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बीस मिनट तक कार में ही फंसे रहे श्यामी और अनंग
ब्यूरो,अमर उजाला मसूरी
Updated Fri, 16 Sep 2016 11:33 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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इनायतपुर के तिमोही में हुए हादसे में कार में सवार आगे बैठे दोनों युवक करीब बीस मिनट तक फंसे रहे। हादसा इतना भयानक था कि पास में ही खेतों में काम कर रहे किसानों के भी होश फाख्ता हो गए।
तत्काल ही घटनास्थल पर पहुंचे किसानों ने पीछे बैठे दोनों घायल युवकों को तो निकाल लिया, मगर आगे बैठे श्याम सिंह उर्फ श्यामी और अनंग बुरी तरह से फंसे हुए थे। करीब बीस मिनट बाद पुलिस और ग्रामीणों ने शीशा तोड़कर दोनों को बाहर निकाला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार ने पहले एक पेड़ में साइड मारी थी। इसके बाद कार अनियंत्रित हो गई और सड़क के दूसरे किनारे पर खडे़ जामुन के पेड़ से जा टकराई। किसान इंद्रराज प्रधान ने बताया कि हादसे के तत्काल बाद ही वह सड़क की ओर दौड़ पड़े।
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उन्होंने ही पुलिस को हादसे की सूचना दी। पुलिस आती इससे पहले ही उन्होंने रामभूल, संजय, मोहित नागर की और एक राहगीर बालेश्वर की मदद से पीछे की सीट पर बैठे नीटू और मुनीदेव को कार का पिछला गेट खुलवाकर बाहर निकाला।
कार का आगे वाला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर अंदर की ओर घुस गया था। इसी के चलते कार चला रहे अनंग और उसके बराबर में बैठे श्याम सिंह उर्फ श्यामी को निकालने में परेशानी हुई। आगे वाला गेट तोड़कर श्यामी को बाहर निकाला गया।
तब तक पुलिस भी मौके पर पहुंच चुकी थी। पुलिस ने लोगों की सहायता से कार में ड्राइवर सीट पर फंसे अनंग पाल को कार का खिड़की का शीशा तोड़कर बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस चारों युवकों को लेकर संयुक्त जिला अस्पताल पहुंची, मगर तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। किया। मसूरी पुलिस ने चारों युवकों के मोबाइल से उनके परिजनों को हादसे की खबर दी।
दनकौर में दोस्त के घर थी पार्टी
मृतक अनंग पाल, श्याम सिंह, नीटू और मुनीदेव शुक्रवार को मेरठ से तीन बजे कार में सवार होकर दनकौर के लिए निकले थे। सूत्रों के मुताबिक चारों दोस्त दनकौर में रहने वाले एक दोस्त के घर पर पार्टी करने के लिए जा रहे थे।
इनमें अनंग पाल सिंभावली शुगर मिल में क्लर्क था, जबकि नीटू हापुड़ के एक निजी डॉक्टर के पास कंपाउंडर था। श्याम सिंह और मुनीदेव गांव में ही खेतीबाड़ी करते थे।
छह बहनों का अकेला भाई था श्याम सिंह
कार हादसे में मारा गया श्याम सिंह छह बहनों का अकेला भाई था। गांव में ही रहकर वह खेती करता था। गाजियाबाद पहुंचे लोगों ने बताया कि जैसे ही इस हादसे की खबर गांव में पहुंची, वैसे ही वहां मातम छा गया।
मौत की सूचना के बाद परिवार में कोहराम
सूचना मिलने के बाद मसूरी थाने पहुंचे परिजन अश्वनी, अवनीश और महेंद्र को पुलिस ने जैसे ही बताया कि उनके कजन की सड़क हादसे के बाद मौत हो गई है। इसके बाद थाने पहुंचे तीनों युवकों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
वह जब पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे तो अपने रिश्तेदारों के शव देखकर सदमे में आ गए। तीनों युवकों ने मेरठ में भी चारों की मौत की सूचना दी तो परिवार के लोगों में भी कोहराम मच गया।
हादसे के बाद बंबा रोड पर लगा जाम
