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पूर्व एमएलसी से मांगी 5 लाख रंगदारी, दो गिरफ्तार

Sun, 21 Aug 2016 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद Updated Sun, 21 Aug 2016 12:44 AM IST
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Extortion by former MLC sought 5 million, two arrested
अपराध - फोटो : अमर उजाला

बसपा के पूर्व एमएलसी प्रशांत चौधरी से फोन पर पांच लाख रुपये रंगदारी मांग रहे दो आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। इनका एक साथी फरार है।पकड़े गए आरोपियों में नरेंद्र कुमार निवासी सेक्टर-23 संजय नगर और दीपक कुशवाहा निवासी गाजीपुर, बनारस हैं। दीपक राजपुर दुहाई में रह रहा था। दो साल बीटेक की पढ़ाई कर चुका है।

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नरेंद्र मोबाइल शॉप संचालक है। दीपक ने पूर्व बसपा एमएलसी प्रशांत चौधरी को 14 अगस्त को दोपहर करीब एक बजे कॉल की थी। मीटिंग में होने के कारण प्रशांत सही से बात नहीं सुन पाए थे। बाद में उन्होंने मोबाइल में चार-पांच मिस्ड कॉल देखीं तो कॉल बैक किया। दीपक ने उन्हें खुद को गोविंद बताते हुए कहा कि वह दिल्ली के एक होटल से बोल रहा है।
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एक विधायक, आपके ही दो करीबी और तीन पुलिसकर्मी आपको मारना चाहते हैं, वह होटल में आपको मारने की प्लानिंग कर रहे थे। अगर आपको उनसे मिलना है तो पांच लाख रुपये लेकर आ जाओ। प्रशांत चौधरी ने 16 अगस्त को तहसील दिवस में एसएसपी से इसकी शिकायत की। एसएसपी ने क्राइम ब्रांच को छानबीन के लिए लगाया।
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क्राइम ब्रांच ने कॉल नंबर को ट्रेस कर शनिवार सुबह दो आरोपियों को सेक्टर-23 से गिरफ्तार कर लिया जबकि इनका एक साथी पुलिस को चकमा देकर भाग गया। दीपक ने बताया कि 2014 में वह बीटेक कर रहा था, लेकिन पैसों की कमी की वजह से उसे बीच में पढ़ाई छोड़ने पड़ी थी। इसके बाद उसने कॉल सेंटर खोला, मगर उसमें भी घाटा हो गया।

उस पर कर्ज हो गया था, जिसे उतारने के लिए उसे पैसों की जरूरत थी, इसलिए उसने एक दोस्त के प्री एक्टिवेटेड सिम कार्ड से प्रशांत चौधरी को कॉल्स की। जिस सिम कार्ड से कॉल की गई थी, वह प्री एक्टिवेटेड सिम दोस्त ने नरेंद्र से 150 रुपये में खरीदा था।


दीपक ने क्राइम ब्रांच को बताया कि वह राजनगर आता जाता था। उसने प्रशांत चौधरी की बड़ी कोठी और रुतबा देखा तो उसे लगा कि यह व्यक्ति उसे पैसे दे सकता है। उसने कोठी के पास ही लगे होर्डिंग्स से उनका नंबर नोट किया था।


प्रशांत चौधरी को पुलिस के दो गनर मिले हुए थे, मगर पिछले दिनों उनके दोनों गनर हटा लिए गए थे। इस वाकये के बाद एसएसपी ने प्रशांत चौधरी को एक गनर उपलब्ध कराया है।

टारगेट पूरा करने को बेचा था सिम

कोठी देखकर पुलिस ने दिया एक गनरलगा, मिल सकते हैं पैसे
क्राइम ब्रांच प्रभारी एस. बेलवाल ने बताया कि नरेंद्र ने टारगेट पूरा करने के लिए प्री एक्टीवेटेड सिम बेचा था। उन्होंने बताया कि ऐसे और भी हैं, जो इस तरह सिम बेचते हैं। इनके खिलाफ वह सिम सर्विस प्रोवाइडर कंपनी को पत्र लिखेंगे, ताकि इस पर रोक लग सके।

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