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Diarrhoea cases in Ghaziabad: डायरिया से दो बच्चों की मौत,पांच घर से लिए गए पानी के नमूने में चार फेल
Sun, 24 Jul 2022 07:37 AM IST
किरन रौतेला
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
Published by: किरन रौतेला
Updated Sun, 24 Jul 2022 07:37 AM IST
सार
जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना के आगमन को लेकर दोनों मौत को स्वास्थ्य विभाग में छिपा लिया। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चों की मौत 20 और 21 जुलाई को हुई है।
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डायरिया के मरीज अस्पताल में भर्ती
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विस्तार
डायरिया के कारण हो रही मौत के आंकड़े थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। गाजियाबाद के स्वर्ण जयंती पुरम में डायरिया की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि 4 बच्चों का अभी अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर सर्वे किया है। शुक्रवार को जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना के आगमन को लेकर दोनों मौत को स्वास्थ्य विभाग में छिपा लिया। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चों की मौत 20 और 21 जुलाई को हुई है।
मामले की जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वर्ण जयंती पुरम के ईडब्ल्यूएस फ्लैटों का सर्वे किया इसमें 70 घरों के आसपास गंदगी और दूषित पानी मिला हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 20 व्यक्तियों और 17 बच्चों को दवाइयां दी है। 36 लोगों को ओआरएस घोल दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए पानी के 5 सैंपल में 4 नमूने फेल पाए गए हैं।
सीएमओ डॉ भवतोष शंखधार ने जिलाधिकारी को भेजी रिपोर्ट में बताया कि स्वर्ण जयंती पुरम के अनिल के 5 वर्षीय बेटे कृष्णा को उल्टी दस्त की परेशानी होने पर गोविंदपुरा में स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत में सुधार नहीं होने पर वहां से संयुक्त अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल में बच्चे की स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर के लिए रेफर किया था, लेकिन अनिल बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाय घर लेकर चला गया था जहां उसकी मौत हो गई। परिवार में 4 साल की बेटी तन्नू है, जबकि उसकी मां की पहले ही मौत हो चुकी थी।
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दूसरे मामले में पड़ोस में रहने वाले मनोहर की 7 वर्षीय बेटी अनिका को उल्टी दस्त की शिकायत हुई थी। उसकी भी मौत घर पर ही हो गई। छोटी बेटी अंशु को उल्टी दस्त की शिकायत होने पर संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उसकी हालत में सुधार है।
इसके अलावा पड़ोस में ही रहने वाले दो सगे भाई साजन 8 वर्ष और सोनू 4 वर्ष को उल्टी दस्त होने पर एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, स्वास्थ्य में सुधार होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की जांच में मौके पर गंदगी मिली है। घरों के आसपास सुअर घूमते रहते हैं। इसके अलावा पेयजल में सीवर के पाइप लाइन मिली हुई है। अलग-अलग पांच घरों से लिए गए पानी के चार नमूने फेल पाए गए हैं।
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मामले की जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वर्ण जयंती पुरम के ईडब्ल्यूएस फ्लैटों का सर्वे किया इसमें 70 घरों के आसपास गंदगी और दूषित पानी मिला हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 20 व्यक्तियों और 17 बच्चों को दवाइयां दी है। 36 लोगों को ओआरएस घोल दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए पानी के 5 सैंपल में 4 नमूने फेल पाए गए हैं।
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सीएमओ डॉ भवतोष शंखधार ने जिलाधिकारी को भेजी रिपोर्ट में बताया कि स्वर्ण जयंती पुरम के अनिल के 5 वर्षीय बेटे कृष्णा को उल्टी दस्त की परेशानी होने पर गोविंदपुरा में स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत में सुधार नहीं होने पर वहां से संयुक्त अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल में बच्चे की स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर के लिए रेफर किया था, लेकिन अनिल बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाय घर लेकर चला गया था जहां उसकी मौत हो गई। परिवार में 4 साल की बेटी तन्नू है, जबकि उसकी मां की पहले ही मौत हो चुकी थी।
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दूसरे मामले में पड़ोस में रहने वाले मनोहर की 7 वर्षीय बेटी अनिका को उल्टी दस्त की शिकायत हुई थी। उसकी भी मौत घर पर ही हो गई। छोटी बेटी अंशु को उल्टी दस्त की शिकायत होने पर संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उसकी हालत में सुधार है।
इसके अलावा पड़ोस में ही रहने वाले दो सगे भाई साजन 8 वर्ष और सोनू 4 वर्ष को उल्टी दस्त होने पर एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, स्वास्थ्य में सुधार होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की जांच में मौके पर गंदगी मिली है। घरों के आसपास सुअर घूमते रहते हैं। इसके अलावा पेयजल में सीवर के पाइप लाइन मिली हुई है। अलग-अलग पांच घरों से लिए गए पानी के चार नमूने फेल पाए गए हैं।