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कंस्ट्रक्शन कंपनी के पार्टनर ने किया सरेंडर
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 30 Apr 2016 01:12 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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चर्चित यादव सिंह प्रकरण में एक और आरोपी विनोद कुमार गोयल ने शुक्रवार को सीबीआई की विशेष कोर्ट में सरेंडर कर दिया। तिरुपति कंस्ट्रक्शन कंपनी के मैनेजर/पार्टनर विनोद कुमार गोयल के अधिवक्ता ने उनकी अंतरिम जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल की।
बहस के बाद कोर्ट ने अर्जी को खारिज कर आरोपी को डासना जेल भेज दिया। मामले की आगामी सुनवाई के लिए कोर्ट ने 3 जून की तारीख तय की है। इससे पूर्व डासना जेल में बंद नोएडा अथॉरिटी और यमुना एक्सप्रेस-वे के चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह के साथ ही सहायक प्रोजेक्ट इंजीनियर रामेंद्र सिंह को कड़ी सुरक्षा के बीच सीबीआई विशेष न्यायाधीश जी. श्रीदेवी की कोर्ट में पेश किया गया। पेशी के बाद दोनों की न्यायिक हिरासत 3 जून तक के लिए बढ़ा दी गई।
बता दें कि कोर्ट ने इस मामले में 29 मार्च को चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए तीन कंपनियों समेत 12 लोगों के खिलाफ समन जारी किए थे। इनमें से तिरुपति कंस्ट्रक्शन फर्म की ओर से फर्म के मैनेजर/पार्टनर विनोद कुमार गोयल ने शुक्रवार को सरेंडर किया।
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इसके साथ ही आरोपी के अधिवक्ता रामअवतार गुप्ता ने उनकी अंतरिम जमानत के लिए अर्जी कोर्ट में दाखिल की। इसमें मेडिकल ग्राउंड पर आरोपी को जमानत देने की गुजारिश की गई थी। सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह ने इस अर्जी पर विरोध जताया।
बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज करते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया। उधर माना जा रहा है कि कोर्ट के आदेश पर अब बाकी आरोपियों को अब दोबारा से समन जारी किए जाएंगे।
बैंक मैनेजर सीबीआई कोर्ट में पेश, भेजा जेल
मेरठ के माछरा गांव से 25 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुए सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के मैनेजर को शुक्रवार दोपहर विशेष न्यायाधीश नवनीत कुमार की कोर्ट में पेश किया गया। न्यायाधीश ने मैनेजर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया है।
सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक पुष्कर सिंह ने बताया कि माछरा गांव के निवासी यतेंद्र शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की थी। यतेंद्र ने सीबीआई एंटी करप्शन शाखा से शिकायत की थी कि उसकी पत्नी ने महिलाओं के स्वयं रोजगार के लिए एक समूह का गठन किया है।
इस समूह के लोन का आवेदन किया गया था। लोन पास भी हो गया था, मगर बैंक मैनेजर उमेश सिंघल इसकी एवज में 25 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। बृहस्पतिवार को सीबीआई ने आरोपी बैंक मैनेजर को रंगे हाथ धर दबोचा था।
शुक्रवार को सीबीआई टीम आरोपी मैनेजर को लेकर गाजियाबाद स्थित सीबीआई विशेष कोर्ट पहुंची। कोर्ट ने आरोपी को 11 मई तक न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया।
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बहस के बाद कोर्ट ने अर्जी को खारिज कर आरोपी को डासना जेल भेज दिया। मामले की आगामी सुनवाई के लिए कोर्ट ने 3 जून की तारीख तय की है। इससे पूर्व डासना जेल में बंद नोएडा अथॉरिटी और यमुना एक्सप्रेस-वे के चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह के साथ ही सहायक प्रोजेक्ट इंजीनियर रामेंद्र सिंह को कड़ी सुरक्षा के बीच सीबीआई विशेष न्यायाधीश जी. श्रीदेवी की कोर्ट में पेश किया गया। पेशी के बाद दोनों की न्यायिक हिरासत 3 जून तक के लिए बढ़ा दी गई।
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बता दें कि कोर्ट ने इस मामले में 29 मार्च को चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए तीन कंपनियों समेत 12 लोगों के खिलाफ समन जारी किए थे। इनमें से तिरुपति कंस्ट्रक्शन फर्म की ओर से फर्म के मैनेजर/पार्टनर विनोद कुमार गोयल ने शुक्रवार को सरेंडर किया।
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इसके साथ ही आरोपी के अधिवक्ता रामअवतार गुप्ता ने उनकी अंतरिम जमानत के लिए अर्जी कोर्ट में दाखिल की। इसमें मेडिकल ग्राउंड पर आरोपी को जमानत देने की गुजारिश की गई थी। सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह ने इस अर्जी पर विरोध जताया।
बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज करते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया। उधर माना जा रहा है कि कोर्ट के आदेश पर अब बाकी आरोपियों को अब दोबारा से समन जारी किए जाएंगे।
बैंक मैनेजर सीबीआई कोर्ट में पेश, भेजा जेल
मेरठ के माछरा गांव से 25 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुए सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के मैनेजर को शुक्रवार दोपहर विशेष न्यायाधीश नवनीत कुमार की कोर्ट में पेश किया गया। न्यायाधीश ने मैनेजर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया है।
सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक पुष्कर सिंह ने बताया कि माछरा गांव के निवासी यतेंद्र शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की थी। यतेंद्र ने सीबीआई एंटी करप्शन शाखा से शिकायत की थी कि उसकी पत्नी ने महिलाओं के स्वयं रोजगार के लिए एक समूह का गठन किया है।
इस समूह के लोन का आवेदन किया गया था। लोन पास भी हो गया था, मगर बैंक मैनेजर उमेश सिंघल इसकी एवज में 25 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। बृहस्पतिवार को सीबीआई ने आरोपी बैंक मैनेजर को रंगे हाथ धर दबोचा था।
शुक्रवार को सीबीआई टीम आरोपी मैनेजर को लेकर गाजियाबाद स्थित सीबीआई विशेष कोर्ट पहुंची। कोर्ट ने आरोपी को 11 मई तक न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया।