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Ghaziabad News: गन्ना विकास निरीक्षक को डीसीओ ने दिया नियम विरुद्ध चार्ज
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गाजियाबाद। सहकारी गन्ना विकास समिति मोदीनगर के गन्ना विकास निरीक्षक डॉ. रामफल सिंह को नियम विरूद्ध सचिव का चार्ज देने पर अपर गन्ना आयुक्त प्रणय सिंह ने जिला गन्ना अधिकारी (डीसीओ) प्रदीप चौधरी से स्पष्टीकरण मांगा है। उधर, गन्ना आयुक्त के दखल के बाद गन्ना विकास निरीक्षक व सचिव का तबादला गैर जनपद कर दिया गया है।
13 अप्रैल को डीसीओ ने अजय प्रताप सिंह को सचिव पद से हटाकर उनको जिला कार्यालय से अटैच कर दिया और गन्ना विकास निरीक्षक डॉ. रामफल सिंह को सचिव की जिम्मेदारी दे दी। डीसीओ ने सचिव पर आरोप लगाया कि वह काम में शिथिलता बरतने के साथ किसानों के बीच सरकार की छवि धूमिल करने का काम का रहे हैं। इस बारे में डीसीओ प्रदीप चौधरी का कहना है कि नियम विरूद्ध कोई भी काम उन्होंने नहीं किया है।
सात दिन बाद भी नहीं दिया जवाब
अपर गन्ना आयुक्त प्रशासन प्रणय सिंह ने डीसीओ को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा। उनसे पूछा कि उप गन्ना आयुक्त या अन्य सक्षम अधिकारी की बिना अनुमति के उन्होंने किस अधिकार के तहत अजय प्रताप सिंह को हटाकर कनिष्ठ अधिकारी को सचिव बना दिया, जिनके खिलाफ पहले से विभागीय जांच चल रही है। उनको जवाब दाखिल करने के लिए सात दिन का समय दिया गया लेकिन समय बीतने के बाद भी उन्होंने जवाब नहीं दिया है।
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गैर जनपद किया तबादला
गन्ना आयुक्त ने सचिव अजय प्रताप सिंह को हरदोई और डाॅ. रामफल सिंह को मोदीनगर से हटाकर खलीलाबाद भेज दिया। हालांकि, स्थानांतरण नीति का नया आदेश नहीं आने के चलते उनका वेतन अभी जिले से ही बन रहा है और मेरठ मोहीउद्दीनपुर समिति के सचिव प्रदीप कुमार को मोदीनगर समिति का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।
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13 अप्रैल को डीसीओ ने अजय प्रताप सिंह को सचिव पद से हटाकर उनको जिला कार्यालय से अटैच कर दिया और गन्ना विकास निरीक्षक डॉ. रामफल सिंह को सचिव की जिम्मेदारी दे दी। डीसीओ ने सचिव पर आरोप लगाया कि वह काम में शिथिलता बरतने के साथ किसानों के बीच सरकार की छवि धूमिल करने का काम का रहे हैं। इस बारे में डीसीओ प्रदीप चौधरी का कहना है कि नियम विरूद्ध कोई भी काम उन्होंने नहीं किया है।
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सात दिन बाद भी नहीं दिया जवाब
अपर गन्ना आयुक्त प्रशासन प्रणय सिंह ने डीसीओ को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा। उनसे पूछा कि उप गन्ना आयुक्त या अन्य सक्षम अधिकारी की बिना अनुमति के उन्होंने किस अधिकार के तहत अजय प्रताप सिंह को हटाकर कनिष्ठ अधिकारी को सचिव बना दिया, जिनके खिलाफ पहले से विभागीय जांच चल रही है। उनको जवाब दाखिल करने के लिए सात दिन का समय दिया गया लेकिन समय बीतने के बाद भी उन्होंने जवाब नहीं दिया है।
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गैर जनपद किया तबादला
गन्ना आयुक्त ने सचिव अजय प्रताप सिंह को हरदोई और डाॅ. रामफल सिंह को मोदीनगर से हटाकर खलीलाबाद भेज दिया। हालांकि, स्थानांतरण नीति का नया आदेश नहीं आने के चलते उनका वेतन अभी जिले से ही बन रहा है और मेरठ मोहीउद्दीनपुर समिति के सचिव प्रदीप कुमार को मोदीनगर समिति का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।