{"_id":"5734d7b24f1c1bac0d919d7c","slug":"two-arrested-in-moradabad-including-jeweler","type":"story","status":"publish","title_hn":" मुरादाबाद के ज्वैलर समेत दो गिरफ्तार ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मुरादाबाद के ज्वैलर समेत दो गिरफ्तार
ब्यूरो,अमर उजाला इंदिरापुरम
Updated Fri, 13 May 2016 12:52 AM IST
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अपराध्ा
- फोटो : अमर उजाला
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रावलपिंडी ज्वैलर्स में हुई करीब 40 लाख की डकैती का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। गैंग लीडर आरुष और लूटे गए जेवर खरीदने आए मुरादाबाद के ज्वैलर मिलिंद तिवारी को गिरफ्तार किया है। इनसे लगभग 30 लाख कीमत की ज्वैलरी बरामद की गई है।
एसपी सिटी सलमान ताज ने बताया कि आरुष राजेंद्रनगर, साहिबाबाद का रहने वाला है और मिलिंद मुरादाबाद के सूरजनगर का है। दोनों को एक सूचना पर छिजारसी कट से बृहस्पतिवार दोपहर गिरफ्तार किया गया।
इनके तीन साथी भागे हुए हैं, जो दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के रहने वाले हैं। वारदात कर दिल्ली में जाकर छिप गए थे। एसपी सिटी ने बताया कि वारदात में पांच नहीं, चार लुटेरे शामिल थे। इसी गैंग ने मई 2014 में दिल्ली गीता कालोनी में यूनीक ज्वैलर्स के शोरूम से करीब 18 करोड़ की ज्वैलरी लूटी थी।
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उस वारदात में आरुष और उसके साथी तिहाड़ जेल गए थे। चारों इन दिनों जमानत पर बाहर थे। लूटी गई ज्वैलरी को यह गैंग किस्तों में बेचता था, ताकि पुलिस उन्हें पकड़ न सके। सीओ द्वितीय अतुल यादव ने बताया कि ज्वैलर इनसे लूटी गई ज्वैलरी खरीदता भी था और उसे दूसरे ज्वैलर के यहां बिकवाने का भी काम करता था।
ज्वैलरी की खरीद-फरोख्त के लिए इन दोनों की बात चल रही थी। इसी से पुलिस को सुराग मिला। बता दें कि 30 अप्रैल को पांच बदमाशों ने एक्सप्रेस गार्डन मार्केट स्थित रावलपिंडी ज्वैलर्स में घुसकर डकैती डाली थी। लुटेरे करीब 40 लाख रुपये कीमत की ज्वैलरी ले गए थे।
पुलिस ने आसपास के लोगों की मदद से एक बदमाश का स्केच बनाकर उनकी तलाश शुरू की थी। एसएचओ इंदिरापुरम गोरखनाथ यादव ने बताया कि आरुष का फेस इस स्केच से मिलता-जुलता है।
चार माह रेकी कर डाली थी डकैती
पुलिस गिरफ्त में आरुष ने बताया कि वह 12वीं तक पढ़ा है। उसने साथियों के साथ चार माह तक ज्वैलरी शॉप की रेकी की थी। इसके बाद फुल प्रूफ प्लानिंग के तहत वारदात की थी। दोपहर का वक्त इसलिए चुना गया था, क्योंकि इस दौरान भीड़ कम रहती है। गश्त पर रहने वाली पुलिस भी आराम करने लगती है।
बरामदगी
12 लेडीज अंगूठी, छह जोड़ी टॉप्स, छह सोने की चेन, सात सोने की अंगूठी, 20 सोने के कड़े, दो हीरो के सेट, दो कुंदन सेट।
पुलिस बोली, महिला ने की थी रेकी
एसपी सिटी का कहना है कि वारदात से एक घंटा पहले एक महिला ने ज्वैलरी शॉप में गहने खरीदने के बहाने रेकी की थी। महिला की सूचना पर वारदात की गई थी। हालांकि पकड़े गए बदमाश ने इससे इंकार किया है। आरुष ने कहा कि जिस महिला की बात पुलिस कर रही है, उससे उनकी कोई जान-पहचान नहीं है।
पुलिस से गश्त बढ़ाने की मांग
गाजियाबाद। रावलपिंडी ज्वैलरी शोरूम संचालक ने बताया कि लूट की वारदात के बाद से उनका कारोबार भी प्रभावित हुआ है। पुलिस रात के वक्त उनकी शोरूम के पास गश्त नहीं करती है। एसपी सिटी से शिकायत कर उन्होंने गश्त बढ़ाने की मांग की है। एसपी सिटी ने गश्त बढ़ाए जाने का आश्वासन दिया है।
ज्वैलरी शॉप पर अब भी लुटेरों की नजर
