फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Development work in Integrated Township is incomplete, action is being taken

Ghaziabad News: इंटीग्रेटेड टाउनशिप में विकास कार्य अधूरे, कार्रवाई की तैयारी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 06 Feb 2026 01:31 AM IST
विज्ञापन
Development work in Integrated Township is incomplete, action is being taken
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित की जा रही छह इंटीग्रेटेड टाउनशिप में विकास कार्यों की हकीकत सामने आने के बाद प्राधिकरण ने बिल्डरों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। जांच में सामने आया है कि कई टाउनशिप में सड़कें, ड्रेनेज, सीवर, स्ट्रीट लाइट, हरित पट्टी और अन्य बुनियादी सुविधाएं तय मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इंटीग्रेटेड टाउनशिप के नाम पर नियमों की अनदेखी किए जाने से जीडीए ने नाराजगी जताई है।
विज्ञापन


प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन बिल्डरों ने तय शर्तों के अनुसार विकास कार्य नहीं कराए हैं, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। अविकसित क्षेत्रों को विकसित करने के लिए संबंधित बिल्डरों से 80 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से विकास शुल्क वसूला जाएगा। दिसंबर में बिल्डरों के साथ अधिकारियों की हुई बैठक में बिल्डरों से मानक के अनुरूप टाउनशिप को विकसित न करने पर स्पष्टीकरण मांगा गया था। बिल्डरों की ओर से विकास कार्यों को कराने के लिए समय की मांग की गई थी। शासन के निर्देश पर तीन महीने के अंदर बिल्डरों से समय विस्तार के लिए आवेदन मांगे गए थे। जीडीए अधिकारियों का कहना है कि नौ फरवरी को दो महीने पूरे हो जाएंगे, लेकिन अभी तक समय विस्तार के लिए कोई आवेदन नहीं आए हैं।
विज्ञापन

जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्रा का कहना है कि नौ मार्च तक आवेदन करने का समय है। तय समय सीमा में आवेदन नहीं करने या विकास शुल्क जमा नहीं करने की स्थिति में संबंधित परियोजनाओं का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई पर अमल किया जा सकता है। 2005-06 में इंटीग्रेटेड टाउनशिप की योजना शुरू की गई थी। नए बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार जीडीए से स्वीकृत ले-आउट के मुताबिक तय समय में विकास नहीं कराने वाले विकासकर्ता को समय विस्तार का मौका दिया गया है, लेकिन उसे 80 हजार रुपये प्रति एकड़ के अनुसार विकास शुल्क जमा करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


भूखंड और फ्लैट कर दिया आवंटित, सुविधाएं नदारद

गाजियाबाद में एसएमवी, क्रासिंग, अंसल, लैंडक्राफ्ट, यूटीलिटी पार्क टाउन, सागा सिटी, जयपुरिया सनराइज ग्रींस टाउनशिप हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी में भी शत प्रतिशत काम पूरा नहीं है। जयपुरिया सनराइज ग्रींस निवासी सुशील शर्मा का आरोप है कि प्लॉट और भवनों की बिक्री तो कर दी गई, लेकिन बुनियादी सुविधाएं अब तक अधूरी हैं। 45 मीटर चौड़ी रोड भी बिल्डर की ओर से नहीं बनाई गई। स्थानीय निवसी योगेंद्र सिंह का आरोप है कि इंटीग्रेटेड टाउनशिप में जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह नहीं मिल रही है। कई बार जीडीए से शासन स्तर तक शिकायत की जा चुकी है।


जीडीए वीसी नंद किशोर कलाल क कहना है कि सर्वे कराया गया है। जिन इंटीग्रेटेड टाउनशिप में कमियां पाईं गई हैं। उन्हें नोटिस दिया गया है। नौ मार्च तक का समय है। 25 एकड़ से अधिक की परियोजना में ले-आउट के अनुसार अधूरे विकास कार्य को पूरा करने के लिए 80 हजार रुपये प्रति एकड़ का विकास शुल्क जमा करने पर पांच साल तक मौका विकासकर्ता को देने का प्रावधान है। तय समय में यदि समय विस्तार के लिए आवेदन नहीं मिलता है और ले-आउट के अनुसार सुविधाएं नहीं पूरी की जाती है तो विकासकर्ता पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed