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राजेश्वर सिंह का नाम आने से भाजपा में रोचक हुई टिकट की लड़ाई
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राजेश्वर सिंह का नाम आने से भाजपा में रोचक हुई टिकट की लड़ाई
गाजियाबाद। 10 लाख से अधिक मतदाताओं वाले प्रदेश के सबसे बड़ी विधानसभा क्षेत्र साहिबाबाद में भाजपा में टिकट की लड़ाई बड़ी रोचक हो गई है। पहले से 12 दावेदार लाइन में हैं। अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में संयुक्त निदेशक रहे राजेश्वर सिंह का नाम आया है। वह स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले चुके हैं। उनसे पहले भी कई बड़े लोगों के नाम इस सीट से चर्चा में चल चुके हैं। एक महीने पहले तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम भी चला था। इसके बाद एमएलसी एके शर्मा का नाम चला। हालांकि, इन दोनों के ही नाम अब चर्चा में नहीं है।
भाजपा में टिकट के लिए पूर्व महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा, सच्चिदानंद शर्मा, सच्चिदानंद राय, खेकड़ा के पूर्व विधायक रूप चौधरी, अनीता शर्मा, सुनीता नागपाल, रूबी अग्रवाल, डॉ. सपना बंसल, तेजपाल राणा पंकज जोशी, वरुण झा, सुभाष गुप्ता, योगेश कुमार ने आवेदन किया है। इनके अलावा भी रोज टिकट के नए दावेदार सामने आ रहे हैं। 2017 में सुनील शर्मा ने इस सीट पर भाजपा की जीत का खाता खोला था। उन्हें 1.5 लाख से ज्यादा वोटों से जीत मिली थी। उन्हें कुल वोट 262741 (62.14 फीसदी) वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के अमरपाल शर्मा को 112056 (26.5 प्रतिशत) वोट मिले थे। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि रविवार को लखनऊ में संसदीय समिति की बैठक हो सकती है। इसमें साहिबाबाद सहित पहले चरण के चुनाव वाली सीटों के उम्मीदवारों पर चर्चा होगी।
पत्नी आईजी, बहनोई एडीजी
राजेश्वर सिंह 1996 में पीपीएस अधिकारी चुने गए थे। सीओ के पद पर रहते उनकी छवि एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की बनी। इसके बाद 2009 में वह ईडी में चले गए। उनके परिवार और रिश्तेदारों में कई अधिकारी हैं। पत्नी लक्ष्मी सिंह लखनऊ रेंज की आईजी हैं। बहनोई राजीव कृष्ण एडीजी आगरा जोन हैं। एक और बहनोई वाईपी सिंह आईपीएस रहे, उन्होंने भी वीआरएस लिया था। एक भाई और एक बहन आयकर में अधिकारी हैं।
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पूर्वांचल के मतदाताओं पर नजर
साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में पूर्वांचल के दो लाख से अधिक वोटर हैं। इंदिरापुरम, खोड़ा, मोहनपुरा में इनकी बड़ी संख्या है। राजेश्वर सिंह पूर्वांचल के ही सुल्तानपुर जिले के पखरौली के मूल निवासी है। अगर उनको टिकट मिलता है तो भाजपा की नजर इन मतदाताओं पर भी रहेगी। वह क्षत्रिय हैं और उनकी जाति के वोटर लगभग एक लाख हैं।
ब्राह्मणों को साधने की होगी चुनौती
2012 में अस्तित्व में आई साहिबाबाद सीट पर दो चुनाव हुए हैं। दोनों बार ब्राह्मण विधायक बने हैं। 2012 में बसपा के अमरपाल शर्मा और 2017 में भाजपा के सुनील शर्मा। दोनों बार दूसरे नंबर पर पर भी ब्राह्मण उम्मीदवार ही रहे। यहां ब्राह्मण मतदाता ही सबसे ज्यादा हैं। इनकी संख्या लगभग ढाई लाख है। अगर राजेश्वर सिंह मैदान में उतरे तो उनके सामने ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की चुनौती होगी। सपा से पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा टिकट के दावेदार हैं।
