फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Insurance agent who was finally picked as a swindle

इंश्योरेंस एजेंट बनकर ठगी करने वाले दबोचे

Sun, 14 Aug 2016 12:21 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला साहिबाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला साहिबाबाद Updated Sun, 14 Aug 2016 12:21 AM IST
विज्ञापन
Insurance agent who was finally picked as a swindle
अपराध - फोटो : अमर उजाला

 इंश्योरेंस एजेंट बनकर एयरफोर्स कर्मी से 10 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने धर दबोचा। इनमें दो युवतियां और एक युवक हैं। गिरोह के सरगना समेत दो लोग अभी भी फरार हैं। पुलिस ने ठगों के पास से 91 हजार रुपये और तीन मोबाइल बरामद किए हैं। 

विज्ञापन


थाना इंदिरापुरम एसएचओ गोरखनाथ यादव ने बताया कि वैशाली सेक्टर-7 स्थित रामप्रस्था ग्रीन निवासी एयरफोर्स कर्मी ने शिकायत दी थी कि कुछ लोगों ने इंश्योरेंस एजेंट बनकर पॉलिसी का क्लेम दिलाने के नाम पर उनसे करीब साढ़े नौ लाख रुपये ठग लिए। गत 14 जुलाई को पुलिस को मामले में शिकायत दी गई। इसके बाद पुलिस की दो टीम ठगों की धरपकड़ में लगाई गईं।
विज्ञापन


पुलिस ने दो मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया, जिसमें से एक नंबर बंद आ रहा था। शनिवार रात को एक नंबर की लोकेशन वैशाली में मिली, जिसके बाद पुलिस की टीम ने मौके से गौरव कुमार, रूबी निवासी दिल्ली और शालू निवासी लालकुआं को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस ने बताया कि गिरोह पहले दिल्ली में कार्यालय बनाकर ठगी करता था, वहां पुलिस की छापेमारी के बाद वह ट्रांस हिंडन इलाके में आ गया। यह गिरोह किसी पार्क, होटल या शॉपिंग मॉल में बैठकर लोगों को कॉल कर फंसाते थे।


- कॉल सेंटर में हुई दोस्ती बनाया गिरोह
गिरोह के सभी सदस्य कॉल सेंटर में काम करते थे। कॉल सेंटरों के डाटा से उन्होंने इंश्योरेंस के डिफाल्टरों की सूची तैयार की थी। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर दिल्ली में ऑफिस खोला और यहां से वह कॉल करके लोगों को इश्योंरेंस कंपनी में फंसे हुई रकम दिलाने का लालच देते थे। इसकी एवज में कमीशन के तौर पर रकम ऐंठते थे।


आरोपी गौरव और शालू बीए पास हैं, जबकि रूबी एमबीए कर चुकी है। युवतियां लोगों को कॉल करके फंसाती थी और उनका शेयर 20 फीसदी था। जब बैंक खाते में रकम आती थी, उसका शेयर 60 फीसदी और बाकी में 20 फीसदी बांटा जाता था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed