हिमांशी प्रकरण की जांच सीओ फर्स्ट को सौंपी गई
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इंवेस्टिगेशन ऑफीसर बदलने के निर्णय पर अलग-अलग बात सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो चार्जशीट दाखिल नहीं किए जाने तक हिमांशी के पिता ने ससुराल पक्ष के खिलाफ बयान दिए लेकिन चार्जशीट दाखिल हो पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
जिसके बाद उच्चाधिकारियों के पास जाकर आरोपियों पूर्व राज्यसभा सांसद नरेंद्र कश्यप एवं उनके परिवार और वादी हिमांशी के पिता हिरालाल कश्यप ने बयान बदल दिए हैं। ऐसे में, मामले की नए सिरे से जांच करने के लिए एसएसपी दीपक कुमार ने सीओ फर्स्ट इंद्रपाल सिंह को जांच सौंप दी है।
जांच अधिकारी बदले जाने लेकर ये भी सामने आ रहा है कि सीओ सेकेंड मनीष मिश्र पर जिम्मेदारी अधिक होने के चलते ये निर्णय लिया गया है। केस के सिलसिले में पूछताछ करने के लिए आईओ को महीने में कई बार वादी हिरालाल कश्यप के घर बदायूं जाना होता है।
हालांकि पुलिस इस मामले में पहले ही कोर्ट में चार्जसीट लगा चुकी है। गौरतलब है कि छह अप्रैल 2016 की दोपहर पूर्व राज्यसभा सांसद नरेंद्र कश्यप की पुत्रवधु हिमांशी की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई थी।
पूर्व सांसद और उनके परिवार का कहना है कि हिमांशी ने बाथरूम में पति की लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या की। उधर, हिमांशी के पिता हीरालाल कश्यप ने अपने दामाद और नरेंद्र कश्यप पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए थाना कविनगर में केस दर्ज कराया था।