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बिबकॉल के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट की मौत: कोरोना वैक्सीन प्रोजेक्ट लीड कर रहे थे चंद्र बल्लभ, डॉक्टर बोले-अपूरणीय क्षति
Tue, 15 Jun 2021 12:00 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 15 Jun 2021 12:00 AM IST
सार
चोला औद्योगिक क्षेत्र स्थित बिबकॉल (भारत इम्यूनोलाजिकल्स एंड बायोलाजिकल्स कारपोरेशन लिमिटेड) को भारत सरकार ने वर्ष 1989 में स्थापित किया था। इस दौरान सबसे पहले कंपनी को पोलियो वैक्सीन बनाने का जिम्मा दिया गया था।
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चंद्र बल्लभ बेंजवाल, फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना महामारी से बचाव के लिए बिबकॉल कंपनी में बनाई जाने वाली कोरोना वैक्सीन के निर्माण को सीनियर वाइस प्रेसीडेंट चंद्र बल्लभ बेंजवाल की असामयिक मृत्यु से झटका लगा है। कंपनी की स्थापना के बाद से चंद्र बल्लभ बेंजवाल ही प्रत्येक प्रोजेक्ट को लीड करते थे।
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सोमवार को चोला स्थित बिककॉल कंपनी में उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। चोला औद्योगिक क्षेत्र स्थित बिबकॉल (भारत इम्यूनोलाजिकल्स एंड बायोलाजिकल्स कारपोरेशन लिमिटेड) को भारत सरकार ने वर्ष 1989 में स्थापित किया था।
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इस दौरान सबसे पहले कंपनी को पोलियो वैक्सीन बनाने का जिम्मा दिया गया था। प्रतिवर्ष करीब 160 करोड़ डोज बनाने वाली कंपनी को अब सरकार ने कोरोना वैक्सीन बनाने का जिम्मा दिया गया था। प्रतिमाह करीब डेढ़ करोड़ डोज बनाने के लिए सरकार ने 30 करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया था।
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वैक्सीन प्रोडक्शन के लिए लैब बनाने की तैयारियां चल रहीं थी, लेकिन कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट चंद्र बल्लभ बेंजवाल की मौत ने कंपनी के पदाधिकारियों व स्टाफ को गहरा आघात दिया है। अब वैक्सीन के निर्माण पर भी असर पड़ सकता है।
बिबकॉल के एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि चंद्र बल्लभ बेंजवाल का स्वभाव सबके साथ मित्रवत था। कोई भी अपनी परेशानी लेकर उनके पास जाता था तो वह समाधान के लिए तैयार रहते थे। उन्हें कभी किसी ने नाराज होते नहीं देखा था। वहीं चिकित्सकों ने चंद्र बल्लभ बेंजवाल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि दी है।
बेहद विनम्र थे बेंजवाल
हमने एक ही वर्ष में कंपनी को ज्वाइन किया था। इस दौरान वह हमेशा बड़े भाई की तरह व्यवहार करते थे। साथ ही सभी प्रोजेक्ट को लीड करते हुए पूरा भार अपने कंधों पर लेते थे। कर्मचारियों के लिए वह हमेशा से विनम्र रहते थे। चंद्र बल्लभ बेंजवाल की मौत से कंपनी का पूरा स्टाफ शोक में है। - सुनील कुमार शर्मा, एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट, बिबकॉल
बेंजवाल का जाना बड़ी क्षति
चंद्र बल्लभ बेंजवाल का असमय हमारे बीच से जाना एक बड़ा आघात है। कोरोना को हराने में वह अपनी भूमिका निभाने वाले थे। कोरोना ने देश को हजारों ऐसे जख्म दिए हैं, जिन्हें आसानी से नहीं भुलाया जा सकेगा। फिर भी देश कोरोना को हराएगा। - डा. वीरेंद्र कुमार, अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन
बेहद विनम्र थे बेंजवाल
हमने एक ही वर्ष में कंपनी को ज्वाइन किया था। इस दौरान वह हमेशा बड़े भाई की तरह व्यवहार करते थे। साथ ही सभी प्रोजेक्ट को लीड करते हुए पूरा भार अपने कंधों पर लेते थे। कर्मचारियों के लिए वह हमेशा से विनम्र रहते थे। चंद्र बल्लभ बेंजवाल की मौत से कंपनी का पूरा स्टाफ शोक में है। - सुनील कुमार शर्मा, एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट, बिबकॉल
बेंजवाल का जाना बड़ी क्षति
चंद्र बल्लभ बेंजवाल का असमय हमारे बीच से जाना एक बड़ा आघात है। कोरोना को हराने में वह अपनी भूमिका निभाने वाले थे। कोरोना ने देश को हजारों ऐसे जख्म दिए हैं, जिन्हें आसानी से नहीं भुलाया जा सकेगा। फिर भी देश कोरोना को हराएगा। - डा. वीरेंद्र कुमार, अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन