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डीएल के कंप्यूटर टेस्ट में अंग्रेजी ने छुड़ाए पसीने
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Thu, 18 Aug 2016 01:02 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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आरटीओ में लर्निंग डीएल बनवाने के लिए जा रहे कंप्यूटर टेस्ट में अब नया पेंच फंस गया है। बुधवार को 80 फीसदी आवेदक अंग्रेजी के प्रश्नों में फेल हो गए। वहीं पेंडिंग फार्म के कारण भी शुरुआत में दिक्कतें आईं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही व्यवस्था सुचारु हो जाएगी।
लर्निंग डीएल बनवाने के लिए आवेदकों को अब कंप्यूटर टेस्ट देना पड़ता है। जो आवेदक टेस्ट में फेल हो जाते हैं, उन्हेें दोबारा टेस्ट देने के लिए एक सप्ताह के बाद मौका मिलेगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक टेस्ट देने में आवेदकों को परेशानी हो रही है।
टेस्ट अंग्रेजी भाषा में पूछा जाता है। 15 प्रश्नों के लिए आवेदकों को 16 मिनट का समय मिलता है। प्रश्न को समझने में यदि समय लगे तो निश्चित अवधि के बाद प्रश्न कंप्यूटर स्क्रीन पर से हट जाएगा।
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हिंदी भाषा में ये प्रश्न और उलझाने वाले हैं, क्योंकि अंग्रेजी के प्रश्नों को हिंदी में ट्रांसलेट करके बनाए गए हैं। यह कार्य दक्षिण भारत की एक फर्म ने किया है। उधर, बुधवार को टेस्ट देने आए करीब 220 आवेदकों में से 80 फीसदी आवेदक फेल हो गए।
वहीं बिजली जाने पर लर्निंग विभाग में कंप्यूटर भी बंद हो जाते हैं। आवेदकों को बीच में ही उठना पड़ता है। दूसरी ओर पेंडिंग फार्मों को निपटाने में अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। आरआई राजेंद्र सिंह का कहना है कि टेस्ट में फेल होने पर आवेदक को तीन बार मौका मिलेगा। उसके बाद यदि वह फेल होता है तो दोबारा से फार्म भरना पड़ेगा।
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लर्निंग डीएल बनवाने के लिए आवेदकों को अब कंप्यूटर टेस्ट देना पड़ता है। जो आवेदक टेस्ट में फेल हो जाते हैं, उन्हेें दोबारा टेस्ट देने के लिए एक सप्ताह के बाद मौका मिलेगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक टेस्ट देने में आवेदकों को परेशानी हो रही है।
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टेस्ट अंग्रेजी भाषा में पूछा जाता है। 15 प्रश्नों के लिए आवेदकों को 16 मिनट का समय मिलता है। प्रश्न को समझने में यदि समय लगे तो निश्चित अवधि के बाद प्रश्न कंप्यूटर स्क्रीन पर से हट जाएगा।
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हिंदी भाषा में ये प्रश्न और उलझाने वाले हैं, क्योंकि अंग्रेजी के प्रश्नों को हिंदी में ट्रांसलेट करके बनाए गए हैं। यह कार्य दक्षिण भारत की एक फर्म ने किया है। उधर, बुधवार को टेस्ट देने आए करीब 220 आवेदकों में से 80 फीसदी आवेदक फेल हो गए।
वहीं बिजली जाने पर लर्निंग विभाग में कंप्यूटर भी बंद हो जाते हैं। आवेदकों को बीच में ही उठना पड़ता है। दूसरी ओर पेंडिंग फार्मों को निपटाने में अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। आरआई राजेंद्र सिंह का कहना है कि टेस्ट में फेल होने पर आवेदक को तीन बार मौका मिलेगा। उसके बाद यदि वह फेल होता है तो दोबारा से फार्म भरना पड़ेगा।