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फ्लैट धोखाधड़ी: बिल्डर और ब्रोकर पर लाखों रुपये हड़पने का आरोप
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इंदिरापुरम। इंदिरापुरम थानात्र में एक बिल्डर और ब्रोकर पर फ्लैट देने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता राघव अग्रवाल और उनकी पत्नी हेमलता अग्रवाल ने कुल 44 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
पीड़ित राघव अग्रवाल ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने आदिनाथ प्रोबिल्ड (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड की एंजल जुपिटर योजना में दो फ्लैट बुक किए थे। बिल्डर ने शहीद कैप्टन मनोज पांडे मार्ग कनावनी विलेज इंदिरापुरम में ये फ्लैट बताए थे। 13 अक्तूबर 2012 से 11 दिसंबर 2012 के बीच विभिन्न किस्तों में कुल 28 लाख 62 हजार 250 रुपये का भुगतान किया गया। उनकी पत्नी हेमलता अग्रवाल ने भी 11 अक्तूबर 2012 से 1 दिसंबर 2012 के बीच 16 लाख रुपये का भुगतान किया। यह भुगतान आरटीजीएस और नकद दोनों माध्यमों से किया गया था। आरटीजीएस के माध्यम से जमा की गई धनराशि यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के बिल्डर के खाते में अंतरित की गई थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, बिल्डर अभय कुमार जैन, प्रवीन जैन और ब्रोकर पंकज अग्रवाल ने वर्षों तक फ्लैट देने का आश्वासन दिया। हाल ही में पंकज अग्रवाल ने फ्लैट देने में असमर्थता जताई। चूंकि फ्लैट की कीमत चार गुनी हो गई है। आरोप है कि आरोपियों ने कूट रचना कर दस्तावेज में हेरफेर किया। उनके नाम हटाकर फ्लैट किसी और को आवंटित कर दिए। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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पीड़ित राघव अग्रवाल ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने आदिनाथ प्रोबिल्ड (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड की एंजल जुपिटर योजना में दो फ्लैट बुक किए थे। बिल्डर ने शहीद कैप्टन मनोज पांडे मार्ग कनावनी विलेज इंदिरापुरम में ये फ्लैट बताए थे। 13 अक्तूबर 2012 से 11 दिसंबर 2012 के बीच विभिन्न किस्तों में कुल 28 लाख 62 हजार 250 रुपये का भुगतान किया गया। उनकी पत्नी हेमलता अग्रवाल ने भी 11 अक्तूबर 2012 से 1 दिसंबर 2012 के बीच 16 लाख रुपये का भुगतान किया। यह भुगतान आरटीजीएस और नकद दोनों माध्यमों से किया गया था। आरटीजीएस के माध्यम से जमा की गई धनराशि यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के बिल्डर के खाते में अंतरित की गई थी।
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शिकायतकर्ता के अनुसार, बिल्डर अभय कुमार जैन, प्रवीन जैन और ब्रोकर पंकज अग्रवाल ने वर्षों तक फ्लैट देने का आश्वासन दिया। हाल ही में पंकज अग्रवाल ने फ्लैट देने में असमर्थता जताई। चूंकि फ्लैट की कीमत चार गुनी हो गई है। आरोप है कि आरोपियों ने कूट रचना कर दस्तावेज में हेरफेर किया। उनके नाम हटाकर फ्लैट किसी और को आवंटित कर दिए। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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