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‘त्रिवेंद्र की मौत आत्महत्या नहीं हत्या’

Thu, 06 Oct 2016 11:19 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला मोदीनगर
ब्यूरो,अमर उजाला मोदीनगर Updated Thu, 06 Oct 2016 11:19 PM IST
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"The death of Trivandrum murder not suicide '
फांसी - फोटो : अमर उजाला
डॉ. केएन मोदी इंजीनियरिंग कॉलेज, मोदीनगर के हॉस्टल में रहस्यमय हालात में हुई बीटेक छात्र त्रिवेंद्र गुप्ता की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। छात्र के परिजनों ने हत्या बताते हुए डीजीपी और एसएसपी से जांच की मांग की है।
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त्रिवेंद्र महराजगंज के सबया ढाला गांव का रहने वाला था और डॉ. केएन मोदी इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह कॉलेज के नजदीक ही महेंद्रा हॉस्टल के कमरा नंबर 210 में रहता था।
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डीजीपी और एसएसपी को भेजे पत्र में उसके पिता गणेश प्रसाद ने लिखा है कि  16 अगस्त को शाम 5:45 बजे हॉस्टल के वार्डन ने उन्हें फोन पर बताया कि त्रिवेंद्र की तबीयत खराब है, जल्दी आ जाइए। उन्होंने अपने बेटों जितेंद्र और सत्येंद्र को गाजियाबाद भेजा।
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17 अगस्त को उनके बेटे कॉलेज पहुंचे तो देखा त्रिवेंद्र का शव सील कर रखा गया है। उन्हें बताया गया कि उसने फंदा लगाकर सुसाइड किया है। पुलिसकर्मियों ने जितेंद्र-सत्येंद्र को वीडियो दिखाया था, जिसे देखने से मामला सुसाइड का नहीं लग रहा था।

उसके पैर जमीन पर टिके थे। दाहिने हाथ पर कटे का निशान था। उसके रूम पार्टनर से भी उनके बेटों को नहीं मिलने दिया गया। एक सुसाइड नोट दिखाया गया, जो उनके बेटे का लिखा हुआ नहीं है।

उनके बेटों ने थाने में तहरीर दी तो पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, मगर कोई अब तक कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आशंका जताई है कि त्रिवेंद्र की मौत आत्महत्या नहीं, हत्या है। पत्र में तीन लोगों पर संदेह जताते हुए लिखा है कि उसकी आत्महत्या की झूठी कहानी गढ़ी गई है, लिहाजा इसकी गहनता से निष्पक्ष जांच की जाए तो सच सामने आ जाएगा।


उन्होंने डीजीपी से एफआईआर दर्ज कराकर सीबीआई या सीआईडी से जांच कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में कॉलेज के डायरेक्टर मनोज अग्रवाल का कहना है कि सुसाइड नोट समेत जो भी साक्ष्य मिले थे, वह पुलिस को दे दिए गए थे। अगर उसके परिजनों को कोई संदेह है, तो वह पुलिस से जांच करा सकते हैं।
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