पेशी पर आया बंदी शुक्रवार को सिपाही को अगवा कर कोर्ट परिसर से फरार हो गया। बंदी पहले सिपाही को कोर्ट से बाहर लाया, फिर अपने कार सवार साथियों की मदद से उसे पीटा और सदरपुर के जंगल में फेंक दिया। इस दौरान उसकी आंखों में मिर्ची स्प्रे भी किया। सिपाही को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर ही है। दतियाना (मुजफ्फरनगर) निवासी रुचिन को दो साल पहले मोदीनगर पुलिस ने लूट के मामले में गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को उसे डासना जेल से पेशी पर लाया गया था। सुबह 11 बजे रुचिन को न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद पुलिसकर्मी उसे वापस सदर हवालात ले गए। दोपहर ढाई बजे रुचिन की एक अन्य केस में दूसरी कोर्ट में पेशी थी।
फिर सामने आया यूपी पुलिस का शर्मनाक चेहरा, सिपाही को किडनैप कर कैदी हुआ फरार
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एमएमजी में प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस ने सिपाही जितेंद्र को हिरासत में ले लिया। एसएसपी केएस इमेनुएल का कहना है कि शुरूआती जांच में सिपाही की बातें संदिग्ध लग रही हैं। उसके खिलाफ कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
गले नहीं उतरती सिपाही की कहानी
डासना जेल से कोर्ट में पेशी पर आए मुजफ्फरनगर के कुख्यात रुचिन की फरारी और पुलिसकर्मी जितेंद्र ने जो घटनाक्रम बताया है, उसमें कई झोल हैं। लोगों का यही कहना है कि रुचिन जैसे फरार हुआ है, वह अपने आप में पहली घटना है। कोर्ट परिसर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और चप्पे-चप्पे पर पुलिस-पीएसी जवान तैनात होते हैं।
इतनी सिक्योरिटी के बीच अर्ध बेहोशी की हालत में एक सिपाही का हाथ पकडे़ बंदी सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचकर निकल जाए, यह बात हजम नहीं हो रही। साथ ही एक सिपाही अर्ध बेहोशी की हालत में आरडीसी तक करीब 200 मीटर तक पैदल चला जाए, इस पर भी यकीन करना मुश्किल है। जांच में जुटी क्राइम ब्रांच की टीम को आरोपी सिपाही जितेंद्र सिंह ने बताया कि अर्ध बेहोशी की हालत में बंदी उसका हाथ पकड़कर आरडीसी तक ले गया, जहां पहले से ही उसके साथी लग्जरी कार में सवार थे।