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गाजियाबाद। 10 लाख से अधिक मतदाताओं वाले प्रदेश के सबसे बड़ी विधानसभा क्षेत्र साहिबाबाद में भाजपा में टिकट की लड़ाई बड़ी रोचक हो गई है। पहले से 12 दावेदार लाइन में हैं। अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में संयुक्त निदेशक रहे राजेश्वर सिंह का नाम आया है। वह स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले चुके हैं। उनसे पहले भी कई बड़े लोगों के नाम इस सीट से चर्चा में चल चुके हैं। एक महीने पहले तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम भी चला था। इसके बाद एमएलसी एके शर्मा का नाम चला। हालांकि, इन दोनों के ही नाम अब चर्चा में नहीं है।
भाजपा में टिकट के लिए पूर्व महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा, सच्चिदानंद शर्मा, सच्चिदानंद राय, खेकड़ा के पूर्व विधायक रूप चौधरी, अनीता शर्मा, सुनीता नागपाल, रूबी अग्रवाल, डॉ. सपना बंसल, तेजपाल राणा पंकज जोशी, वरुण झा, सुभाष गुप्ता, योगेश कुमार ने आवेदन किया है। इनके अलावा भी रोज टिकट के नए दावेदार सामने आ रहे हैं। 2017 में सुनील शर्मा ने इस सीट पर भाजपा की जीत का खाता खोला था। उन्हें 1.5 लाख से ज्यादा वोटों से जीत मिली थी। उन्हें कुल वोट 262741 (62.14 फीसदी) वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के अमरपाल शर्मा को 112056 (26.5 प्रतिशत) वोट मिले थे। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि रविवार को लखनऊ में संसदीय समिति की बैठक हो सकती है। इसमें साहिबाबाद सहित पहले चरण के चुनाव वाली सीटों के उम्मीदवारों पर चर्चा होगी।
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पत्नी आईजी, बहनोई एडीजी
राजेश्वर सिंह 1996 में पीपीएस अधिकारी चुने गए थे। सीओ के पद पर रहते उनकी छवि एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की बनी। इसके बाद 2009 में वह ईडी में चले गए। उनके परिवार और रिश्तेदारों में कई अधिकारी हैं। पत्नी लक्ष्मी सिंह लखनऊ रेंज की आईजी हैं। बहनोई राजीव कृष्ण एडीजी आगरा जोन हैं। एक और बहनोई वाईपी सिंह आईपीएस रहे, उन्होंने भी वीआरएस लिया था। एक भाई और एक बहन आयकर में अधिकारी हैं।
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पूर्वांचल के मतदाताओं पर नजर
साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में पूर्वांचल के दो लाख से अधिक वोटर हैं। इंदिरापुरम, खोड़ा, मोहनपुरा में इनकी बड़ी संख्या है। राजेश्वर सिंह पूर्वांचल के ही सुल्तानपुर जिले के पखरौली के मूल निवासी है। अगर उनको टिकट मिलता है तो भाजपा की नजर इन मतदाताओं पर भी रहेगी। वह क्षत्रिय हैं और उनकी जाति के वोटर लगभग एक लाख हैं।
ब्राह्मणों को साधने की होगी चुनौती
2012 में अस्तित्व में आई साहिबाबाद सीट पर दो चुनाव हुए हैं। दोनों बार ब्राह्मण विधायक बने हैं। 2012 में बसपा के अमरपाल शर्मा और 2017 में भाजपा के सुनील शर्मा। दोनों बार दूसरे नंबर पर पर भी ब्राह्मण उम्मीदवार ही रहे। यहां ब्राह्मण मतदाता ही सबसे ज्यादा हैं। इनकी संख्या लगभग ढाई लाख है। अगर राजेश्वर सिंह मैदान में उतरे तो उनके सामने ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की चुनौती होगी। सपा से पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा टिकट के दावेदार हैं।