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फिर सजा बारुद का बाजार
अजय सक्सेना /लोनी
Updated Fri, 14 Oct 2016 12:05 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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दिवाली से पहले फर्रुखनगर में बारूद का बाजार सज गया है। घर में चूल्हा जलाने वाली महिलाएं और हाथों में गेंद लेकर खेलने वाले बच्चे इस बाजार में बारूद वाले पटाखे तैयार कर रहे हैं।
सिर्फ फैक्ट्री ही नहीं, घर-घर में पटाखे तैयार किए जा रहे हैं। कई बार हादसों के शिकार हो चुके ये लोग यह जानकर भी अनजान हैं कि एक छोटी सी चिंगारी भी पूरे फर्रुखनगर को तबाह कर सकती है।
अमर उजाला की टीम जब फर्रुखनगर पहुंची तो सिर्फ गोदामों में ही नहीं बल्कि घरों में भी महिलाएं और बच्चे बम बनाते दिखे। कागज और दफ्ती से बनाए गए खोलों में बारूद भरा जा रहा था।
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पूछताछ करने पर सभी ने लाइसेंस होने का दावा किया मगर लाइसेंस दिखाने से मना कर दिया। पता चला कि दिवाली से चार महीने पहले से पटाखे बनाने का काम शुरू हो चुका है। उधर, प्रशासन ने इलाके में अभी तक न तो कोई निरीक्षण किया है न ही सुरक्षा संबंधी कोई जांच।
पुलिस बोली-47 लाइसेंस, गोदाम संचालक बोले-74
फर्रुखनगर चौकी इंचार्ज आरके मीणा की मानें तो गांव में 47 लाइसेंसी पटाखा फैक्ट्री और आठ दुकानों के लाइसेंस हैं। उधर, फैक्ट्री संचालकों का कहना है कि गांव में फैक्ट्री, गोदाम और दुकानों के कुल 74 लाइसेंस हैं। सभी लाइसेंस लेकर ही काम कर रहे हैं।
अग्निशमन के इंतजाम तक नहीं
गोदामों और दुकानों में अग्निशमन के इंतजाम नहीं दिखे। अग्निशमन विभाग की ओर से चेकिंग भी नहीं की गई है। न तो फायर इस्टिंग्वीशर है और न ही पानी का इंतजाम है। यहां तक कि बाल्टियोें में रेत तक नहीं है।
तंग गलियों में नहीं पहुंच पाएगी फायर ब्रिगेड
फर्रुखनगर की जिन तंग गलियों में पटाखों का धंधा हो रहा है, उनमें आग लगने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच सकती। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि यदि अग्निकांड हुआ तो उसके परिणाम कितने घातक होंगे।
फर्रखनगर में हुए हादसे
27 जुलाई 2015 : धमाके होने से गोदाम की दीवार गिरी
08 नवंबर 2015: पटाखा फैक्ट्री में लगी आग
07 मार्च 2015: पटाखों से भरी कार में लगी आग, कार में बैठे एक बच्चे की मौत
इस मामले में नगर मजिस्ट्रेट बीडी सिंह यादव का कहना है कि पटाखा बिक्री लाइसेंस के लिए उनके पास आवेदन आने शुरू हो गए हैं। सभी आवेदन आने के बाद उन पर विचार किया जाएगा।
सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि शहरी क्षेत्र में आबादी के बीचोंबीच किसी हालत में पटाखा बिक्री नहीं होने दी जाएगी। शहर में चल रहे पटाखा गोदामों की सूचनाएं उन्हें मिली हैं। इसी पर फोकस कर अभियान चलाया जाएगा।
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सिर्फ फैक्ट्री ही नहीं, घर-घर में पटाखे तैयार किए जा रहे हैं। कई बार हादसों के शिकार हो चुके ये लोग यह जानकर भी अनजान हैं कि एक छोटी सी चिंगारी भी पूरे फर्रुखनगर को तबाह कर सकती है।
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अमर उजाला की टीम जब फर्रुखनगर पहुंची तो सिर्फ गोदामों में ही नहीं बल्कि घरों में भी महिलाएं और बच्चे बम बनाते दिखे। कागज और दफ्ती से बनाए गए खोलों में बारूद भरा जा रहा था।
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पूछताछ करने पर सभी ने लाइसेंस होने का दावा किया मगर लाइसेंस दिखाने से मना कर दिया। पता चला कि दिवाली से चार महीने पहले से पटाखे बनाने का काम शुरू हो चुका है। उधर, प्रशासन ने इलाके में अभी तक न तो कोई निरीक्षण किया है न ही सुरक्षा संबंधी कोई जांच।
पुलिस बोली-47 लाइसेंस, गोदाम संचालक बोले-74
फर्रुखनगर चौकी इंचार्ज आरके मीणा की मानें तो गांव में 47 लाइसेंसी पटाखा फैक्ट्री और आठ दुकानों के लाइसेंस हैं। उधर, फैक्ट्री संचालकों का कहना है कि गांव में फैक्ट्री, गोदाम और दुकानों के कुल 74 लाइसेंस हैं। सभी लाइसेंस लेकर ही काम कर रहे हैं।
अग्निशमन के इंतजाम तक नहीं
गोदामों और दुकानों में अग्निशमन के इंतजाम नहीं दिखे। अग्निशमन विभाग की ओर से चेकिंग भी नहीं की गई है। न तो फायर इस्टिंग्वीशर है और न ही पानी का इंतजाम है। यहां तक कि बाल्टियोें में रेत तक नहीं है।
तंग गलियों में नहीं पहुंच पाएगी फायर ब्रिगेड
फर्रुखनगर की जिन तंग गलियों में पटाखों का धंधा हो रहा है, उनमें आग लगने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी नहीं पहुंच सकती। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि यदि अग्निकांड हुआ तो उसके परिणाम कितने घातक होंगे।
फर्रखनगर में हुए हादसे
27 जुलाई 2015 : धमाके होने से गोदाम की दीवार गिरी
08 नवंबर 2015: पटाखा फैक्ट्री में लगी आग
07 मार्च 2015: पटाखों से भरी कार में लगी आग, कार में बैठे एक बच्चे की मौत
इस मामले में नगर मजिस्ट्रेट बीडी सिंह यादव का कहना है कि पटाखा बिक्री लाइसेंस के लिए उनके पास आवेदन आने शुरू हो गए हैं। सभी आवेदन आने के बाद उन पर विचार किया जाएगा।
सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि शहरी क्षेत्र में आबादी के बीचोंबीच किसी हालत में पटाखा बिक्री नहीं होने दी जाएगी। शहर में चल रहे पटाखा गोदामों की सूचनाएं उन्हें मिली हैं। इसी पर फोकस कर अभियान चलाया जाएगा।