहन देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग आयोजन स्थल पर पहुंचते हैं। बच्चों और महिलाओं के साथ आसपास के लोग भी मैदान में जुटते हैं। ऐसे में पुतले के दहन के समय भीड़ का एक साथ आगे बढ़ना और आतिशबाजी सुरक्षा के लिहाज से चुनौती बन जाती है। साहिबाबाद में रावण दहन को लेकर हुई परेशानी के बाद प्रशासन ने इस बार आयोजनों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इसी को देखते हुए लाजपत नगर समिति ने बड़ा आयोजन करने के बजाय सीमित स्तर पर कार्यक्रम कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि रावण दहन नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि दशहरे का आयोजन पूरी तरह रद्द रहेगा। समिति की ओर से रामलीला का आयोजन किया जाएगा, लेकिन कार्यक्रम प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप और सीमित स्तर पर होगा।
विज्ञापन