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अधिनियम में संशोधन के विरोध में उतरे अधिवक्ता, लगाया जाम
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 21 Apr 2017 11:38 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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विधि आयोग द्वारा अधिवक्ता अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन के विरोध में शुक्रवार को वकील सड़क पर उतर आए। वकीलों ने एसएसपी आफिस के बाहर हापुड़ रोड पर जाम लगा दिया। वकीलों के इस विरोध प्रदर्शन से करीब एक घंटे तक ट्रैफिक प्रभावित रहा।
बाद में वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल एडीएम प्रशासन ज्ञानेंद्र सिंह से मिला और अपनी मांगों से संबंधित प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन उन्हें सौंपा। इस दौरान डीएम कार्यालय के बाहर ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवान से वकीलों की नोकझोंक भी हुई।
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बार कौंसिल ऑफ यूपी के आह्वान पर बार एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में वकील कचहरी में एकत्रित हुए। बार सभागार से सभी नारेबाजी करते हुए एसएसपी आफिस के सामने हापुड़ रोड पर पहुंच गए। वकील बीच सड़क में ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।
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वकीलों के इस प्रदर्शन से हापुड़ रोड पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश त्यागी काकड़ा और सचिव परविंदर नागर ने अपने संबोधन में कहा कि अधिवक्ताओं की स्वायत्तता समाप्त करने वाली लॉ कमीशन की रिपोर्ट का वकील विरोध करते हैं।
क्योंकि अगर यह संशोधन प्रभावी होते हैं तो अधिवक्ता के ऊपर जुर्माने से लेकर समाज हित में वकीलों द्वारा की जाने वाली हड़ताल पर भी रोक लग जाएगी। इसमें यह भी प्रस्तावित है कि बार कौंसिल के चेयरमैन भी अधिवक्ता नहीं होंगे, बल्कि अन्य किसी व्यवसाय से चुने जाएंगे, जोकि पूरी तरह से सिद्धांतों के खिलाफ है।
सचिव परविंदर नागर ने बताया कि प्रस्तावित संशोधन पूरी तरह से अधिवक्ता समाज की संप्रभुता को समाप्त करने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि इस प्रस्तावित अधिवक्ता अधिनियम संशोधित बिल को तत्काल प्रभाव निरस्त किया जाए।
बाद में वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम को ज्ञापन देने पहुंचा। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता नाहर सिंह यादव, शैलेंद्र त्यागी, चंद्रभान शर्मा, विक्रांत पाराशर, अजयपाल सिंह, सर्वेश कुमार शर्मा आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।