फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Expectations of builders increased due to tax exemption

Ghaziabad News: कर में छूट से बढ़ी बिल्डरों की उम्मीदें

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 02 Feb 2025 01:03 AM IST
विज्ञापन
Expectations of builders increased due to tax exemption
गाजियाबाद। आम बजट में रियल एस्टेट सेक्टर को सीधे तौर पर तो कोई राहत नहीं मिली है, लेकिन कर में छूट से उनकी उम्मीदों को पंख लगा दिया गया है। हालांकि आम जनता को वार्षिक कमाई पर कर से मिली थोड़ी राहत से इस सेक्टर की उम्मीदें जगी हैं।
विज्ञापन

डेवलपर्स का मानना है कि मध्यम वर्ग को कर में राहत देने से बचत होगी, वह घर के सपने को पूरा करने में मदद करेगा। इससे सेक्टर को गति मिलेगी। ओवरऑल बजट सकारात्मक रहा। कर में राहत जिले में पक्के मकानों के निर्माण में मदद करेगा। यह व्यक्तिगत तौर पर उनके लिए फायदे का सौदा होगा।
विज्ञापन

बिल्डरर्स का कहना है कि किराये की आय पर टीडीएस की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर छह लाख करने से किराये पर निर्भर लोगों को फायदा होगा। 12 लाख तक की आय को करमुक्त करने से मध्यवर्गीय लोगों के पास भविष्य में रियल एस्टेट में निवेश के लिए ज्यादा रकम होगी। सरकार का ध्यान संरचनात्मक विकास पर है, जिससे शहरी विकास में तेजी आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

मध्यम वर्ग को होगा सबसे अधिक लाभ
एएनएसए प्रॉप्रर्टी ग्रुप के डायरेक्टर सौरभ सिंघल ने बताया कि मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए घर एक बड़ी जरूरत है। रियल एस्टेट के क्षेत्र के लिए कोई घोषणा नहीं होना थोड़ा निराशाजनक है, लेकिन लोगों के खरीदने की क्षमता में इजाफा होगा। तो घर की भी मांग बढ़ेगी।
तैयार किया है भविष्य का बजट : वीवीआईपी ग्रुप के एमडी विभोर त्यागी ने बताया कि बजट को भविष्य के हिसाब से तैयार किया गया है। समाज के सभी आय वर्ग के लोगों को इससे लाभ मिलेगा। उद्यम को बढ़ावा मिलने से रोजगार के अवसर पैदा होंगे। जिसका फायदा यहां के बिल्डरर्स को भी होगा। लोग कम बजट वाले घर को विकल्प के रूप में रख सकते हैं।

टीडीएस की सीमा बढ़ने से मिलेगी राहत : वीपी सेल्स एंड मार्केटिंग के उमेश राठौर ने बताया कि टीडीएस की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर छह लाख करने से किराये पर निर्भर लोगों को फायदा होगा। वह अपने किराये के रुपये से अपने लिए आवास के विकल्प तलाश सकेंगे।
यह मांगें नहीं हुईं पूरी
- रियल एस्टेट सेक्टर को इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेटस देने और इंडस्ट्री का दर्जा मिले

- लोन सस्ता करने की मांग

- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डेवलपर्स को कर में छूट

- जीएसटी में इनपुट क्रेडिट

- होमलोन पर ब्याज में कमी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed