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कैश की किल्लत से बढ़ती जा रही दिक्कत

Sun, 18 Dec 2016 12:10 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला गाजियाबाद Updated Sun, 18 Dec 2016 12:10 AM IST
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The growing problem of cash shortage
नोटबंदी परेशानी कम होते नहीं दिख रही - फोटो : file photo

नोटबंदी का शनिवार को 39वां दिन है। लेकिन बैंकों के बाहर कतारों का सिलसिला जारी है। लोगाें को अब भी पूरे दिन लाइन में लगकर भी कैश नहीं मिल पा रहा है। हालात यह हैं कि लोग अब आपा खोने लगे हैं।

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शनिवार को सिंडिकेट बैंक  की सभी ब्रांचों में शनिवार को कैश देरी से पहुंचा, जिस वजह से मालीवाड़ा स्थित बैंक की ब्रांच में लोगों ने हंगामा कर दिया और रोड जाम करने की कोशिश की।
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पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया। बैंक के चीफ मैनेजर राजीव साहनी ने बताया कि करेंसी चेस्ट से ही देर में कैश मिला, जिसकी वजह से ग्राहकों को इंतजार करना पड़ा। बैंक में कैश पहुंचते ही लोगों को कैश बांटा गया। 
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दोपहर तक ही निपट जाता है बैंकों में कैश
शनिवार को एचडीएफसी, सिंडिकेट, आईसीआईसीआई, एक्सिस बैंक, पीएनबी, इलाहाबाद बैंक, एसबीआई, इंडियन ओवरसीज बैंक, सेंट्रल बैंक, देना बैंक आदि में दोपहर तक ही कैश निपट गया। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है। दूसरी ओर अधिकतर एटीएम भी शुरू नहीं हो पाए हैं, जिसकी वजह से परेशानी बनी हुई है।

लाइन में लगने के बाद भी नहीं मिला कैश
 क्षेत्र के कुछ बैंकों में लोगों को कैश मिला जबकि कुछ लोग ऐसे भी रहे, जिन्हें लाइन में लगने के बावजूद भी बिना कैश लिए ही लौटना पड़ा। केनरा बैंक के बाहर लोग सुबह ही लाइन में लग गए थे। बैंक खुलने पर प्रबंधक ने लोगों से कहा पैसा दोपहर को आएगा।

दोपहर को धनराशि आने पर प्रबंधक ने देरी का बहाना बनाते हुए सोमवार को पैसा बांटने की बात कही। लाइन में लगे पूर्व बैंक मैनेजर वीके कौशिक ने बताया कि बीती आठ दिसंबर को उनकी बेटी की शादी हुई।

कई लोगों का बकाया देना था, इस लिए बैंक के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन मैनेजर ने यह कहकर लौटा दिया कि 12 दिसंबर को टोकन लेने वाले लोगों को ही पैसा दिया जाएगा। वह निराश होकर लौट गए।

उधर, बस स्टैंड के निकट पीएनबी बैंक के मुख्य प्रबंधक विपुल वर्मा ने बताया कि उनके बैंक में स्थिति सामान्य हो चुकी है। शनिवार को सेविंग एकाउंट के ग्राहकों को 24 हजार और करंट एकाउंट के ग्राहकों को पचास हजार रुपये की राशि दी गई। 

डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पेट्रोल लेने पर कैश बैक मिलना शुरू

 कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ाने के लिए पेट्रोल पंपों पर 0.75 प्रतिशत का कैश बैक मिलना शुरू हो गया है। इसके लिए इंडियन ऑयल के सभी पेट्रोल पंपों पर स्वाइप मशीन दे दी गई।

ग्राहक अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड से स्वाइप कर जितनी धनराशि का पेट्रोल या डीजल लेंगे, उसका 0.75 प्रतिशत अमाउंट उनके एकाउंट में तीन से चार दिन बाद आ जाएगा।
नोटबंदी केबाद से केंद्र सरकार कैशलेस ट्रांजेक्शन पर जोर दे रही है।

इस ट्रांजेक्शन को बढ़ाने के लिए सरकार ने कई आकर्षक ऑफर भी शुरू किए हैं, जिसमें से एक पेट्रोल पंप पर कार्ड का उपयोग करने पर 0.75 प्रतिशत का डिस्काउंट देना है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जयवीर सिंह ने बताया कि यह कैश बैक दिया जाना शुरू हो चुका है।

इसमें तेल कंपनियों ने स्वाइप मशीन के एकाउंट को अपने एकाउंट से लिंक कर लिया है। जैसे ही कोई ग्राहक किसी भी बैंक का कार्ड स्वाइप करता है तो वह अमाउंट तेल कंपनियों के पास चला जाएगा।

इसके बाद कंपनी कुल धनराशि का 0.75 प्रतिशत संबंधित बैंक को ट्रांसफर कर देंगी। इसके बाद बैंक की जिम्मेदारी है कि वह उस धनराशि को ग्राहक के एकाउंट में ट्रांसफर करे। वैसे तेल भराने के तीन से चार दिन के बाद यह कैश बैक ग्राहक के एकाउंट में आएगा।

नोटबंदी से अब जवाब देने लगा सब्र 
बैंकों में पर्याप्त कैश न पहुंचने पर अब लोगों का सब्र जवाब देने लगा है।  बीते 17 दिन से रोज बैंकों के बाहर हंगामा हो रहा है। यहां तक कि कई बार नौबत हाथापाई तक भी पहुंच गई। बैंक कर्मचारियों के विरोध में सड़क पर जाम लगाया जा रहा है।

