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छह साल बीते, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की नहीं रख पाई एक भी ईंट

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 08 Apr 2021 12:56 AM IST
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खास खबर : छह साल गुजरे, फील्ड पर नहीं आया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम
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गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण की योजना पर 2015 में शुरू हुए काम के बावजूद छह साल बीतने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं हो सका है। स्टेडियम निर्माण की तीन बार समयसीमा बढ़ने के बावजूद अब तक एक ईंट नहीं रखी जा सकी है। अब उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की ओर से जून से स्टेडियम निर्माण का दावा किया जा रहा है। यूपीसीए पदाधिकारियों के मुताबिक शासन में मई के पहले सप्ताह में अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर), एचटी लाइन शिफ्टिंग सहित अन्य मुद्दों को लेकर अहम बैठक है।
बैठक में निर्णय होते ही मई के आखिर तक स्टेडियम की संशोधित डीपीआर को जीडीए में जमा करने की बात कही जा रही है। दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के निर्माण की समयसीमा दिसंबर 2021 से बढ़कर दिसंबर 2022 कर दी गई थी, लेकिन अब इस लक्ष्य को पाना संभव दिखाई नहीं दे रहा है। बता दें कि यूपीसीए ने अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के निर्माण की योजना पर 2015 में काम शुरू किया था। निर्माण के लिए जुलाई 2019 में लखनऊ में अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम का भूमि पूजन (ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी) हुआ था। लेकिन अतिरिक्त एफएआर, एचटी लाइन शिफ्टिंग सहित अन्य मामलों पर में शासन स्तर पर निर्णय नहीं होने के कारण यूपीसीए ने स्टेडियम के निर्माण का संशोधित नक्शा तक जीडीए में जमा नहीं कर सका।

प्राधिकरण के नियमानुसार निर्माण के लिए 0.50 एफएआर की अनुमति दे सकता है। जबकि यूपीसीए स्टेडियम के लिए 1.50 एफएआर की मांग कर रहा है। इसी को संशोधित नक्शा जमा होने में देरी का कारण माना जा रहा है। स्टेडियम के निर्माण में हाईटेंशन लाइन की शिफ्टिंग संबंधी रुकावट बनी है। स्टेडियम साइट से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनों को शिफ्ट का प्रस्ताव शासन के पाले में है। एचटी लाइनों की शिफ्टिंग के लिए यूपी पावर कारपोरेशन से यूपीसीए से 14 करोड़ से अधिक की मांग की है। यूपीसीए ने शासन में एचटी लाइन शिफ्टिंग का काम पावर कारपोरेशन से ही कराने की मांग की है। इस पर भी जल्द फैसला होने की संभावना है।
22 एकड़ में स्टेडियम व बाकी में अन्य सुविधाएं
यूपीसीए की ओर से पूर्व में जीडीए में जमा किए नक्शे में कुल 33.54 एकड़ जमीन में से 22 एकड़ जमीन पर स्टेडियम का निर्माण की बात शामिल थी। बाकी 12 एकड़ जमीन पर पांच सितारा होटल, हॉस्टल सहित अन्य गतिविधियों का संचालन होगा। 12 एकड़ जमीन का भू-उपयोग कृषि व अन्य का है। ऐसे व्यावसायिक में परिवर्तित करने का मामला शासन में जा चुका है। बढ़े एफएआर के साथ भू-उपयोग परिवर्तन का मामला एक साथ निपटने की संभावना है। स्टेडियम के निर्माण पर 400 करोड़ खर्च होने है। पहले चरण में दर्शक क्षमता 45 हजार होगी। जिसे दूसरे चरण में बढ़ाकर 75 हजार करने की योजना है।
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कोट...
यूपीसीए की मांगों पर शासन में मई के पहले सप्ताह में बैठक प्रस्तावित है। बैठक में अतिरिक्त एफएआर व अन्य मुद्दों पर समाधान निकलने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद मई के आखिर तक संशोधित डीपीआर जमा करा दी जाएगी। जून से स्टेडियम निर्माण की प्रक्रिया विधिवत शुरू करने के प्रयास जारी हैं। -- राकेश मिश्रा, स्टेडियम कंवीनर व जीसीए अध्यक्ष

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