ट्रांस हिंडन एरिया में कुछ ज्वैलरी शॉप अब भी लुटेरों के निशाने पर हैं। प्रेसवार्ता के दौरान बृहस्पतिवार रात ज्वैलर्स ने कुछ संदिग्धों के फोटो पुलिस को दिखाए। दावा किया है कि यह लोग संदिग्ध हैं और अक्सर ज्वैलरी शॉप के बाहर घूमते देखे गए हैं। एसपी सिटी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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एसपी सिटी सलमान ताज ने बताया कि आरुष राजेंद्रनगर, साहिबाबाद का रहने वाला है और मिलिंद मुरादाबाद के सूरजनगर का है। दोनों को एक सूचना पर छिजारसी कट से बृहस्पतिवार दोपहर गिरफ्तार किया गया।
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इनके तीन साथी भागे हुए हैं, जो दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के रहने वाले हैं। वारदात कर दिल्ली में जाकर छिप गए थे। एसपी सिटी ने बताया कि वारदात में पांच नहीं, चार लुटेरे शामिल थे। इसी गैंग ने मई 2014 में दिल्ली गीता कालोनी में यूनीक ज्वैलर्स के शोरूम से करीब 18 करोड़ की ज्वैलरी लूटी थी।
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उस वारदात में आरुष और उसके साथी तिहाड़ जेल गए थे। चारों इन दिनों जमानत पर बाहर थे। लूटी गई ज्वैलरी को यह गैंग किस्तों में बेचता था, ताकि पुलिस उन्हें पकड़ न सके। सीओ द्वितीय अतुल यादव ने बताया कि ज्वैलर इनसे लूटी गई ज्वैलरी खरीदता भी था और उसे दूसरे ज्वैलर के यहां बिकवाने का भी काम करता था।
ज्वैलरी की खरीद-फरोख्त के लिए इन दोनों की बात चल रही थी। इसी से पुलिस को सुराग मिला। बता दें कि 30 अप्रैल को पांच बदमाशों ने एक्सप्रेस गार्डन मार्केट स्थित रावलपिंडी ज्वैलर्स में घुसकर डकैती डाली थी। लुटेरे करीब 40 लाख रुपये कीमत की ज्वैलरी ले गए थे।
पुलिस ने आसपास के लोगों की मदद से एक बदमाश का स्केच बनाकर उनकी तलाश शुरू की थी। एसएचओ इंदिरापुरम गोरखनाथ यादव ने बताया कि आरुष का फेस इस स्केच से मिलता-जुलता है।
चार माह रेकी कर डाली थी डकैती
पुलिस गिरफ्त में आरुष ने बताया कि वह 12वीं तक पढ़ा है। उसने साथियों के साथ चार माह तक ज्वैलरी शॉप की रेकी की थी। इसके बाद फुल प्रूफ प्लानिंग के तहत वारदात की थी। दोपहर का वक्त इसलिए चुना गया था, क्योंकि इस दौरान भीड़ कम रहती है। गश्त पर रहने वाली पुलिस भी आराम करने लगती है।
बरामदगी
12 लेडीज अंगूठी, छह जोड़ी टॉप्स, छह सोने की चेन, सात सोने की अंगूठी, 20 सोने के कड़े, दो हीरो के सेट, दो कुंदन सेट।
पुलिस बोली, महिला ने की थी रेकी
एसपी सिटी का कहना है कि वारदात से एक घंटा पहले एक महिला ने ज्वैलरी शॉप में गहने खरीदने के बहाने रेकी की थी। महिला की सूचना पर वारदात की गई थी। हालांकि पकड़े गए बदमाश ने इससे इंकार किया है। आरुष ने कहा कि जिस महिला की बात पुलिस कर रही है, उससे उनकी कोई जान-पहचान नहीं है।
पुलिस से गश्त बढ़ाने की मांग
गाजियाबाद। रावलपिंडी ज्वैलरी शोरूम संचालक ने बताया कि लूट की वारदात के बाद से उनका कारोबार भी प्रभावित हुआ है। पुलिस रात के वक्त उनकी शोरूम के पास गश्त नहीं करती है। एसपी सिटी से शिकायत कर उन्होंने गश्त बढ़ाने की मांग की है। एसपी सिटी ने गश्त बढ़ाए जाने का आश्वासन दिया है।
ज्वैलरी शॉप पर अब भी लुटेरों की नजर
ट्रांस हिंडन एरिया में कुछ ज्वैलरी शॉप अब भी लुटेरों के निशाने पर हैं। प्रेसवार्ता के दौरान बृहस्पतिवार रात ज्वैलर्स ने कुछ संदिग्धों के फोटो पुलिस को दिखाए। दावा किया है कि यह लोग संदिग्ध हैं और अक्सर ज्वैलरी शॉप के बाहर घूमते देखे गए हैं। एसपी सिटी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।