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कल का ‘देवता’ आज बन गया ‘हत्यारा’
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Thu, 07 Apr 2016 12:37 AM IST
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विलाप करती बेटी की मां
- फोटो : अमर उजाला
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रिश्तों की डोर एक ही दिन में कैसे टूट जाती है, कैसे रिश्तेदार ही दुश्मन बन जाते हैं यह हिमांशी की मौत के बाद देखने को मिला। हिमांशी के पिता हीरालाल कश्यप ने मंगलवार को ही जिस राज्यसभा सांसद नरेंद्र कश्यप की शान में कसीदे पढ़े थे, बुधवार को उन्हें ही हत्यारा करार दिया।
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मंगलवार को सांसद द्वारा संजयनगर पार्क में आयोजित कश्यप जयंती कार्यक्रम में हीरालाल कश्यप चीफ गेस्ट थे। उन्होंने सांसद को नेक इंसान और हर दिल अजीज कहने के साथ ही ‘धरती का देवता’ के रूप में संबोधित किया।
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बुधवार को जैसे ही उन्हें बेटी की मौत की सूचना मिली, वैसे ही उन्होंने सांसद और उनके परिवार को जमकर कोसा। उनका कहना था कि यह दहेज लोभियों का परिवार है और उनकी बेटी का हत्यारा है।
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नरेंद्र कश्यप से हाथापाई
पोस्टमार्टम के लिए यशोदा अस्पताल से शव ले जाते वक्त हिमांशी के परिजन भी मोर्चरी पर जाने लगे, इस दौरान पुलिस अस्पताल से सांसद नरेंद्र कश्यप को लेकर बाहर निकली। कार में बैठे हिमांशी के आक्रोशित भाई ने सांसद को गालियां दीं और उनसे हाथापाई की। गनीमत रही कि पुलिस ने सांसद को बचा लिया।
पुलिस ने बरती ढील तो कर लूंगा आत्मदाह
हिमांशी के पिता ने बताया कि उनकी बेटी को ‘दहेजलोभी ससुराल वालों ने मार डाला है। इसी के चलते सांसद नरेंद्र कश्यप, उनकी पत्नी देवेंद्री, बेटे सागर और सिद्धार्थ के साथ ही दो बेटियों सरिता और शोभा के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने अगर इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने में ढील बरती तो वह पत्नी के साथ आत्मदाह कर लेंगे।
आईपीएस बनना चाहती थीं हिमांशी
परिजनों का कहना है कि वह आईपीएस बनना चाहती थीं। हिमांशी पढ़ने में होशियार थी, वह एमए पास कर चुकी है। हाल ही में उसने फर्स्ट क्लास बीएड पास किया है।
सीसीटीवी से खुलेंगे राज
सांसद के घर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, पुलिस ने उनकी फुटेज खंगाली है, मगर तभी लाइट चली गई। इससे सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए थे। पासवर्ड लगा हुआ है, पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फु टेज में सीढ़ियां कवर हो रही हैं, इससे यह पता चल जाएगा कि घटना के बाद परिवार का रिएक्शन किस तरह का था। हिमांशी से घटना से पहले कौन मिलने गया था, सागर घर से कब बाहर निकला था।
घटना से दो घंटे पहले नॉर्मल लग रही थीं हिमांशी
नौकरानी सैमबाई ने बताया कि वह पोछा लगाने के लिए हिमांशी के कमरे में गई थी, वह घटना से दो घंटे पहले नॉर्मल लग रही थीं। बेटे मोलिकराज को खिला रहीं थी। नौकरानी घर का काम निपटा कर चली गई। इसके बाद वारदात हुई।
दरवाजा तोड़ा तो कुंडी कैसे मिली ठीक
सांसद ने पुलिस को बताया था कि हिमांशी ने बाथरूम में खुद को बंद करके आत्महत्या की है। जबकि मौके पर पहुंचे एसएसपी को दरवाजा और कुंडी दोनों ही ठीक मिले। इसके अलावा घर में गोली चलने की आवाज सुनाई नहीं देने का दावा परिवार ने किया है। फायरिंग की आवाज परिवार को सुनाई क्यों नहीं दी। इसकी भी जांच की जा रही है।
