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Ghaziabad News: एक नवंबर से दिल्ली नहीं जा सकेंगे जिले के 3.92 लाख वाहन, ट्रांसपोर्टरों को रोजाना 60 लाख के नुकसान का दावा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 25 Oct 2026 02:19 AM IST
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ek november se delhi nahin ja sakenge jile ke 3.92 lakh vahan, transporteron ko rojana 60 lakh ke nuksan ka dawa
लोहा मंडी के पास सड़क से वाहन गुजरने के दौरान उड़ती धूल। संवाद
गाजियाबाद। दिल्ली में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए एक नवंबर से लागू होने जा रही वाहन संबंधी पाबंदियों का असर गाजियाबाद के ट्रांसपोर्ट कारोबार पर भी पड़ेगा। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में 3,92,079 वाहन बीएस-6 श्रेणी से नीचे के हैं। एक नवंबर से ये वाहन दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि इससे कारोबार प्रभावित होगा। ट्रक, बस और टैक्सी ऑपरेटरों ने रोजाना 60 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अंदेशा जताया है।
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एआरटीओ प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत एक नवंबर से दिल्ली में बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक श्रेणी के वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। अधिसूचना के तहत यह रोक 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी। इस दरमियान दिल्ली में अन्य जिलों व राज्यों में पंजीकृत बीएस-6 से नीचे के मानकों वाले वाहनों के संचालन पर रोक रहेगी।
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ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट और अन्य सेवा व्यवस्थाओं के तहत चलने वाले वाहन भी इन नियमों के दायरे में रहेंगे। सिर्फ दिल्ली में पंजीकृत बसों को प्रतिबंध से छूट दी गई है। एआरटीओ ने वाहन स्वामियों व ट्रांसपोर्ट यूनियनों से दिल्ली जाने से पहले अपने वाहनों की उत्सर्जन श्रेणी और लागू नियमों की जांच करने की अपील की है, ताकि असुविधा और दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।
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बढ़ सकता है माल ढुलाई का भाड़ा
गाजियाबाद महानगर गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष मैत्रेय ने कहा कि पुराने वाहनों को दिल्ली जाने से रोकने से ट्रांसपोर्टरों का कारोबार प्रभावित होगा। उनके मुताबिक, शहर के करीब 90 प्रतिशत वाहन दिल्ली नहीं जा सकेंगे। इससे दिल्ली से माल लाने और वहां माल भेजने में परेशानी होगी। उन्होंने आशंका जताई कि दिल्ली में प्रवेश की अनुमति पाने वाले वाहन भाड़ा बढ़ा सकते हैं, जिससे माल ढुलाई महंगी होने के साथ वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जिन वाहन स्वामियों के वाहन नहीं चल सकेंगे, उनके सामने चालकों को रोजगार देने और वाहनों की किस्तें चुकाने का संकट खड़ा होगा। इससे परिवहन क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की आजीविका भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों को लेकर ट्रांसपोर्टरों में नाराजगी है।

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रोजाना 1500 से अधिक व्यावसायिक वाहनों का आवागमन
गाजियाबाद टूरिस्ट बस एंड टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष संदीप त्यागी ने बताया कि गाजियाबाद से दिल्ली के बीच रोजाना 1,500 से अधिक व्यावसायिक वाहनों का आवागमन होता है। इनमें बसों के साथ ट्रक और टैक्सी भी शामिल हैं। उनके मुताबिक, छोटे वाहनों का किराया 3,000 से 4,000 रुपये और बड़े ट्रकों व बसों का किराया 5,000 से 7,000 रुपये तक होता है। ऐसे में प्रतिबंधों के कारण ट्रांसपोर्टरों को रोजाना 60 लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है।
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जिले में बीएस-6 से नीचे के वाहन
डीजल वाहन
कृषि ट्रैक्टर : 11,662
कार : 22,096
अन्य : 994
कुल : 34,752
पेट्रोल वाहन
बाइक : 3,18,386
कार : 38,573
अन्य : 368
कुल : 3,57,327
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