{"_id":"583dd9c04f1c1bc91fde6954","slug":"varun-forensic-team-will-open-the-secret-of-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"फॉरेंसिक टीम खोलेगी वरुण की मौत का राज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फॉरेंसिक टीम खोलेगी वरुण की मौत का राज
ब्यूरो, अमर उजाला /साहिबाबाद
Updated Wed, 30 Nov 2016 01:10 AM IST
विज्ञापन
वरुण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंदिरापुरम की आदित्य मेगा सिटी सोसायटी में टावर से गिरकर हुई 11वीं के छात्र वरुण की मौत की जांच के लिए मंगलवार को लखनऊ स्थित फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम इंदिरापुरम पहुंची।
टीम ने स्थानीय पुलिस और क्राइम ब्रांच के साथ घटनास्थल का दौरा किया। साथ ही स्थानीय पुलिस से घटना के दिन के साक्ष्य भी जुटाए। वरुण के परिजनों को उम्मीद है कि टीम की रिपोर्ट आने के बाद साफ हो जाएगा कि उनके बेटे की हत्या हुई है।
गौरतलब है कि 24 अगस्त 2016 को आदित्य मेगा सिटी में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने आए छात्र वरुण की सोसायटी के टावर से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों ने गर्लफ्रेंड और उसके परिवार पर वरुण की सुनियोजित हत्या का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
फॉरेंसिक टीम के तीन सदस्यों ने बिल्डिंग और बालकनी की जांच की। इसके बाद इंदिरापुरम पुलिस और क्राइम ब्रांच से घटना के तुरंत बाद के फोटो और अन्य साक्ष्य मंगवाए। करीब एक घंटे तक घटनास्थल की जांच के बाद टीम लौट गई।
जांच अधिकारी और क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि फॉरेंसिक टीम को सभी साक्ष्य मुहैया करवाए जा रहे हैं, जिनकी जांच के बाद टीम रिपोर्ट तैयार करेगी।
उधर, वरुण के पिता एमएस राजपूत ने बताया कि वरुण का शव पीठ के बल मिला जबकि अगर वह खुद कूदता तो पेट के बल गिरना चाहिए था।
पुलिस ने उनके पहुंचने से पहले ही घटनास्थल की धुलाई करवा दी। उन्हें देखने तक नहीं दिया। वरुण की मौत के बाद उसके फेसबुक अकाउंट से फोटो पोस्ट किए गए। इतने सारे तथ्य होने के बावजूद पुलिस घटना को सुसाइड बताने में जुटी है।
उन्हें उम्मीद है कि लखनऊ से आई फॉरेंसिक टीम सभी तथ्यों का अध्ययन कर उनके बेटे के हत्यारों को जेल भेजने में मदद करेगी। बता दें कि वरुण का परिवार मूलरूप से कुशीनगर जिले के थाना बिशनपुरा अंतर्गत गांव बड़ौहरा कर रहने वाला है।
विज्ञापन
टीम ने स्थानीय पुलिस और क्राइम ब्रांच के साथ घटनास्थल का दौरा किया। साथ ही स्थानीय पुलिस से घटना के दिन के साक्ष्य भी जुटाए। वरुण के परिजनों को उम्मीद है कि टीम की रिपोर्ट आने के बाद साफ हो जाएगा कि उनके बेटे की हत्या हुई है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि 24 अगस्त 2016 को आदित्य मेगा सिटी में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने आए छात्र वरुण की सोसायटी के टावर से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों ने गर्लफ्रेंड और उसके परिवार पर वरुण की सुनियोजित हत्या का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
फॉरेंसिक टीम के तीन सदस्यों ने बिल्डिंग और बालकनी की जांच की। इसके बाद इंदिरापुरम पुलिस और क्राइम ब्रांच से घटना के तुरंत बाद के फोटो और अन्य साक्ष्य मंगवाए। करीब एक घंटे तक घटनास्थल की जांच के बाद टीम लौट गई।
जांच अधिकारी और क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि फॉरेंसिक टीम को सभी साक्ष्य मुहैया करवाए जा रहे हैं, जिनकी जांच के बाद टीम रिपोर्ट तैयार करेगी।
उधर, वरुण के पिता एमएस राजपूत ने बताया कि वरुण का शव पीठ के बल मिला जबकि अगर वह खुद कूदता तो पेट के बल गिरना चाहिए था।
पुलिस ने उनके पहुंचने से पहले ही घटनास्थल की धुलाई करवा दी। उन्हें देखने तक नहीं दिया। वरुण की मौत के बाद उसके फेसबुक अकाउंट से फोटो पोस्ट किए गए। इतने सारे तथ्य होने के बावजूद पुलिस घटना को सुसाइड बताने में जुटी है।
उन्हें उम्मीद है कि लखनऊ से आई फॉरेंसिक टीम सभी तथ्यों का अध्ययन कर उनके बेटे के हत्यारों को जेल भेजने में मदद करेगी। बता दें कि वरुण का परिवार मूलरूप से कुशीनगर जिले के थाना बिशनपुरा अंतर्गत गांव बड़ौहरा कर रहने वाला है।