यहां तक कि कुछ दिन पहले आक्रोशित ग्राहक ने जीटी रोड स्थित आईडीबीआई बैंक की महिला कर्मचारी के ऊपर चाय तक फेंक दी थी। पहली दिसंबर से लेकर अब तक का हर दिन बैंकों के बाहर हंगामे के साथ गुजर रहा है। 


1 दिसंबर
- पहली दिसंबर को मालीवाड़ा स्थित सिंडिकेट बैंक के बाहर कैश न मिलने पर लोगों ने हंगामा किया। लोगों का आरोप था कि बैंक कर्मचारी अपने परिचितों को अंदर बुलाकर कैश दे देते हैं जबकि बाहर खड़े लोगों को सिर्फ टोकन देकर टरका दिया जाता है।

- मुरादनगर में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से रुपये निकालनेे के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी हुई थी, जिसमें महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। बैंक खुलने के कुछ देर बाद ही कैश खत्म हो गया। इस पर महिलाएं हंगामा करने लगी। 

- नोट बंदी के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को तहसील पर प्रदर्शन किया। सपा कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के विरोध में नारेबाजी की और राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम अतुल कुमार को सौंपा।

2 दिसंबर
मुरादनगर स्थित ओबीसी बैंक में कैश लेने के लिए आए एक युवक ने अंदर जाने की कोशिश की। तभी लाइन में लगे दूसरे युवक ने इसका विरोध किया। इस बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। मामला मारपीट तक पहुंच गया। एसएसआई आरके वशिष्ट ने लोगों को समझाकर शांत किया।

3 दिसंबर
- शनिवार को आरडीसी स्थित आईडीबीआई बैंक के बाहर जमकर हंगामा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बैंक के पास जितना कैश आया उसे कर्मचारियों ने अपने परिचिताें को दिया। इस पर लोग भड़क उठे और उन्हाेंने बैंक मैनेजर को केबिन से बाहर निकाल लिया। सिक्योरिटी गार्ड और पुलिस ने मामले को शांत कराया।

 कैश खत्म होने पर लाइन में लगे लोगों ने मोदीनगर में हाईवे पर जाम लगाया। पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। दोपहर को मुरादनगर स्थित पीएनबी बैंक में कैश खत्म होने लोगों ने जमकर हंगामा काटा।

- एसबीआई बैंक में लाइन तोड़ने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। पुलिस ने मामले को शांत कराया। उधर, मोदीनगर तेल मिल क्षेत्र स्थित इलाहाबाद बैंक में कैश खत्म होने पर लोगों ने हंगामा कर हाईवे पर जाम लगा दिया।

6 दिसंबर
- कैश के लिए परेशान ग्राहकों से बैंक कर्मचारियों ने बदसलूकी की। ट्रांसपोर्टर विपिन कुमार ने बताया कि जीटी रोड स्थित आईडीबीआई बैंक शाखा में दर्जनों लोग कैश के लिए लाइन लगाए खड़े थे।

बैंक खुलने से पहले ही बैंक का कर्मचारी आया। उसके हाथ में कुछ चेक थे। गेट पर आते ही कर्मचारी ने कहा कि कैश नहीं है वापस चले जाओ। लोगों ने जब एतराज जताया तो उसने बदसलूकी की।

7 दिसंबर
आरडीसी स्थित आईसीआईसीआई बैंक के बाहर लगे लोगों ने कैश न मिलने पर हंगामा किया। लोगों का आरोप था कि वह सुबह पांच बजे से लाइन में खड़े हैं। बैंक खुला और 9 :30 बजे ही बैंक अधिकारियों ने कैश खत्म होने की घोषणा कर दी। 

- कैश खत्म होने के कारण मुरादनगर-मोदीनगर में कई बैंकों पर हंगामा हुआ।  परेशान लोगों ने करीब 20 मिनट कस्बा रोड जाम किया। मुरादनगर में कस्बा रोड स्थित इलाहाबाद बैंक में कैश खत्म होने की सूचना पर लोग भड़क गए और बैंक के सामने सड़क जाम कर दी।

11 दिसंबर
बैंक खुलते ही ग्राहकों को संभालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। जीटी रोड स्थित आईडीबीआई बैंक में एक ग्राहक ने तोड़फोड़ कर दी। बैंक की ब्रांच मैनेजर रीमा पाठक ने बताया कि मंगलवार को बैंक में कैश नहीं आया।

जो कैश पहले से रखा था, वही बांटा गया। एक ग्राहक सौलीन मलिक आया और काउंटर पर बैठी महिला कर्मचारी के साथ अभद्रता करने लगा। गंदी भाषा का प्रयोग करतेे हुए उसने चाय कर्मचारी के ऊपर फेंक दी। इतने पर भी वह नहीं माना और कंप्यूटर स्क्रीन को जमीन पर पटक दिया। पुलिस ने बैंक मैनेजर की शिकायत पर सौलीन को हिरासत में लिया। 

16 दिसंबर
- महरौली स्थित बैंक ऑफ इंडिया में कैश न मिलने पर लोगों ने आधा घंटे के लिए एनएच 24 पर जाम लगा दिया। लोगों का आरोप है कि घंटों लाइन में खड़े होने के बाद भी कैश नहीं मिला,  जबकि बैंक मैनेजर बीबी शर्मा कहना था कि कैश बीते तीन दिन से नहीं आ रहा है।


- कैश की किल्लत के चलते लोगों ने गोविंदपुरी स्थित जिला सहकारी बैंक के प्रबंधक नरेश शर्मा का आधे घंटे तक घेराव किया। बाद में प्रबंधक द्वारा लोगों को यह बताने पर कि कैश की किल्लत स्थानीय स्तर पर नहीं है।

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