{"_id":"6ac80a0c66daa846e908a9cf","slug":"farmers-plea-reaches-chief-minister-gda-to-allot-6-developed-land-after-14-years-ghaziabad-news-c-30-gbd1013-996249-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: मुख्यमंत्री तक पहुंची किसानों की गुहार, 14 साल बाद जीडीए देगा 6 प्रतिशत भूखंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: मुख्यमंत्री तक पहुंची किसानों की गुहार, 14 साल बाद जीडीए देगा 6 प्रतिशत भूखंड
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। भोपुरा के किसानों को 35 साल बाद न्याय की उम्मीद जगी है। कोयल एन्क्लेव आवासीय योजना में जमीन दे चुके किसानों को 6 फीसदी विकसित भूखंड देने के लिए जीडीए वीसी नंद किशोर कलाल ने 10 दिन में आवंटन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। किसानों की गुहार मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद शासन स्तर पर एक्शन हुआ है।
जीडीए सचिव विवेक मिश्रा ने बताया कि अभी तक 39 किसानों के आवेदन आए हैं। अन्य प्रभावित किसानों को एक हफ्ते का मौका दिया गया है। विकास शुल्क का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने वाले किसानों की रसीद वेरिफाई कर 6 फीसदी के हिसाब से इंद्रप्रस्थ योजना में विकसित भूखंड आवंटित किए जाएंगे।
बता दें कि 1991 में जीडीए ने भोपुरा गांव की करीब 91 एकड़ जमीन कोयल एन्क्लेव योजना के लिए अधिग्रहीत की थी। सितंबर 2012 में जीडीए की 130वीं बोर्ड बैठक में प्रभावित किसानों को 6 फीसदी विकसित भूखंड देने पर सहमति बनी थी। कई किसानों ने विकास शुल्क जमा भी कर दिया था, लेकिन 14 साल तक उन्हें भूखंड नहीं मिला।
विज्ञापन
2014 से किसान मांग पर अड़े हैं और धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। अशोक कुमार और दिनेश कुमार ने मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचाया, जिसके बाद जीडीए टीम ने किसानों से मिलकर जल्द आवंटन का आश्वासन दिया है।
जीडीए सचिव विवेक मिश्रा ने बताया कि अभी तक 39 किसानों के आवेदन आए हैं। अन्य प्रभावित किसानों को एक हफ्ते का मौका दिया गया है। विकास शुल्क का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने वाले किसानों की रसीद वेरिफाई कर 6 फीसदी के हिसाब से इंद्रप्रस्थ योजना में विकसित भूखंड आवंटित किए जाएंगे।
विज्ञापन
बता दें कि 1991 में जीडीए ने भोपुरा गांव की करीब 91 एकड़ जमीन कोयल एन्क्लेव योजना के लिए अधिग्रहीत की थी। सितंबर 2012 में जीडीए की 130वीं बोर्ड बैठक में प्रभावित किसानों को 6 फीसदी विकसित भूखंड देने पर सहमति बनी थी। कई किसानों ने विकास शुल्क जमा भी कर दिया था, लेकिन 14 साल तक उन्हें भूखंड नहीं मिला।
विज्ञापन
2014 से किसान मांग पर अड़े हैं और धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। अशोक कुमार और दिनेश कुमार ने मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचाया, जिसके बाद जीडीए टीम ने किसानों से मिलकर जल्द आवंटन का आश्वासन दिया है।