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एनआरआई को लगाया 16 लाख रुपये का चूना
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sun, 17 Jul 2016 12:54 AM IST
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अपराध्ा
- फोटो : अमर उजाला
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15 दिन पहले भारत आए एनआरआई दंपति के अकाउंट से धोखाधड़ी कर करीब 16 लाख रुपये की ठगी की गई है। पीड़ित दंपति ने शनिवार को कविनगर थाने में बैंक और ब्रांच हैड के खिलाफ धोखाधड़ी की तहरीर दी है।
राजनगर आर-13 निवासी जितेंद्र कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी अल्पना गुप्ता पिछले सात सालों से नाइजीरिया में रह रहे हैं। जितेंद्र गुप्ता चार्टेड अकाउंटेंट हैं। दंपति तीन जुलाई को भारत आए हैं। दंपति का राजनगर स्थित एक बैंक में ज्वाइंट अकाउंट है।
जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि पांच जुलाई को शाम के वक्त उनके फोन पर मैसेज आया कि आपके अकाउंट से 16,08,472 रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। इसके बाद उन्होंने बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर को कॉल कर मामले की जानकारी दी।
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मैनेजर ने ब्रांच हैड को जानकारी दी। इसके बाद ब्रांच हैड और रिलेशनशिप मैनेजर रात करीब नौ बजे बैंक आए ट्रांजेक्शन चेक की तो पता चला कि पैसे गुजरात की एक कंपनी को ट्रांसफर किए गए हैं।
बकौल जितेंद्र गुप्ता, ब्रांच हैड का कहना है कि यह पैसे उनके द्वारा की गई ई-मेल के आधार पर यह पैसा ट्रांसफर किया गया है जबकि उन्होंने कोई ई-मेल नहीं किया था। इसके बाद ब्रांच हैड ने जिस कंपनी को पैसे ट्रांसफर किए थे, वहां फोन कर अमाउंट को ब्लॉक करा दिया।
ब्रांच हैड ने माना कि उन्हें किसी ने फर्जी मेल किया था, उन्होंने पांच जुलाई को पैसे वापस करने का आश्वासन दिया था, लेकिन पैसे वापस नहीं किए। शनिवार को वह कविनगर थाने पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई।
जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन मनी ट्रांसफर का एक नियम होता है। इस नियम में एनआरआई मनी ट्रांसफर के लिए बैंक मैनेजर को एक मेल करता है। इसके बाद बैंक सिक्योरिटी के लिए ग्राहक से कॉल कर सहमति लेता है और एक हस्ताक्षर मेल के रूप में ग्राहक से लेता है।
उनका आरोप है कि ब्रांच हैड ने उन्हें सिक्योरिटी के लिए न कॉल की और न ही मेल की। कविनगर एसएचओ का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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राजनगर आर-13 निवासी जितेंद्र कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी अल्पना गुप्ता पिछले सात सालों से नाइजीरिया में रह रहे हैं। जितेंद्र गुप्ता चार्टेड अकाउंटेंट हैं। दंपति तीन जुलाई को भारत आए हैं। दंपति का राजनगर स्थित एक बैंक में ज्वाइंट अकाउंट है।
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जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि पांच जुलाई को शाम के वक्त उनके फोन पर मैसेज आया कि आपके अकाउंट से 16,08,472 रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। इसके बाद उन्होंने बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर को कॉल कर मामले की जानकारी दी।
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मैनेजर ने ब्रांच हैड को जानकारी दी। इसके बाद ब्रांच हैड और रिलेशनशिप मैनेजर रात करीब नौ बजे बैंक आए ट्रांजेक्शन चेक की तो पता चला कि पैसे गुजरात की एक कंपनी को ट्रांसफर किए गए हैं।
बकौल जितेंद्र गुप्ता, ब्रांच हैड का कहना है कि यह पैसे उनके द्वारा की गई ई-मेल के आधार पर यह पैसा ट्रांसफर किया गया है जबकि उन्होंने कोई ई-मेल नहीं किया था। इसके बाद ब्रांच हैड ने जिस कंपनी को पैसे ट्रांसफर किए थे, वहां फोन कर अमाउंट को ब्लॉक करा दिया।
ब्रांच हैड ने माना कि उन्हें किसी ने फर्जी मेल किया था, उन्होंने पांच जुलाई को पैसे वापस करने का आश्वासन दिया था, लेकिन पैसे वापस नहीं किए। शनिवार को वह कविनगर थाने पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई।
जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन मनी ट्रांसफर का एक नियम होता है। इस नियम में एनआरआई मनी ट्रांसफर के लिए बैंक मैनेजर को एक मेल करता है। इसके बाद बैंक सिक्योरिटी के लिए ग्राहक से कॉल कर सहमति लेता है और एक हस्ताक्षर मेल के रूप में ग्राहक से लेता है।
उनका आरोप है कि ब्रांच हैड ने उन्हें सिक्योरिटी के लिए न कॉल की और न ही मेल की। कविनगर एसएचओ का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।