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घायलों की जान बचाना सीख रही यूपी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
Updated Wed, 10 Aug 2016 12:31 AM IST
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यूपी पुलिस
- फोटो : pti
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सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करने के लिए यूपी पुलिस को घायलों की जान बचाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।गाजियाबाद एसपी (ट्रैफिक) की मौजूदगी में एम्स ट्रॉमा सेंटर में इस आशय का समझौता किया गया है। एसपी राजेश कुमार ने कहा कि एम्स बेसिक इमरजेंसी केयर कोर्स (एबीईसीसी) में फिलहाल उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से 43 जवानों ने भाग लिया है।
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ज्यादा से ज्यादा अधिकारियों और जवानों को प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। एम्स ट्रॉमा सेंटर के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक संजीव भोई ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस के 20 हजार जवानों को प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये लोग दूसरे जवानों को प्रशिक्षित कर सकते हैं। डॉ. भोई ने कहा कि देश में एंबुलेंस की कमी है।
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लिहाजा ज्यादातर सड़क हादसों के मामलों में घटनास्थल पर पहले पुलिस हीं पहुंचती है और अपनी गाड़ी में घायल को लेकर अस्पताल पहुंचती है। हादसे के बाद गोल्डन पीरियड पुलिस के पास ही होता है, जो घायलों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। डॉ.भोई ने बताया कि देश में प्रति वर्ष डेढ़ लाख लोगों की मौत सड़क हादसे में होती है।
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जीवन ज्योति राष्ट्रीय अभियान की राष्ट्रीय संयोजक निर्मल ठाकुर ने बताया कि एम्स बेसिक इमरजेंसी केयर कोर्स (एबीईसीसी) के तहत देश के 15 राज्यों की पुलिस को ट्रेनिंग दी जा रही है।