मायके वालों को पड़ोसियों ने दी सूचना
हीरालाल कश्यप और उनकेपरिवार के लोगों को सबसे ज्यादा गुस्सा इस बात पर है कि इतनी बड़ी घटना हो जाने पर भी सूचना नहीं दी गई। साक्ष्य मिटाने का भी प्रयास किया गया। पुलिस को सूचना जहां यशोदा अस्पताल के एक चिकित्सक ने दी।
वहीं हम लोगों को सूचना पड़ोस के लोगों ने दी। बाद में पुलिस अधिकारियों ने भी हीरालाल कश्यप से बातचीत कीं और उनको जल्द आने को कहा।
सांसद बोले हम सीबीआई जांच को भी तैयार
घटना केबाद से डा. सागर कश्यप बिल्कुल मौन रहे। उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। सांसद नरेंद्र कश्यप ने घटना को दुखद बताते हुए खुद और अपने परिवार को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि वह सीबीआई जांच के लिए भी तैयार हैं।
जांच में रिवाल्वर छिपाना भी शामिल
सांसद की पुत्रवधू हिमांशी को गोली लगने के बाद उसको अस्पताल ले गए। इसी दौरान घर में रह गए लोगों ने लाइसेंसी रिवाल्वर बाथरूम से निकालकर छिपा दी। फोरेंसिक जांच टीम को भी रिवाल्वर नहीं मिली।
घटनास्थल पर पहुंचे एसएसपी धर्मेंद्र यादव और एएसपी सलमान ताज ने रिवाल्वर देने को कहा। थोड़ी सख्ती के बाद रिवाल्वर को कमरे के छज्जे से उतारकर दे दिया। एसएसपी ने इसे लेकर नाराजगी भी जताई।
टोंटी लगने की बात करके की गुमराह करने की कोशिश
शुरू में परिवार केलोगों ने हिमांशी के सिर में बाथरूम की टोटी लगने की बात कहकर गुमराह करने की कोशिश की। बाथरूम की चटकनी अंदर से बंद होने और हिलाने पर खुलने की बात भी एसएसपी को बताई।
कप्तान ने अपने सामने डेमो भी कराया। कप्तान ने बताया कि हालात और परिवार के लोगों की बातचीत मेल नहीं खा रही हैं। जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी। फोरेंसिक जांच टीम ने एसएसपी को बताया कि साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गई है। रिवाल्वर को उठाकर छिपाया गया है। इसके बावजूद घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य लिए गए हैं, जिनसे जांच में सहयोग मिलेगा।
पुलिस-मीडिया को देख पड़ोसियों को हुई जानकारी
सांसद केपरिवार में घटना करीब 12 बजे घटित हुई। आसपास के लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी। आधे घंटे बाद सांसद के आवास पर एकाएक पुलिस और मीडिया का जमावड़ा लगा। इसके बाद ही लोगों को पता चला की हिमांशी को गोली लगी है। पड़ोसी इस घटना के बाद से हैरान हैं।
हिमांशी के पोस्टमार्टम के लिए बना बोर्ड
देर शाम हिमांशी कश्यप के पोस्टमार्टम के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल गठित किया गया। सामान्यत: एक चिकित्सक ही पोस्टमार्टम करते हैं लेकिन विशेष परिस्थितियों में तीन से चार चिकित्सकों केबोर्ड का गठन किया जाता है। सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल ने बताया कि बारीकी से पोस्टमार्टम हो इसलिए तीन चिकित्सकों की टीम का गठन किया गया है।
शादी के चौथे दिन से ही शुरू हो गई थी 50 लाख की डिमांड
सांसद पुत्रवधू हिमांशी कश्यप से शादी केचौथे दिन से ही दहेज के लिए टॉर्चर किया जाने लगा था। उससे दहेज में 50 लाख रुपये की डिमांड की जाने लगी थी। नगदी के साथ ही जेवर और लग्जरी कार मांगी जाती थी। डिमांड पूरी न होने पर उसे प्रताड़ित किया जाता था।
हिमांशी के चाचा हरीओम कश्यप ने यह आरोप सांसद परिवार पर लगाए हैं। शव देखने के बाद उन्होंने दावा किया कि हिमांशी को दागा जाता था। आरोप है कि 15 दिन पहले बेटी हिमांशी को ऐसे पीटा था कि उसका एक कान का पर्दा तक सूज गया।