हादसे के बाद मसूरी से नोएडा की ओर जा रही बंबा रोड पर जाम लग गया। हादसे के बाद लोगों का भीड़ इकट्ठा हो गई। इससे एनएच-24 तक करीब एक घंटे तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई। वहीं नोएडा की ओर भी दो किलो मीटर तक वाहन की कतारें लग गई। मौके पर मौजूद पुलिस ने जाम को खुलवाया।
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तत्काल ही घटनास्थल पर पहुंचे किसानों ने पीछे बैठे दोनों घायल युवकों को तो निकाल लिया, मगर आगे बैठे श्याम सिंह उर्फ श्यामी और अनंग बुरी तरह से फंसे हुए थे। करीब बीस मिनट बाद पुलिस और ग्रामीणों ने शीशा तोड़कर दोनों को बाहर निकाला।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार ने पहले एक पेड़ में साइड मारी थी। इसके बाद कार अनियंत्रित हो गई और सड़क के दूसरे किनारे पर खडे़ जामुन के पेड़ से जा टकराई। किसान इंद्रराज प्रधान ने बताया कि हादसे के तत्काल बाद ही वह सड़क की ओर दौड़ पड़े।
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उन्होंने ही पुलिस को हादसे की सूचना दी। पुलिस आती इससे पहले ही उन्होंने रामभूल, संजय, मोहित नागर की और एक राहगीर बालेश्वर की मदद से पीछे की सीट पर बैठे नीटू और मुनीदेव को कार का पिछला गेट खुलवाकर बाहर निकाला।
कार का आगे वाला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर अंदर की ओर घुस गया था। इसी के चलते कार चला रहे अनंग और उसके बराबर में बैठे श्याम सिंह उर्फ श्यामी को निकालने में परेशानी हुई। आगे वाला गेट तोड़कर श्यामी को बाहर निकाला गया।
तब तक पुलिस भी मौके पर पहुंच चुकी थी। पुलिस ने लोगों की सहायता से कार में ड्राइवर सीट पर फंसे अनंग पाल को कार का खिड़की का शीशा तोड़कर बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस चारों युवकों को लेकर संयुक्त जिला अस्पताल पहुंची, मगर तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। किया। मसूरी पुलिस ने चारों युवकों के मोबाइल से उनके परिजनों को हादसे की खबर दी।
दनकौर में दोस्त के घर थी पार्टी
मृतक अनंग पाल, श्याम सिंह, नीटू और मुनीदेव शुक्रवार को मेरठ से तीन बजे कार में सवार होकर दनकौर के लिए निकले थे। सूत्रों के मुताबिक चारों दोस्त दनकौर में रहने वाले एक दोस्त के घर पर पार्टी करने के लिए जा रहे थे।
इनमें अनंग पाल सिंभावली शुगर मिल में क्लर्क था, जबकि नीटू हापुड़ के एक निजी डॉक्टर के पास कंपाउंडर था। श्याम सिंह और मुनीदेव गांव में ही खेतीबाड़ी करते थे।
छह बहनों का अकेला भाई था श्याम सिंह
कार हादसे में मारा गया श्याम सिंह छह बहनों का अकेला भाई था। गांव में ही रहकर वह खेती करता था। गाजियाबाद पहुंचे लोगों ने बताया कि जैसे ही इस हादसे की खबर गांव में पहुंची, वैसे ही वहां मातम छा गया।
मौत की सूचना के बाद परिवार में कोहराम
सूचना मिलने के बाद मसूरी थाने पहुंचे परिजन अश्वनी, अवनीश और महेंद्र को पुलिस ने जैसे ही बताया कि उनके कजन की सड़क हादसे के बाद मौत हो गई है। इसके बाद थाने पहुंचे तीनों युवकों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
वह जब पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे तो अपने रिश्तेदारों के शव देखकर सदमे में आ गए। तीनों युवकों ने मेरठ में भी चारों की मौत की सूचना दी तो परिवार के लोगों में भी कोहराम मच गया।
हादसे के बाद बंबा रोड पर लगा जाम
हादसे के बाद मसूरी से नोएडा की ओर जा रही बंबा रोड पर जाम लग गया। हादसे के बाद लोगों का भीड़ इकट्ठा हो गई। इससे एनएच-24 तक करीब एक घंटे तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई। वहीं नोएडा की ओर भी दो किलो मीटर तक वाहन की कतारें लग गई। मौके पर मौजूद पुलिस ने जाम को खुलवाया।