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तसलीम का ‘पाकिस्तानी कनेक्शन’ खंगाल रही आईबी

Sat, 20 May 2017 01:17 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sat, 20 May 2017 01:17 AM IST
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Taslim's 'Pakistan Connection' is exploring IB
तसलीम - फोटो : अमर उजाला

राहुल कुमार

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गाजियाबाद। फोन की आईएमईआई बदलने वाले गिरोह का सरगना आतंकी संगठन के स्लीपर सैल का मुखिया भी हो सकता है। गुप्तचर विभाग अब इसकी कड़ियां जोड़ने में जुट गई है। विदेशी साथियों की मदद से लूट-चोरी के मोबाइल का आईएमईआई नंबर बदलने वाला तसलीम आईबी के रडार पर आ गया है।
 
बृहस्पतिवार को गाजियाबाद पुलिस ने दो लोगों को केवल मोबाइल फोन चोरी जैसे मामूली अपराध में धर दबोचा था। जांच के दौरान हुए खुलासे ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों के कान खड़े कर दिए। पूछताछ में सामने आया कि तसलीम का नेटवर्क सबसे ज्यादा पाकिस्तान से जुड़ा है।
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कई मर्तबा उसने अफगानिस्तान और चीन में बैठे आकाओं से इंटर कंट्री इंटरनेट कॉल के जरिए बातचीत की है। तसलीम आधा दर्जन से अधिक ऐसे व्हॉट्सएप ग्रुपों में जुड़ा था जो पाकिस्तान से संचालित हो रहे हैं। इनमें वह अकेला भारतीय है।
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इससे आईबी का यह शक गहरा गया है कि वह यहां  पाकिस्तान के आतंकियों के लिए स्लीपर सेल की तरह तो काम नहीं कर रहा।  यही वजह है कि उसके परिवार से भी पूछताछ की गई। पुलिस को अंधेरे में रखने के लिए  तसलीम ने बयान दिया था कि वो पाकिस्तान, चीन, अफगानिस्तान और कनाडा समेत 20 देशों के लोगों से व्हॉट्सएप ग्रुप के जरिए जुड़ा था।

इसका इस्तेमाल वो चोरी के मंहगे फोन की डिकोडिंग साफ्टवेयर के अपग्रेड वर्जन जानने के लिए करता था लेकिन जब उसका लैपटॉप और मोबाइल खंगाला गया तो लोकल खुफिया विभाग के होश फाख्ता हो गए उन्होंने ऐसे तथ्य पाए जो इशारा कर रहे थे कि कहीं न कहीं तसलीम के तार पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से जुड़े हो सकते हैं।

इस जानकारी के मिलते ही खुफिया विभाग के साथ आई बी की टीम ने जांच शुरू कर दी है। इतना ही नहीं एजेसियों की जॉच इस दिशा में भी साक्ष्य जुटा रही है कि दर्जन ग्रुपों के सभी पाकिस्तानी सदस्यों के होने के मायने  क्या हैं, कहीं कोई बड़ी साजिश को अंज़ाम देने की तैयारी तो नहीं चल रही थी।

क्योंकि इन ग्रुपों की चैट डिलीट मिली है। इसलिए आईबी, एलआईयू और स्पेशल ब्रांच अधिकारियों ने शुक्रवार को जेल में जाकर उससे घंटों पूछताछ की।  सीओ एलआईयू अलका धर्मराज सिंह तीन अलग-अलग ब्रांच ने  शुक्रवार को जांच की।


अभी इसका खुलासा करना जल्दी होगा कि उसका किसी आतंकी संगठन से जुड़ाव है या नहीं, हालांकि उसके लैपटॉप और मोबाइल  कई चौकाने वाली जानकारी दे सकते हैं इससे इंकार नहीं किया जा सकता, इस पर जल्द ही एक रिपोर्ट तैयार कर हेडक्वार्टर भेजी जाएगी।

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