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ग्लोबल वार्मिंग बन रहा है डेंगू का कारण
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 16 May 2016 01:38 AM IST
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डेंगू, मच्छर
- फोटो : अमर उजाला
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ग्लोबल वॉर्मिंग के चलते डेंगू का खतरा भी सामने आ रहा है। नेशनल वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनवीबीडीसीपी) की रिपोर्ट के अनुसार साल-दर-साल बिगड़ रहा मौसम डेंगू का खतरा पैदा कर रहा है।
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इसी को देखते हुए लोगों में जागरूकता के उद्देश्य से प्रत्येक साल 16 मई को ‘राष्ट्रीय डेंगू दिवस’ के रूप में मनाए जाने का निर्णय लिया गया है। एनवीबीडीसीपी की ओर से इसके लिए सभी राज्यों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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डेंगू के प्रति जागरूकता लाने और रोकथाम के लिए सोमवार को दिल्ली में सभी राज्यों के प्रतिनिधियों की बैठक होगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर वर्कशाप का आयोजन किया जाएगा। यूपी का प्रतिनिधित्व गाजियाबाद के सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल और जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा करेंगे।
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एनवीबीडीसीपी ने माना है कि डेंगू के लगातार मामले बढ़ते जा रहे हैं। वर्ष 2015 में देशभर में एक लाख से अधिक डेंगू के मामले सामने आए हैं। साल-दर साल डेंगू का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। इसके बढ़ने के कारणों में अन्य इकोलॉजिकल फेक्टर के साथ-साथ ग्लोबल वार्मिंग प्रमुख कारण बनकर उभर रहा है।
इसकी रोकथाम के लिए सोमवार को ‘राष्ट्रीय डेंगू दिवस’ पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होगी। इसमें एनवीबीडीसीपी के डायरेक्टर डॉ. एसी धारीवाल, ज्वाइंट सेक्रेट्ररी डॉ. केआर राव सहित सभी गणमान्य व्यक्ति अपने-अपने विचार रखेंगे।
इसमें 21वीं सदी में जनता के स्वास्थ्य के लिए डेंगू एक चुनौती, विश्व भर में डेंगू से लड़ने के लिए नए कदम, डेंगू की रोकथाम में समाज की भागीदारी आदि विषयों पर चर्चा की जाएगी।
जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा ने बताया कि गाजियाबाद में 2015 में डेंगू से दो व्यक्तियों की मौत हुई थी और 1530 केस दर्ज किए गए थे। जबकि 2014 में 25 केस और 2013 में 98 केस आए थे, जिसमें से एक मरीज की मौत हुई थी।