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तीन करोड़ की जांच अब ईडी करेगा
ब्यूरो , अमर उजाला साहिबाबाद
Updated Fri, 13 Jan 2017 11:06 PM IST
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2000 rupees
- फोटो : demo pic
इंदिरापुरम के यूपी गेट से एसयूवी कार से तीन करोड़ रुपये की नई करेंसी पकड़े जाने के मामले में आयकर विभाग जल्द ही कैश कलेक्शन कंपनी और बैंक अधिकारियों से पूछताछ करेगा। इतना ही नहीं कंपनी के अधिकारी अगर कैश के संबंध में दस्तावेज दिखाने में असमर्थ रहते हैं तो मामले की जांच ईडी को सौंपी जाएगी।
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आयकर अधिकारियों का कहना है कि नोटबंदी के बाद से आठ लाख रुपये से अधिक कैश पकड़े जाने पर जांच एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) कर रहा है। बृहस्पतिवार को यूपी गेट पर चेकिंग के दौरान एसयूवी कार से बंद बॉक्स में तीन करोड़ की नई करेंसी पकड़ी गई थी।
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पुलिस और आयकर विभाग की जांच में कैश के संबंध में दस्तावेज नहीं दिखा पाने पर कैश को सीज कर ट्रेजरी में जमा कर दिया गया था। एसयूवी में सवार पांच लोगों का कहना था वे कैश कलेक्शन कंपनी विजुअल के कर्मचारी हैं और दिलशाद गार्डन स्थित एक निजी बैंक का पैसा गाजियाबाद और नोएडा के छह शाखाओं में बांटने जा रहे थे।
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बाद में इन पांचों को उनके आईडी प्रूफ लेकर छोड़ दिया गया था।एसएचओ इंदिरापुरम प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि आयकर विभाग ही बैंक और कैश कलेक्शन एजेंसी से पूछताछ करेगा। अगर एजेंसी या उसके कर्मचारियों के खिलाफ आयकर विभाग कोई एफआईआर थाना इंदिरापुरम में दर्ज कराता है तो जांच की जाएगी।
उधर, निजी बैंक के अधिकारियों का कहना है कि रुपये को करेंसी चेस्ट से बैंक शाखा तक पहुंचाने का जिम्मा कलेक्शन एजेंसी का है। ऐसे में कलेक्शन एजेंसी ही आयकर विभाग को सभी दस्तावेज दिखाएगी। बैंक अपना पैसा कलेक्शन एजेंसी के सिक्योरिटी डिपॉजिट से काट लेगा।
31 लाख की पुरानी करेंसी के मामले में भी निदेशालय ही करेगा जांच
साहिबाबाद के शालीमार गार्डन से पुरानी करेंसी के 31.64 लाख रुपये पकड़े जाने की जानकारी आयकर विभाग ने प्रवर्तन निदेशालय को दे दी है। आईटीओ राहुल गौतम ने बताया कि पुरानी करेंसी की जांच प्रवर्तन निदेशालय को सौंपी जाएगी।
ईडी के अधिकारी प्रॉपर्टी डीलर परमजीत सिंह और उसके साथी ऋषि से पूछताछ कर सकते हैं। उधर, बृहस्पतिवार देर रात पूछताछ के बाद प्रॉपर्टी डीलर और उसके साथी को पुलिस ने छोड़ दिया।