गाजियाबाद पुलिस की बड़ी सफलता: बच्चा चोरी करने वाले गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार, ऑन डिमांड करते थे वारदात
बच्चे को दिल्ली के निसंतान दंपती को छह लाख में बेचने का सौदा तय हुआ था। गिरफ्तार दो महिलाएं किराये की कोख देकर दो बच्चों को पहले भी सात लाख में बेच चुकी हैं।
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पांच अगस्त को एमएमजी अस्पताल से चार महीने का बच्चा चोरी होने की घटना का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में संजयनगर सेक्टर 23 निवासी कविता, उसके पति लोकेश, दादरी की दोलतराम कॉलोनी निवासी सुलेखा, महरौली निवासी फूलबाई व उसकी बेटी कविता को गिरफ्तार किया है। बच्चे को दिल्ली के निसंतान दंपती को छह लाख में बेचने का सौदा तय हुआ था। गिरफ्तार दो महिलाएं किराये की कोख देकर दो बच्चों को पहले भी सात लाख में बेच चुकी हैं।
डीसीपी नगर राजेश कुमार ने बताया कि फूलबाई जिस मकान में रहती है, उसी मकान में विक्की प्रजापति भी किराये पर रहता है। फूलबाई पहले जिस फर्टिलिटी सेंटर पर काम करती थी, वहां कविता और सुलेखा भी काम करती थीं। वहां से उनका परिचय हो गया। फर्टिलिटी सेंटर पर काम के दौरान ही उनको कुछ निसंतान दंपती के बारे में पता चला। हाल ही में उनके संपर्क में दिल्ली के निसंतान दंपती आए, उन्होंने बच्चे की डिमांड की तो उन्होंने फूलबाई को बताया। फूलबाई तभी से विक्की के बच्चे को चोरी करने की योजना बना चुकी थी। बच्चा चोरी कराने में फूलबाई का प्रेमी लतीफ भी शामिल था। सविता नाम की महिला बच्चे को लेकर गई, इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम दबिश दे रही है। बच्चे के अलावा ऑटो को भी बरामद कर लिया गया है।
मधुबन-बापूधाम से भी चोरी किया था बच्चा
पूछताछ में सुलेखा, कविता ने बताया कि उन्होंने मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली मालती का नौ मार्च 2024 को दो माह का बच्चा चोरी कर लिया था। मामले में थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। इस बच्चे को साढ़े तीन लाख में बेचा गया था। जिस दंपती को बेचा गया था, उसकी पहचान पुलिस कर रही है। सुलेखा और कविता ने यह बच्चा अंजलि नाम की महिला को दिया था। पुलिस अंजलि की भी तलाश कर रही है।
किराये की कोख देकर भी कमा चुकी हैं सात लाख
पूछताछ में सुलेखा और कविता अरोड़ा ने बताया कि फर्टिलिटी सेंटर पर उनके संपर्क में दो निसंतान दंपती आए थे। उन्होंने तब किराये की कोख देकर दो बच्चो को जन्म दिया और साढे तीन तीन लाख में बेचा। कविता ने बताया कि किराये की कोख से शरीरिक स्थिति कमजोर हो रही थी। इसलिए उन्होंने आगे से किराये की कोख का काम बंद कर बच्चा चोरी करके बेचने की योजना बनाई। उन्होंने बताया कि उनके मुख्य निशाने पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग रहता था। झुग्गी झोपड़ी में होने वाले बच्चो पर भी वह नजर रखतीं थीं।
यह था पूरा मामला
वेवसिटी के महरौली निवासी विक्की प्रजापति की पत्नी श्रृष्टि चार माह के बेटे के साथ एमएमजी अस्पताल में गई थीं। श्रृष्टि के साथ उसकी पड़ोसी फूलबाई की बेटी भी गई थी। श्रृष्टि जैसे ही अंदर जाने लगी तो कविता ने कहा कि बच्चा अंदर ले जाना ठीक नहीं है। बच्चे को पड़ोस में बैठी महिला को दे दो। वह बच्चे को महिला काे देकर चली गई। जब वह लौटी तो महिला बच्चा लेकर लापता हो गई। मामले में विक्की प्रजापति ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।