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Ghaziabad News: आबादी के बीच चल रही पटाखा फैक्टरी में धमाका, तीन की मौत
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लोनी। कोतवाली क्षेत्र के रूपनगर कॉलोनी में घनी आबादी के बीच चोरी छिपे चल रही पटाखा बनाने की दो मंजिला फैक्टरी शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे धमाके के साथ ढह गई। इस दौरान फैक्टरी में काम करने वाले तीन बच्चे, तीन महिलाएं, एक किशोर और एक युवक मलबे में दब गए। मलबे से निकालकर घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने अलीना (8), अलीशा (9) और इमरान (17) को मृत घोषित कर दिया है।
रूपनगर कॉलोनी में दिल्ली निवासी व्यक्ति का दो मंजिला मकान है। मकान मालिक ने लोनी निवासी सारिक को किराए पर दे रखा था। कॉलोनी निवासी आदिल ने बताया कि इस मकान में अवैध रूप से पटाखा बनाने का काम चल रहा था। मेबिश पत्नी फिरोज अपने दो बेटे इमरान और फरदीन के साथ यहां काम करती थी। इसके अलावा शाहिस्ता पति शकील अपनी दो बेटियों अलीना और अलीशा, गीता पत्नी सोनू और नूरी पुत्री फरमान भी इस फैक्टरी में काम करते थे। इमारत के गिरते ही चीख पुकार मच गई। फैक्टरी में काम कर रहे सभी लोग मलबे में दब गए। धमाके की आवाज सुनकर पड़ोस में रहने वाले उदित, सुरेंद्र, शिवा, संदीप समेत और कुछ लोग बाहर आए।
बाहर आकर देखा, तो धूल और धुएं का गुब्बार बना हुआ था। कुछ देर बाद धुआं छटा तो लोगों को मकान गिरा हुआ दिखाई दिया। मलबे में दबे लोग मदद की गुहार लगा रहे थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत मलबे में दबे लोगों को निकालना शुरू कर दिया। इस दौरान मेबिश, शाहिस्ता के परिजन और आसपास के लोग भी आ गए। पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। वह भी लोगों को मलबे से निकालने में जुट गई। एक के बाद एक मलबे में दबे 7 बच्चों, महिलाओं और युवकों को बाहर निकाला। कुछ घायलों को लोग अपने ऑटो में डालकर अस्पताल ले गए।
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फायर ब्रिगेड, पालिका और एनडीआरएफ की टीम को बुलाया
सात महिलाओं, बच्चों और युवकों को बाहर निकालने के बाद लोगों का कहना था कि अभी और भी लोग मलबे में दबे हैं। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए फायर ब्रिगेड, नगर पालिका की टीम को रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। करीब दो घंटे बाद मलबे में दबे इमरान को बाहर निकाला गया। इमरान को एबुलेंस के माध्यम से अस्पताल में भर्ती कराया, जहां कुछ देर बाद उपचार के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया।
बारिश से एक घंटे रुका बचाव अभियान
करीब एक बजे तेज बारिश के बीच बचाव अभियान को रोक दिया गया। बारिश बंद होने पर करीब सवा दो बजे दोबारा अभियान शुरू किया गया। इस बीच एनडीआरएफ और डॉग स्क्वाइड की टीम को बुलाया गया। उन्होंने सर्च अभियान चलाया।
फटा हुआ सिलिंडर और पटाखों के खोखे मिले
घायलों को मलबे से निकालने के बाद पुलिस ने सर्च अभियान चलाया। पुलिस को मौके से एक फटा हुआ छोटा सिलिंडर मिला है। गनीमत रही कि यहां रखा बड़ा सिलिंडर नहीं फटा वरना हादसा और भी बड़ा हो सकता था। मौके से पुलिस टीम को पटाखों के खाली खोखे भी मिले हैं। वहीं धमाके के चलते दो मकानों में दरारें भी आ गई।
एसीपी रजनीश कुमार उपाध्याय ने बताया कि घटना कैसे घटी, इसकी जांच की जा रही है। आसपास के लोग सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। किरायेदार सारिक मौके से फरार है। पुलिस उसकी तलाश रही है।
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रूपनगर कॉलोनी में दिल्ली निवासी व्यक्ति का दो मंजिला मकान है। मकान मालिक ने लोनी निवासी सारिक को किराए पर दे रखा था। कॉलोनी निवासी आदिल ने बताया कि इस मकान में अवैध रूप से पटाखा बनाने का काम चल रहा था। मेबिश पत्नी फिरोज अपने दो बेटे इमरान और फरदीन के साथ यहां काम करती थी। इसके अलावा शाहिस्ता पति शकील अपनी दो बेटियों अलीना और अलीशा, गीता पत्नी सोनू और नूरी पुत्री फरमान भी इस फैक्टरी में काम करते थे। इमारत के गिरते ही चीख पुकार मच गई। फैक्टरी में काम कर रहे सभी लोग मलबे में दब गए। धमाके की आवाज सुनकर पड़ोस में रहने वाले उदित, सुरेंद्र, शिवा, संदीप समेत और कुछ लोग बाहर आए।
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बाहर आकर देखा, तो धूल और धुएं का गुब्बार बना हुआ था। कुछ देर बाद धुआं छटा तो लोगों को मकान गिरा हुआ दिखाई दिया। मलबे में दबे लोग मदद की गुहार लगा रहे थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत मलबे में दबे लोगों को निकालना शुरू कर दिया। इस दौरान मेबिश, शाहिस्ता के परिजन और आसपास के लोग भी आ गए। पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। वह भी लोगों को मलबे से निकालने में जुट गई। एक के बाद एक मलबे में दबे 7 बच्चों, महिलाओं और युवकों को बाहर निकाला। कुछ घायलों को लोग अपने ऑटो में डालकर अस्पताल ले गए।
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फायर ब्रिगेड, पालिका और एनडीआरएफ की टीम को बुलाया
सात महिलाओं, बच्चों और युवकों को बाहर निकालने के बाद लोगों का कहना था कि अभी और भी लोग मलबे में दबे हैं। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए फायर ब्रिगेड, नगर पालिका की टीम को रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। करीब दो घंटे बाद मलबे में दबे इमरान को बाहर निकाला गया। इमरान को एबुलेंस के माध्यम से अस्पताल में भर्ती कराया, जहां कुछ देर बाद उपचार के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया।
बारिश से एक घंटे रुका बचाव अभियान
करीब एक बजे तेज बारिश के बीच बचाव अभियान को रोक दिया गया। बारिश बंद होने पर करीब सवा दो बजे दोबारा अभियान शुरू किया गया। इस बीच एनडीआरएफ और डॉग स्क्वाइड की टीम को बुलाया गया। उन्होंने सर्च अभियान चलाया।
फटा हुआ सिलिंडर और पटाखों के खोखे मिले
घायलों को मलबे से निकालने के बाद पुलिस ने सर्च अभियान चलाया। पुलिस को मौके से एक फटा हुआ छोटा सिलिंडर मिला है। गनीमत रही कि यहां रखा बड़ा सिलिंडर नहीं फटा वरना हादसा और भी बड़ा हो सकता था। मौके से पुलिस टीम को पटाखों के खाली खोखे भी मिले हैं। वहीं धमाके के चलते दो मकानों में दरारें भी आ गई।
एसीपी रजनीश कुमार उपाध्याय ने बताया कि घटना कैसे घटी, इसकी जांच की जा रही है। आसपास के लोग सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। किरायेदार सारिक मौके से फरार है। पुलिस उसकी तलाश रही है।