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झंडे बढ़ा रहे प्रत्याशियों की धड़कन
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Fri, 10 Feb 2017 01:14 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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शहर के प्रमुख बाजारों में अधिकाश दुकानों पर लगे सभी पार्टियों के झंडे बता रहे हैं कि इस बार यहीं से धमाका होगा। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण का मतदान 11 को है, लेकिन व्यापारी वर्ग खामोश है।
वर्तमान में तो उनके दरवाजे सभी पार्टियों के लिए खुले दिख रहे हैं। सभी दलों के झंडे दुकानों पर सजे हैं लेकिन समर्थन किसे मिलेगा, कौन बनेगा करीब छह लाख व्यापारी वोटरों का सिरमौर, यह अभी पर्दे में है।
कई दुकानों पर तो सभी दलों के झंडे लगे हैं। गाजियाबाद में हर बार यह वोटबैंक एक मुश्त वोट करता आया है लेकिन इस बार प्रचार का समय खत्म होने तक भी राजनीतिक दल सिर्फ कयास ही लगा रहे हैं।
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सभी पार्टियों के प्रत्याशी यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि व्यापारियों का वोट उन्हें ही मिलेगा लेकिन बाजारों का हाल कुछ और ही हकीकत बयान कर रहा है। बाजार सभी राजनीतिक दलों के झंडों का इस्तकबाल करते दिख रहे हैं , पर वोट किस दल और प्रत्याशी को जाएगा, इस पर खुलकर कोई बात करने को तैयार नहीं ।
सिंहानी गेट व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनुराग गर्ग की मानें तो इस बार मंडलों ने किसे भी समर्थन का एलान किया हो, लेकिन व्यापारी फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। कानून-व्यवस्था और कामर्शियल टैक्स सिस्टम ने यहॉ के व्यापार की कमर तोड़कर रख दी है।
उस पर रंगदारी और अपहरण के साथ चोरी डकैती की घटनाओं ने जीना दुश्वार कर रखा है । ऐसे में कैसे बताएं कि हम वोट किसे करेंगे। अभी चिंतन कर रहे हैं, पर इतना तय है कि हमारा वोट विकास और समस्याओं के निदान के लिए होगा।
गाजियाबाद में छोटे- बड़े मिलाकर दो दर्जन से ज्यादा बाजार हैं । इसे यूपी का कामर्शियल गेटवे भी कहा जाता है। ऐसे में मतदान में व्यापारियों का झुकाव किस पार्टी की ओर होगा, यह काफी महत्व रखता है। वैसे इस बार शहर सीट से भाजपा, बसपा और सपा-कांग्रेस गठबंधन तीनों के खांटी नेता चुनाव मैदान में हैं।
चुनाव रणनीतिकारों की मानें तो तीनाें ही प्रत्याशी पुराने हैं और व्यापारी वर्ग में अच्छी पैठ रखते हैं। व्यापारी वर्ग भी पार्टियों के हिसाब से बंटे हुए हैं लेकिन अधिसंख्य वोट किधर जाएगा, इसका अंदाजा किसी को नहीं है।
कुछ दिन पहले सिहानी गेट बाजार, दिल्ली गेट बाजार, डासना गेट और चौपला बाजार व्यापार मंडल ने एक पार्टी के समर्थन में अपना घोषणा पत्र दिया था लेकिन बाजारों में लहराते झंडे अलग कहानी बयान कर रहे हैं।
पुराने बाजार समेत बजरिया, घंटाघर, नवयुग मार्केट, गांधीनगर, तुराबनगर, रमते राम रोड, संजय नगर सेक्टर 23, कविनगर, आरडीसी, राजनगर सेक्टर 10 के बाजारों में एक -एक दुकान पर एक साथ बीजेपी, सपा, बसपा, कांग्रेस के झंडे प्रत्याशियों के दिल की धड़कनें बढ़ा रहे हैं।
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वर्तमान में तो उनके दरवाजे सभी पार्टियों के लिए खुले दिख रहे हैं। सभी दलों के झंडे दुकानों पर सजे हैं लेकिन समर्थन किसे मिलेगा, कौन बनेगा करीब छह लाख व्यापारी वोटरों का सिरमौर, यह अभी पर्दे में है।
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कई दुकानों पर तो सभी दलों के झंडे लगे हैं। गाजियाबाद में हर बार यह वोटबैंक एक मुश्त वोट करता आया है लेकिन इस बार प्रचार का समय खत्म होने तक भी राजनीतिक दल सिर्फ कयास ही लगा रहे हैं।
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सभी पार्टियों के प्रत्याशी यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि व्यापारियों का वोट उन्हें ही मिलेगा लेकिन बाजारों का हाल कुछ और ही हकीकत बयान कर रहा है। बाजार सभी राजनीतिक दलों के झंडों का इस्तकबाल करते दिख रहे हैं , पर वोट किस दल और प्रत्याशी को जाएगा, इस पर खुलकर कोई बात करने को तैयार नहीं ।
सिंहानी गेट व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनुराग गर्ग की मानें तो इस बार मंडलों ने किसे भी समर्थन का एलान किया हो, लेकिन व्यापारी फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। कानून-व्यवस्था और कामर्शियल टैक्स सिस्टम ने यहॉ के व्यापार की कमर तोड़कर रख दी है।
उस पर रंगदारी और अपहरण के साथ चोरी डकैती की घटनाओं ने जीना दुश्वार कर रखा है । ऐसे में कैसे बताएं कि हम वोट किसे करेंगे। अभी चिंतन कर रहे हैं, पर इतना तय है कि हमारा वोट विकास और समस्याओं के निदान के लिए होगा।
गाजियाबाद में छोटे- बड़े मिलाकर दो दर्जन से ज्यादा बाजार हैं । इसे यूपी का कामर्शियल गेटवे भी कहा जाता है। ऐसे में मतदान में व्यापारियों का झुकाव किस पार्टी की ओर होगा, यह काफी महत्व रखता है। वैसे इस बार शहर सीट से भाजपा, बसपा और सपा-कांग्रेस गठबंधन तीनों के खांटी नेता चुनाव मैदान में हैं।
चुनाव रणनीतिकारों की मानें तो तीनाें ही प्रत्याशी पुराने हैं और व्यापारी वर्ग में अच्छी पैठ रखते हैं। व्यापारी वर्ग भी पार्टियों के हिसाब से बंटे हुए हैं लेकिन अधिसंख्य वोट किधर जाएगा, इसका अंदाजा किसी को नहीं है।
कुछ दिन पहले सिहानी गेट बाजार, दिल्ली गेट बाजार, डासना गेट और चौपला बाजार व्यापार मंडल ने एक पार्टी के समर्थन में अपना घोषणा पत्र दिया था लेकिन बाजारों में लहराते झंडे अलग कहानी बयान कर रहे हैं।
पुराने बाजार समेत बजरिया, घंटाघर, नवयुग मार्केट, गांधीनगर, तुराबनगर, रमते राम रोड, संजय नगर सेक्टर 23, कविनगर, आरडीसी, राजनगर सेक्टर 10 के बाजारों में एक -एक दुकान पर एक साथ बीजेपी, सपा, बसपा, कांग्रेस के झंडे प्रत्याशियों के दिल की धड़कनें बढ़ा रहे हैं।