{"_id":"581ce5e94f1c1bae31438af4","slug":"duda-permits-not-to-the-delivery-of-e-rickshaw-stuck","type":"story","status":"publish","title_hn":"डूडा ने परमिट लिए नहीं, ई-रिक्शा का वितरण अटका ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डूडा ने परमिट लिए नहीं, ई-रिक्शा का वितरण अटका
ब्यूरो/ अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 05 Nov 2016 01:18 AM IST
विज्ञापन
ई-रिक्शा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सपा सरकार ने पंजीकृत रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा दिए जाने की औपचारिक शुरूआत तो कर दी, लेकिन यह योजना अब अटक गई। डूडा ने अभी तक ई-रिक्शा के पंजीकरण के लिए संभागीय परिवहन विभाग में आवेदन भी नहीं किए।
ऐसे में इन्हें परमिट नहीं मिल सके। बिना परमिट यह ई-रिक्शा सड़कों पर नहीं उतर पा रहीं। गाजियाबाद में 361 ई रिक्शा बांटे जाने हैं, जबकि हापुड़ के लिए 101 और बुलंदशहर में 500 ई-रिक्शे बांटे जाएंगे।
सड़क पर कोई भी वाहन चालने के लिए आरटीओ में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। शासन की ओर से सामान्य रिक्शा चालकों को मुफ्त में ई-रिक्शा दिया जाना है। इसकी पूरी प्रक्रिया हो चुकी है।
विज्ञापन
एआरटीओ (प्रशासन) विश्वजीत सिंह ने बताया कि ई-रिक्शा को वितरित करने से पहले उसका परमिट जारी किया जाएगा। परमिट की धनराशि एकमुश्त ली जाएगी जो शासन द्वारा वहन की जाएगी। डूडा को कागजी कार्रवाई करनी है। प्रति ई रिक्शा के लिए 22800 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस है, जो एकमुश्त ली जाएगी।
उन्होंने बताया कि परमिट के लिए डूडा से अभी तक किसी अधिकारी ने संपर्क नहीं किया है। जब तक परमिट फीस जमा नहीं होगी तब तक रिक्शा सड़कों पर नहीं आएंगे। यह फीस डूडा अधिकारी कैश जमा कराएंगे।
उधर, डूडा के परियोजना अधिकारी इंद्र सेन सिंह का कहना है कि फेस्टिव सीजन की वजह से काम नहीं हो पाया। ई-रिक्शा के पंजीकरण और पात्र लोगों के लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन भेजे जा रहे हैं। जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। परमिट फीस का भुगतान भी डूडा करेगा।
विज्ञापन
ऐसे में इन्हें परमिट नहीं मिल सके। बिना परमिट यह ई-रिक्शा सड़कों पर नहीं उतर पा रहीं। गाजियाबाद में 361 ई रिक्शा बांटे जाने हैं, जबकि हापुड़ के लिए 101 और बुलंदशहर में 500 ई-रिक्शे बांटे जाएंगे।
विज्ञापन
सड़क पर कोई भी वाहन चालने के लिए आरटीओ में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। शासन की ओर से सामान्य रिक्शा चालकों को मुफ्त में ई-रिक्शा दिया जाना है। इसकी पूरी प्रक्रिया हो चुकी है।
विज्ञापन
एआरटीओ (प्रशासन) विश्वजीत सिंह ने बताया कि ई-रिक्शा को वितरित करने से पहले उसका परमिट जारी किया जाएगा। परमिट की धनराशि एकमुश्त ली जाएगी जो शासन द्वारा वहन की जाएगी। डूडा को कागजी कार्रवाई करनी है। प्रति ई रिक्शा के लिए 22800 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस है, जो एकमुश्त ली जाएगी।
उन्होंने बताया कि परमिट के लिए डूडा से अभी तक किसी अधिकारी ने संपर्क नहीं किया है। जब तक परमिट फीस जमा नहीं होगी तब तक रिक्शा सड़कों पर नहीं आएंगे। यह फीस डूडा अधिकारी कैश जमा कराएंगे।
उधर, डूडा के परियोजना अधिकारी इंद्र सेन सिंह का कहना है कि फेस्टिव सीजन की वजह से काम नहीं हो पाया। ई-रिक्शा के पंजीकरण और पात्र लोगों के लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन भेजे जा रहे हैं। जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। परमिट फीस का भुगतान भी डूडा करेगा।