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Ghaziabad News: सीएम से मुलाकात नहीं कराई, नाराज भाजपाइयों ने चाय-नाश्ते पर खर्च रकम डीएम को लौटाई
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भाजपा के वरिष्ठ नेता द्वारा लिखा गया पत्र।
गाजियाबाद। प्रताप विहार स्थित जल निगम के गेस्ट हाउस में रविवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंचे भाजपा के पूर्व सांसद और पूर्व विधायक समेत 12 भाजपाई उस वक्त नाराज हो गए जब प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें मुख्यमंत्री के कक्ष में मिलने के लिए न जाने दिया। नाराज होकर जब भाजपाई जाने लगे तो डीएम ने कहा हमने आपको पूरा सम्मान दिया और चाय भी पिलाई। इस पर भाजपाइयों ने लिफाफे में चिट्ठी और 700 रुपये भेजकर कहा कि डीएम साहब हम चाय के पैसे लीजिए लेकिन अपमान नहीं सहेंगे।
शनिवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिले के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा करने पहुंचे थे। रात्रि में उन्होंने गेस्ट हाउस में प्रवास किया। सुबह करीब नौ बजे पूर्व सांसद रमेश चंद्र तोमर, पूर्व विधायक रुप चौधरी, कृष्णवीर सिरोही, प्रशांत चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पृथ्वी सिंह, प्रदेश संयोजक अजय शर्मा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पवन गोयल, पूर्व महानगर अध्यक्ष विजय मोहन, वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल स्वामी, वीरेश्वर त्यागी, पूर्व पार्षद राजेंद्र त्यागी, सरदार एसपी सिंह पास के साथ मुख्यमंत्री से मिलने गेस्ट हाउस पहुंचे। नेताओं को गेस्ट रूम में बैठा दिया गया और चाय-नाश्ता परोसा गया। कहा गया कि अभी थोड़ी देर में बुलाया जाएगा।
नेताओं का आरोप है कि थोड़ी देर बाद प्रशासन के अधिकारियों ने हाॅल में आकर कहा कि मुख्यमंत्री जी निकल रहे हैं आप लोग लाइनअप हो जाइए और नमस्कार कर लीजिए। यह बात सभी भाजपाइयों को नागवार गुजरी। अपमानित महसूस कर सारे लोग हाल से बाहर निकल आए। नेताओं का कहना है कि जब वे लोग बाहर जाने लगे तो अधिकारियों ने उनसे कहा कि चाय तो पिलाई गई है। इस पर नेताओं ने डीएम से कहा कि आपकी व्यवस्था ठीक नहीं है, हम लोग यहां चाय पीने नहीं बल्कि मुख्यमंत्री से मिलने आए थे। नेताओं की ओर से डीएम को शिकायती पत्र के साथ चाय-नाश्ते पर खर्च हुई रकम की एवज में 700 रुपये लिफाफे में रखकर लौटा दिए गए हैं।
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डीएम राकेश कुमार सिंह का कहना है कि भाजपा महानगर इकाई ने जिस प्रयोजन के लिए पुलिस को पास जारी करने की लिस्ट भेजी थी पुलिस ने उसी प्रकार का पास जारी किया था। प्राॅक्सिमिटी पास जारी नहीं था और न ही मिलने का किसी के द्वारा अनुरोध किया गया था। अगर मिलने का कार्यक्रम पहले से तय होता तो सीएम प्रोटोकॉल के अनुसार उनके कार्यालय से अनुमति ले ली जाती।
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शनिवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिले के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा करने पहुंचे थे। रात्रि में उन्होंने गेस्ट हाउस में प्रवास किया। सुबह करीब नौ बजे पूर्व सांसद रमेश चंद्र तोमर, पूर्व विधायक रुप चौधरी, कृष्णवीर सिरोही, प्रशांत चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पृथ्वी सिंह, प्रदेश संयोजक अजय शर्मा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पवन गोयल, पूर्व महानगर अध्यक्ष विजय मोहन, वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल स्वामी, वीरेश्वर त्यागी, पूर्व पार्षद राजेंद्र त्यागी, सरदार एसपी सिंह पास के साथ मुख्यमंत्री से मिलने गेस्ट हाउस पहुंचे। नेताओं को गेस्ट रूम में बैठा दिया गया और चाय-नाश्ता परोसा गया। कहा गया कि अभी थोड़ी देर में बुलाया जाएगा।
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नेताओं का आरोप है कि थोड़ी देर बाद प्रशासन के अधिकारियों ने हाॅल में आकर कहा कि मुख्यमंत्री जी निकल रहे हैं आप लोग लाइनअप हो जाइए और नमस्कार कर लीजिए। यह बात सभी भाजपाइयों को नागवार गुजरी। अपमानित महसूस कर सारे लोग हाल से बाहर निकल आए। नेताओं का कहना है कि जब वे लोग बाहर जाने लगे तो अधिकारियों ने उनसे कहा कि चाय तो पिलाई गई है। इस पर नेताओं ने डीएम से कहा कि आपकी व्यवस्था ठीक नहीं है, हम लोग यहां चाय पीने नहीं बल्कि मुख्यमंत्री से मिलने आए थे। नेताओं की ओर से डीएम को शिकायती पत्र के साथ चाय-नाश्ते पर खर्च हुई रकम की एवज में 700 रुपये लिफाफे में रखकर लौटा दिए गए हैं।
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डीएम राकेश कुमार सिंह का कहना है कि भाजपा महानगर इकाई ने जिस प्रयोजन के लिए पुलिस को पास जारी करने की लिस्ट भेजी थी पुलिस ने उसी प्रकार का पास जारी किया था। प्राॅक्सिमिटी पास जारी नहीं था और न ही मिलने का किसी के द्वारा अनुरोध किया गया था। अगर मिलने का कार्यक्रम पहले से तय होता तो सीएम प्रोटोकॉल के अनुसार उनके कार्यालय से अनुमति ले ली जाती।