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मासूम से दुष्कर्म-हत्या: पांच बच्चों के पिता को फांसी की सजा, कोर्ट ने कहा- ऐसा व्यक्ति समाज में रहने लायक नहीं

Wed, 10 Nov 2021 08:55 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 10 Nov 2021 08:55 PM IST
सार

 अदालत ने दो साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या करने के दोषी पांच बच्चों के पिता को बुधवार को फांसी की सजा सुनाई है। 10 जुलाई 2020 को शिकारपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में पड़ोसी प्रेमपाल सिंह ने बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी थी। 

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Death sentence to the father of five children convicted in the case of raping and killing the innocent
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय संस्कृति में छोटी बच्चियों की पूजा की जाती है। कन्या को पूजने वाली और उनसे आशीर्वाद लेने वाली संस्कृति में दो साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और तड़पा-तड़पाकर हत्या का कृत्य समाज के लिए घातक है। यह समाज को विकृत दिशा देने का कार्य है। 
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यह टिप्पणी करते हुए पॉक्सो अदालत ने दो साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या करने के दोषी पांच बच्चों के पिता को बुधवार को फांसी की सजा सुनाई है। 10 जुलाई 2020 को शिकारपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में पड़ोसी प्रेमपाल सिंह ने बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी थी। 
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मामले में पुलिस ने 11 दिन में चार्जशीट लगा दी थी। एडीजे पॉक्सो पल्लवी अग्रवाल की कोर्ट ने 16 माह में सुनवाई पूरी कर सजा सुना दी। दोषी प्रेमपाल पर 1.40 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। कोर्ट ने अर्थदंड की राशि बच्ची के परिजनों को देने का आदेश दिया है।
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सजा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि किसी अंजान व्यक्ति ने सुनसान जगह पर वारदात को अंजाम नहीं दिया। अभियुक्त पीड़िता के घर के सामने के मकान में रहने वाला है। पांच बच्चों का पिता है। कोई भी व्यक्ति ऐसी स्थिति में किसी भी रिश्ते में भरोसा नहीं कर पाएगा। इस प्रकार का व्यक्ति मानसिक रूप से घृणित और समाज में रहने योग्य नहीं है। इस प्रकार का कृत्य विधि के साथ ही मानवता को शर्मसार करने वाला और सामाजिक ढांचे को नष्ट कर देने वाला अपराध है।
 

न्याय की हुई जीत

कोर्ट के निर्णय को बच्ची के परिजनों ने न्याय की जीत बताया है। उच्च न्यायालय और अन्य अपीलीय अधिकारियों से दोषी पर रहम न बरतने की मांग की है।
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