परिजनों ने प्लॉट बेचकर कार देने का आश्वासन देते हुए एक माह की मोहलत मांगी थी। ससुरालियों की डिमांड पर उस वक्त एक सोने का एक हार हिमांशी को दिया था। हीरालाल कश्यप ने बताया कि मंगलवार को वह एक कार्यक्रम में भाग लेने गाजियाबाद गए थे, तभी हिमांशी ने उनसे ससुराल वालों की शिकायत की। तब भी वह शिकायत करने के लिए क विनगर थाने गए, थाने में रुके लेकिन पारिवारिक बदनामी के डर से उन्होंने शिकायत नहीं की।
काश! बेटी को साथ ले आता, तो वह जिंदा होती
करीब डेढ़ साल पहले अपनी इकलौती बिटिया को हेलीकाप्टर से विदा करने वाले बसपा नेता व पूर्व राज्यमंत्री हीरालाल को नहीं पता था कि बड़े अरमानों के साथ जिस लाड़ली को गाजियाबाद के बसपा सांसद नरेंद्र कश्यप के बेटे सागर के साथ ब्याह रहे हैं, वहां से उसकी मौत की खबर आएगी।
बुधवार को बिटिया के सिर में गोली लगने से हुई मौत की सूचना पर वह बदहवास से हो गए। तत्काल ही गाजियाबाद के लिए परिवार के साथ रवाना हो गए। जाते वक्त उन्होंने भरे गले से यही कहा... काश! बेटी को साथ ले आता तो वह जिंदा होती।
बुलंदशहर में बेहोश हुए हीरालाल
बच्ची की मौत का गम ने हीरालाल को झकझोर कर रख दिया है। अपनी बेटी की मौत की खबर पर जब वह परिवार के साथ गाजियाबाद जा रहे थे, तो रास्ते में बेहोश हो गए। परिवार के लोगों ने बुलंदशहर में उनको एक निजी चिकित्सक के यहां दिखाया, तब उन्हें होश आया।
रिवाल्वर की होगी बेलेस्टिक जांच
सागर कश्यप की लाइसेंसी रिवाल्वर को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि इसे बेलेस्टिक जांच के लिए भेजा जाएगा। इससे पता चलेगा कि हिमांशी को मारी गई गोली इसी रिवाल्वर से चलाई गई है या नहीं।
तहरीर देते ही सांसद दंपति की बिगड़ी तबियत
हिमांशी के परिजनों द्वारा सांसद नरेंद्र कश्यप और उनके परिजनों के खिलाफ जैसे ही पुलिस को तहरीर दी, वैसे ही सांसद और उनकी पत्नी देवेंद्री की तबियत बिगड़ गई। दोनों ने सीने में दर्द और घबराहट होने की शिकायत की। इस पर पुलिस उन्हें यशोदा अस्पताल ले गई। डॉक्टरों ने फिलहाल पति-पत्नी को आईसीयू में रखा है।
सीसीटीवी का डीवीआर लिया कब्जे में
सांसद आवास पर लगे सीसीटीवी के डीवीआर को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस का मानना है कि डीवीआर से कई महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लग सकती हैं।
पड़ोसियों को बताया था-जल गई हिमांशी
सांसद और उनके परिजनों ने हिमांशी की मौत की सूचना पुलिस को भी नहीं दी थी। जिस समय हिमांशी को अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब भी पड़ोसियों को यह बताया गया था कि वह जल गई है। यही सूचना बाद में संजय नगर चौकी इंचार्ज को मिली तो वह घटना स्थल पर पहुंचे तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। इसके बाद यशोदा अस्पताल से भी पुलिस को जानकारी मिली।
सूचना के टाइम का अंतर भी पैदा कर रहा शक
इस मौत के समय को लेकर सांसद परिवार और हिमांशी के परिवार के बयानों में भी विरोधाभास है। सांसद नरेंद्र कश्यप का कहना था कि उन्हें घटना का पता करीब 12 बजे चला। जबकि हिमांशी के परिजनों का कहना था कि उन्हें 11 बजे ही मौत की सूचना मिल चुकी थी।
पुलिस को दी तहरीर में भी उन्होंने यही जिक्र किया है। उधर यशोदा अस्पताल प्रबंधन और सीएमओ पर भी परिजनों ने सांसद परिवार से मिलीभगत का आरोप लगाया है। हिमांशी के पिता हीरालाल कश्यप का आरोप है कि सीएमओ ने उनके पहुंचने से पहले ही पोस्टमार्टम कराने की सहमति देने का दबाव बनाया था।