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चुनाव ड्यूटी: स्वास्थ्य विभाग होगा पैरालाइज्ड
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Tue, 17 Jan 2017 10:43 PM IST
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चुनाव
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चुनाव में ड्यूटी लगने से स्वास्थ्य विभाग पैरालाइज्ड हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है जबकि अस्पतालों के पास उनके कोई विकल्प नहीं है। यानि अस्पतालों के काम ठप हो जाएगा।
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एमएमजी अस्पताल, संयुक्त जिला अस्पताल, महिला अस्पताल सहित सीएमओ ऑफिस के स्टाफ की ड्यूटी चुनाव में लगाई है। अस्पतालों की साफ-सफाई से लेकर एक्सरे विभाग, हृदय रोग विभाग सभी प्रभावित होंगे।
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एमएमजी के 21, संयुक्त जिला अस्पताल के 14, महिला अस्पताल के छह और सीएमओ ऑफिस के 32 लोगों की ड्यूटी लगाई गई है। एमएमजी अस्पताल में तैनात एकमात्र ईसीजी टेक्नीशियन, एकमात्र इलेक्ट्रिशियन और दो धोबियों की भी ड्यूटी लगाई गई है।
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इनके नहीं होने से हृदय रोग विभाग सहित अगर अस्पताल में कोई बिजली संबंधी गड़बड़ी होती है तो काफी परेशानी होगी। इसके अलावा धोबियों के चले जाने से मरीजों को धुली हुई चादरें नहीं मिलेंगी। संयुक्त जिला अस्पताल में चारों एक्सरे टेक्निशियन की ड्यूटी लगाई गई है, जिससे एक्सरे विभाग भी पूरी तरह बंद हो जाएगा।
सीएमओ ऑफिस में स्टेनो की भी ड्यूटी लगी है, जिससे हेल्थ सर्टिफिकेट बनवाने में दिक्कतें आ सकती हैं। इनके अलावा स्वीपर, वार्ड ब्वॉय सहित बाबू आदि की ड्यूटी लगी है। इन कुछ दिनों तक अस्पताल संविदाकर्मियों के हवाले रहेगा। तीन से सात फरवरी तक पहले चरण की ट्रेनिंग होगी, उसके बाद भी ट्रेनिंग चलती रहेगी।
इस मामले में सीएमओ डा. अजेय अग्रवाल ने कहा कि अगर आवश्यक सेवाएं बाधित होने वाले किसी कर्मचारी की ड्यूटी लगी है तो अस्पतालों के सीएमएस लिस्ट बनाकर प्रशासन को देंगे अगर चुनाव आयोग को सही लगा तो ड्यूटी कट भी सकती है।
गर्भवति महिलाओं के इलाज में 12 दिन होगी परेशानी
तीनों सरकारी अस्पतालों और सीएचसी के स्त्रीरोग विशेषज्ञों की ट्रेनिंग मंगलवार से शुरू हुई है। फैमिली प्लानिंग और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए यह ट्रेनिंग सभी स्त्रीरोग विशेषज्ञों को दी जा रही है।
12 दिनों की इस ट्रेनिंग के कारण सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी हो जाएगी, जिससे ओपीडी प्रभावित रहेगी। सरकारी अस्पतालों में पहले से ही गिने चुने चिकित्सक हैं उसमें से भी 12 दिन की ट्रेनिंग के कारण और कमी आ गई है। मंगलवार को भी ओपीडी में सिर्फ एक डॉक्टर के भरोसे ही महिलाओं की ओपीडी रही।
संयुक्त जिला अस्पताल में बने सिफ्सा के ट्रेनिंग सेंटर में मंगलवार से ट्रेनिंग शुरू हुई है। जिसमें बुलंदशहर से भी डॉक्टर पहुंचे। गाजियाबाद के नोडल अधिकारी एवं संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डा. दिनेश शर्मा ने बताया कि यह ट्रेनिंग 12 वर्किंग डेज की होगी। 17 जनवरी से शुरू हुई ट्रेनिंग 31 जनवरी को समाप्त होगी।
उन्होंने बताया कि सिफ्सा द्वारा ट्रेंड किए गए दो ट्रेनर फैमिली प्लानिंग के अलग-अलग तरीके बताएंगे। इसके अलावा आधुनिक उपकरणों के प्रयोग, मैनपावर का इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। इस सेशन में बुलंदशहर से एक डॉक्टर, दो अंडर सीएमओ और संयुक्त अस्पताल से डा. शारदा शामिल हैं।