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Ghaziabad News: महिला शौचालय में रखे खराब हो रहे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र
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गाजियाबाद। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोग सीएमओ कार्यालय के चक्कर काटते रहते हैं, लेकिन विभाग के कर्मचारी उन्हें फार्म की कमी बताकर वापस कर देते हैं, जबकि कार्यालय में महिला शौचालय में कक्ष में संक्रामक रोगों से बचाव और जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र रखकर विभाग के कर्मचारी भूल गए हैं। अभी हाल में 14 विभागों के साथ मिलकर स्वास्थ्य विभाग ने संक्रामक रोग नियंत्रण अभियान चलाया था। ऐसे में कई महीने से रखा जागरूकता पोस्टर और प्रमाण पत्र विभाग की कार्रवाई पर सवालिया निशान खड़ा करता है।
सीएमओ कार्यालय के प्रथम तल पर जन्म-मृत्युप्रमाण पत्र बनाने का कार्यालय अलग और नोडल अधिकारी का कक्ष अलग है। दोनों कक्ष के सामने ही पुरुष और महिला शौचालय अलग-अलग बने हैं। महिला शौचालय में पीछे की तरफ जागरूकता पोस्टर और आगे की तरफ 22 बंडल जन्म-मृत्यु प्रमाण बनाने के लिए भरा जाने वाला आवेदन पत्र भरा है। कई महीने से रखे होने के कारण खराब भी हो रहे हैं। इनकी कीमत 50 से 60 हजार रुपये बताई जा रही है। कार्यालय में कार्यरत स्टाफ ने बताया कि पिछले कई महीने से महिला शौचालय में ही फार्म और मलेरिया के प्रति जागरूक किए जाने वाले पोस्टर, बैनर और रजिस्टर रखे हैं।
नहीं है जानकारी
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नोडल अधिकारी डॉ. जीपी मथूरिया का कहना है कि किसी भी आवेदक को वापस नहीं किया जाता है। डॉ. मथूरिया का कहना है कि उनके प्रभार लेने से पहले ही आवेदन आए होंगे, इसलिए जानकारी नहीं है।
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सभी बैनर पोस्टर भेज दिए गए थे सीएचसी पीएचसी
वहीं जिला मलेरिया अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा का कहना है कि जागरूकता वाले सभी बैनर पोस्टर सीएचसी और पीएचसी पर भिजवाने के साथ ही सार्वजनिक जगहों पर लगा दिए गए थे। जानकारी में नहीं है कि सीएमओ कार्यालय में कहां पर पोस्टर रखा है।
जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि शौचालय में किसी भी तरह का दस्तावेज या कोई भी सामान रखना गलत है। इस मामले की जांच की जाएगी, जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने बताया कि सभी दस्तावेज हटवाने के साथ ही सीएचसी और पीएचसी पर भिजवाए जा रहे हैं।
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सीएमओ कार्यालय के प्रथम तल पर जन्म-मृत्युप्रमाण पत्र बनाने का कार्यालय अलग और नोडल अधिकारी का कक्ष अलग है। दोनों कक्ष के सामने ही पुरुष और महिला शौचालय अलग-अलग बने हैं। महिला शौचालय में पीछे की तरफ जागरूकता पोस्टर और आगे की तरफ 22 बंडल जन्म-मृत्यु प्रमाण बनाने के लिए भरा जाने वाला आवेदन पत्र भरा है। कई महीने से रखे होने के कारण खराब भी हो रहे हैं। इनकी कीमत 50 से 60 हजार रुपये बताई जा रही है। कार्यालय में कार्यरत स्टाफ ने बताया कि पिछले कई महीने से महिला शौचालय में ही फार्म और मलेरिया के प्रति जागरूक किए जाने वाले पोस्टर, बैनर और रजिस्टर रखे हैं।
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नहीं है जानकारी
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नोडल अधिकारी डॉ. जीपी मथूरिया का कहना है कि किसी भी आवेदक को वापस नहीं किया जाता है। डॉ. मथूरिया का कहना है कि उनके प्रभार लेने से पहले ही आवेदन आए होंगे, इसलिए जानकारी नहीं है।
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सभी बैनर पोस्टर भेज दिए गए थे सीएचसी पीएचसी
वहीं जिला मलेरिया अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा का कहना है कि जागरूकता वाले सभी बैनर पोस्टर सीएचसी और पीएचसी पर भिजवाने के साथ ही सार्वजनिक जगहों पर लगा दिए गए थे। जानकारी में नहीं है कि सीएमओ कार्यालय में कहां पर पोस्टर रखा है।
जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि शौचालय में किसी भी तरह का दस्तावेज या कोई भी सामान रखना गलत है। इस मामले की जांच की जाएगी, जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने बताया कि सभी दस्तावेज हटवाने के साथ ही सीएचसी और पीएचसी पर भिजवाए जा रहे हैं।