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एमबीबीएस में दाखिले का झांसा देकर 40 करोड़ की ठगी
ब्यूरो अमर उजाला/ वैशाली
Updated Wed, 19 Oct 2016 12:27 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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सेक्टर-1 के अंसल प्लाजा स्थित एक शिक्षण संस्थान ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने का झांसा देकर विभिन्न राज्यों के कई छात्रों से करोड़ों रुपये ठग लिए हैं। छात्रों की इलाहाबाद, झांसी, सहारनपुर समेत अन्य जिलों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में काउंसलिंग भी कराई गई।
ऐसे में सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है। मंगलवार को 31 पीड़ितों ने थाना इंदिरापुरम में तहरीर दी है कि उनसे करीब 30 से 40 करोड़ रुपये की ठगी हुई है।
गुरूग्राम निवासी हरिमूरत उपाध्याय ने बताया कि सेक्टर-1 स्थित अंसल प्लाजा में मेड्रिटिक्स एजूकेशन नाम से शिक्षण संस्थान का ऑफिस था। करीब चार महीने पहले संस्थान की ओर से एक युवती ने कॉल कर सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने का ऑफर दिया, जिसके बाद छात्र उनसे मिलने वैशाली स्थित कार्यालय आए।
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यहां मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से संबंधित दस्तावेज दिखा कर उसी के माध्यम से दाखिले दिलाने का झांसा दिया गया। सरकारी मेडिकल कॉलेज में कोटे की तीन सीटों पर दाखिला दिलाने के लिए नगद और डिमांड ड्रॉफ्ट के जरिए कुल आठ लाख रुपये दिए।
इसी तरह से नोएडा, तमिलनाडू, बंगाल, केरल, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों के छात्रों से भी ठगी की गई। ठगों ने 31 पीड़ितों में से किसी से 10 तो किसी को 25 लाख रुपये तक चूना लगाया है। एसओ इंदिरापुरम शीलेश यादव ने बताया ठगों के मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया जा रहा है। एक टीम बना जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं।
एडमिशन लेटर नहीं मिलने पर चला ठगी का पता
छात्रों ने बताया कि संस्थान की ओर से 14 से 28 सितंबर के बीच इलाहाबाद, झांसी, गोरखपुर, इटावा, सहारनपुर, लखनऊ आदि जिलों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में काउंसलिंग के लिए बुलाया गया।
काउंसलिंग के बाद ही उनसे पूरी रकम ले ली गई और बताया गया कि उनका दाखिला हो चुका है और अक्तूबर के पहले हफ्ते में एडमिशन लेटर डाक के जरिए मिल जाएगा।
एडमिशन लेटर नहीं आने पर शिक्षण संस्थान के कार्यालय और प्रबंधकों को कॉल किया, लेकिन सभी के फोन बंद मिले। अंसल प्लाजा में उनका आफिस भी बंद था। शिक्षण संस्थान की ओर से दिए गए पहचान पत्र भी फर्जी बताए जा रहे हैं।
इनके भविष्य से हुआ खिलवाड़
थाने पहुंचे छात्र देश के अलग अलग राज्यों से हैं। इनमें सतीश शर्मा निवासी श्रीगंगानगर, अरविंद निवासी नोएडा, देवेंद्र पांडे निवासी गुरुग्राम (हरियाणा), राजकुमार निवासी तमिलनाडू, सत्यवीर निवासी राजस्थान, रविंद्र निवासी बंगाल, जॉन जैकब निवासी केरल, सतवीर ठाकुर निवासी हिमाचल प्रदेश, उमेश निवासी राजस्थान, सुनील निवासी राजस्थान, अविनेश निवासी तमिलनाडू, थैंबी निवासी तमिलनाडू सहित अन्य शामिल हैं।
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ऐसे में सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है। मंगलवार को 31 पीड़ितों ने थाना इंदिरापुरम में तहरीर दी है कि उनसे करीब 30 से 40 करोड़ रुपये की ठगी हुई है।
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गुरूग्राम निवासी हरिमूरत उपाध्याय ने बताया कि सेक्टर-1 स्थित अंसल प्लाजा में मेड्रिटिक्स एजूकेशन नाम से शिक्षण संस्थान का ऑफिस था। करीब चार महीने पहले संस्थान की ओर से एक युवती ने कॉल कर सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने का ऑफर दिया, जिसके बाद छात्र उनसे मिलने वैशाली स्थित कार्यालय आए।
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यहां मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से संबंधित दस्तावेज दिखा कर उसी के माध्यम से दाखिले दिलाने का झांसा दिया गया। सरकारी मेडिकल कॉलेज में कोटे की तीन सीटों पर दाखिला दिलाने के लिए नगद और डिमांड ड्रॉफ्ट के जरिए कुल आठ लाख रुपये दिए।
इसी तरह से नोएडा, तमिलनाडू, बंगाल, केरल, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों के छात्रों से भी ठगी की गई। ठगों ने 31 पीड़ितों में से किसी से 10 तो किसी को 25 लाख रुपये तक चूना लगाया है। एसओ इंदिरापुरम शीलेश यादव ने बताया ठगों के मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया जा रहा है। एक टीम बना जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं।
एडमिशन लेटर नहीं मिलने पर चला ठगी का पता
छात्रों ने बताया कि संस्थान की ओर से 14 से 28 सितंबर के बीच इलाहाबाद, झांसी, गोरखपुर, इटावा, सहारनपुर, लखनऊ आदि जिलों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में काउंसलिंग के लिए बुलाया गया।
काउंसलिंग के बाद ही उनसे पूरी रकम ले ली गई और बताया गया कि उनका दाखिला हो चुका है और अक्तूबर के पहले हफ्ते में एडमिशन लेटर डाक के जरिए मिल जाएगा।
एडमिशन लेटर नहीं आने पर शिक्षण संस्थान के कार्यालय और प्रबंधकों को कॉल किया, लेकिन सभी के फोन बंद मिले। अंसल प्लाजा में उनका आफिस भी बंद था। शिक्षण संस्थान की ओर से दिए गए पहचान पत्र भी फर्जी बताए जा रहे हैं।
इनके भविष्य से हुआ खिलवाड़
थाने पहुंचे छात्र देश के अलग अलग राज्यों से हैं। इनमें सतीश शर्मा निवासी श्रीगंगानगर, अरविंद निवासी नोएडा, देवेंद्र पांडे निवासी गुरुग्राम (हरियाणा), राजकुमार निवासी तमिलनाडू, सत्यवीर निवासी राजस्थान, रविंद्र निवासी बंगाल, जॉन जैकब निवासी केरल, सतवीर ठाकुर निवासी हिमाचल प्रदेश, उमेश निवासी राजस्थान, सुनील निवासी राजस्थान, अविनेश निवासी तमिलनाडू, थैंबी निवासी तमिलनाडू सहित अन्य शामिल हैं।