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Ghaziabad News: 15 लाख की पावर प्रेस मशीन की डील पर विवाद, कोर्ट ने पुलिस जांच से किया इनकार
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गाजियाबाद। पावर प्रेस मशीन खरीदने के लिए करीब 15 लाख रुपये की डील से जुड़े विवाद में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या एक ने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच करने का आदेश देने से इनकार कर दिया। अदालत ने साहिल जैन की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने प्रथमदृष्टया इसे रुपयों के लेनदेन से जुड़ा विवाद माना है। अब आवेदक के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके लिए पत्रावली आठ दिसंबर 2026 को पेश होगी।
साहिल जैन ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह मैसर्स वर्धमान स्टील्स के नाम से स्टील के हिंज बनाने का कारोबार करते हैं। कारोबार के लिए उन्हें पावर प्रेस मशीन की आवश्यकता थी। इसी सिलसिले में उन्होंने 24 जुलाई 2024 को सोशल साइट के संपर्क के आधार पर कर्णवीर सिंह से फोन पर बातचीत की। आरोप है कि कर्णवीर ने खुद को औद्योगिक पावर प्रेस मशीन बनाने और आपूर्ति करने के कारोबार से जुड़ा बताया।
साहिल के अनुसार, कर्णवीर के बुलाने पर वह छह अगस्त 2024 को अपने पिता राहुल जैन के साथ पंजाब स्थित गुजरी इंडस्ट्रीज इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के कारखाने पहुंचे। वहां कर्णवीर सिंह और अवतार सिंह से मुलाकात हुई। दोनों ने मशीन को आवेदक की जरूरत के अनुसार तैयार कर निर्धारित समय में उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। इसके बाद सात अगस्त 2024 को कंपनी की ओर से कोटेशन जारी किया गया, जिसमें पावर प्रेस मशीन की कीमत 14.99 लाख रुपये निर्धारित की गई थी।
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आरोप है कि विपक्षियों के आश्वासन और दावों के आधार पर उसने मशीन खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। बाद में विवाद होने पर उसने थाना कोतवाली और पुलिस के उच्च अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत अदालत में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराने की मांग की।
सुनवाई के दौरान अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार प्रथम ने कहा कि प्रथम दृष्टया दोनों पक्षों के बीच पैसों के लेनदेन का विवाद प्रतीत होता है। प्रत्येक मामले में पुलिस से जांच कराने का आदेश देना आवश्यक नहीं है।
साहिल जैन ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह मैसर्स वर्धमान स्टील्स के नाम से स्टील के हिंज बनाने का कारोबार करते हैं। कारोबार के लिए उन्हें पावर प्रेस मशीन की आवश्यकता थी। इसी सिलसिले में उन्होंने 24 जुलाई 2024 को सोशल साइट के संपर्क के आधार पर कर्णवीर सिंह से फोन पर बातचीत की। आरोप है कि कर्णवीर ने खुद को औद्योगिक पावर प्रेस मशीन बनाने और आपूर्ति करने के कारोबार से जुड़ा बताया।
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साहिल के अनुसार, कर्णवीर के बुलाने पर वह छह अगस्त 2024 को अपने पिता राहुल जैन के साथ पंजाब स्थित गुजरी इंडस्ट्रीज इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के कारखाने पहुंचे। वहां कर्णवीर सिंह और अवतार सिंह से मुलाकात हुई। दोनों ने मशीन को आवेदक की जरूरत के अनुसार तैयार कर निर्धारित समय में उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। इसके बाद सात अगस्त 2024 को कंपनी की ओर से कोटेशन जारी किया गया, जिसमें पावर प्रेस मशीन की कीमत 14.99 लाख रुपये निर्धारित की गई थी।
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आरोप है कि विपक्षियों के आश्वासन और दावों के आधार पर उसने मशीन खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। बाद में विवाद होने पर उसने थाना कोतवाली और पुलिस के उच्च अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत अदालत में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराने की मांग की।
सुनवाई के दौरान अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार प्रथम ने कहा कि प्रथम दृष्टया दोनों पक्षों के बीच पैसों के लेनदेन का विवाद प्रतीत होता है। प्रत्येक मामले में पुलिस से जांच कराने का आदेश देना आवश्यक नहीं है।