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नानी-नाती की हत्या का आरोपी गिरफ्तार, बंदूक बरामद
अमर उजाला, ब्यूरो /गाजियाबाद
Updated Wed, 14 Sep 2016 12:44 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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विजयनगर इलाके में सोमवार शाम मामूली विवाद में हुई नानी-नाती की हत्या के मुख्य आरोपी को मंगलवार को गिरफ्तार कर दोनाली बंदूक भी बरामद कर ली गई है। पांच अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। उधर, इलाके में तनाव को देखते हुए 27 पीसीआर समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। दोपहर बाद दोनों मृतकों के शव घर पर लाए गए और शाम को हिंडन तट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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एसएसपी केएस इमेनुअल ने बताया कि इस घटना के बाद एनएच-24 पर घंटों जाम लगाने और पथराव करने के मामले में करीब दो सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। संदेह के आधार पर एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से चार को छोड़ दिया गया।
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बाकी के बारे में जाम के दौरान बनाई गई वीडियो से यह पता किया जा रहा है कि वे जाम लगाने में शामिल थे या नहीं। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी कृष्णवीर सिंह को साढे़ तीन बजे विजय नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में कृष्णवीर के बेटे अखिलेश व मोनू, भाई सत्येंद्र और दो रिश्तेदार सन्नी व सतीश की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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उन्होंने दावा किया कि मंगलवार को माहौल शांतिपूर्ण रहा, कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। बता दें कि सोमवार शाम पांच बजे विजयनगर थाना क्षेत्र के भीमनगर इलाके में कृष्णवीर ने गाय बांधने के विवाद में गोलियां चलाई थी। गोलीबारी में रविंद्र (25) और उनकी नानी प्रेमवती (60) की मौत हो गई थी। रविंद्र की टेंट की दुकान से ठीक सटी कृष्णवीर की गाड़ी सर्विसिंग की दुकान है।
मंगलवार सुबह से ही मृतक के घर उनके रिश्तेदारों का जुटना शुरू हो गया था। परिजन गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए कई थानों की पुलिस वहां तैनात कर दी गई थी। दिन में साढे़ तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों शव घर लाए गए तो तनाव बढ़ने केसाथ ही माहौल गमगीन हो गया।
भीड़ जाम न लगा सके, इसलिए एनएच-24 के दोनों तरफ पुलिस के जवान कतार में खडे़ कर दिए गए। घर पर आधे घंटे तक दोनों शवों को रखा गया, इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए हिंडन चले गए। घर पर दोनों शवों को लाए जाने के बाद परिजनों का विलाप और बढ गया।
सबसे बुरा हाल मां राजेश का था। वह रोते-रोते बेटे के शव से लिपटी और फिर बेहोश गई। बाद में परिजन उसे ऑटो से अस्पताल ले गए। परिजनों का कहना था कि तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए अस्पताल ले जाने में उन्होंने पुलिस की मदद नहीं ली।
बहन रेणु भी का रोना लोगों से देखा नहीं जा रहा था। शाम छह बजे हिंडन तट पर दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रेमवती को मुखाग्नि उनके बेटे ब्रह्मपाल और रविंद्र को बडे़ भाई निक्कू ने दी।दिन में रविंद्र के घर पर आईं कई महिलाएं यह आरोप लगा रही थीं कि उनके निर्दोष लोगों को पुलिस घर से उठाकर ले गई है।
इस बारे में रविंद्र के पिता राजेंद्र सिंह ने बताया कि जाम लगाने के मामले में पुलिस ने दो दर्जन लोगों को विजयनगर थाने में बिठा रखा है। थाने पर जाकर उन्होंने चार ऐसे युवकों की पहचान की, जो जाम में नहीं थे और पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।
उन्होंने कहा कि जाम और पथराव में कई ऐसे लोग शामिल थे, जो उनके विरोधी हैं। उन्होंने उन्हें बदनाम करने के लिए उपद्रवी हरकतें कीं। उन्होंने जाम लगाने वाले लोगों से खुद अनुरोध किया था कि वे जाम न लगाएं। एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी कृष्णवीर सिंह ने छह साल पहले गौतमबुद्ध नगर से लाइसेंसी दोनाली बंदूक खरीदी थी।
कृष्णवीर पर पहले से कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। कृष्णवीर जेवर के नीम का खाजपुर गांव का निवासी है। उन्होंने बताया कि यह घटना टेंट की दुकान के सामने गाय और गाड़ी खड़ी करने को लेकर बार-बार हो रहे झगडे़ का नतीजा रही। मृतक के पिता का कहना है कि उन्होंने सोचा भी नहीं था कि इस झगडे़ में गोली चल जाएगी।