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Ghaziabad News: सहकर्मियों और मरीजों को रुला गए डॉ. आलोक, एमएमजी में दी गई अंतिम विदाई

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2026 02:18 AM IST
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Dr. Alok leaves colleagues and patients in tears; final farewell bid at MMG.

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गाजियाबाद। मरीजों का इलाज करते हुए जिन गलियारों में डॉ. आलोक रंजन की आवाज गूंजती थी, मंगलवार सुबह उन्हीं गलियारों से उनके पार्थिव शरीर की विदाई हुई। एमएमजी अस्पताल में डॉ. आलोक के अंतिम दर्शन के लिए चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारी जुटे तो उनके सहज व विनम्र व्यवहार की याद में कई आंखें छलक पड़ीं। सुबह करीब पांच बजे अस्पताल में श्रद्धांजलि सभा हुई। इसके बाद परिजन पार्थिव शरीर लेकर पूर्वी चंपारण, बिहार के लिए रवाना हो गए।
एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन के दिल में छेद था। इसके उपचार के लिए वह 20 सितंबर को दिल्ली के ओखला स्थित फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट गए थे। वहां 22 सितंबर को दिल का ऑपरेशन होने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। कई दिनों तक उपचार के बाद सोमवार देर रात उनका निधन हो गया। वह महज 47 वर्ष के थे। मंगलवार तड़के उनका पार्थिव शरीर एमएमजी अस्पताल लाया गया।
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पार्थिव शरीर अस्पताल पहुंचते ही उनके सहकर्मियों और कर्मचारियों के अलावा गाजियाबाद, नोएडा और हापुड़ से स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे। किसी ने फूल चढ़ाए तो किसी ने हाथ जोड़कर श्रद्धांजलि दी। उनके साथ काम करने वाले चिकित्सकों ने डॉ. आलोक के सरल स्वभाव और सभी से सम्मानपूर्वक बात करने के व्यवहार को याद किया। सीएमओ डॉ. सचिन चंद वैश्य, प्रांतीय चिकित्सक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. एके दीक्षित और महासचिव डॉ. प्रदीप यादव ने उनके निधन को स्वास्थ्य विभाग के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
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एमएमजी की ओपीडी रही बंद
डॉ. आलोक के निधन से पूरा दिन एमएमजी अस्पताल का माहौल गमगीन रहा। चिकित्सकों से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तक हर आंख नम थी। शोक के चलते एमएमजी अस्पताल की ओपीडी पूरी तरह बंद रही। महिला अस्पताल, संयुक्त जिला अस्पताल और 50 बेड डूंडाहेड़ा अस्पताल में ओपीडी आधे दिन ही संचालित हुई। इन अस्पतालों में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत चिकित्सक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। डॉ. आलोक के परिवार में पत्नी व छह वर्षीय बेटी के अलावा वृद्ध माता-पिता और दो भाई हैं।
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