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रातभर ससुराल के गेट पर बैठी रही दहेज पीड़िता
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Sun, 08 Jan 2017 01:10 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अवंतिका कालोनी में एक विवाहिता शुक्रवार रात से लेकर शनिवार शाम तक ससुराल के बाहर गेट पर धरने पर बैठी रही। उसका आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया है। इस संबंध में कविनगर पुलिस से शिकायत की गई है। विवाहिता को उसके मायके वाले अपने साथ ले गए हैं।
पीड़िता नेहा त्यागी गांव उकावली, बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर हैं। उनके पिता अनिल त्यागी ने बताया कि 15 फरवरी 2016 को उन्होंने नेहा की शादी अवंतिका कालोनी में रहने वाले एक युवक से की थी। उन्होंने शादी में करीब 40 लाख रुपये का खर्च किया था।
आरोप है कि शादी के एक माह बाद से ही पति और सास-ससुर उससे 20 लाख रुपये दहेज की मांग करते हुए तंग करने लगे। मांग पूरी न करने पर उसे घर में न रखने की धमकी दी गई। नेहा ने बताया कि तीन महीने पहले उसके पति और सास ने उन्हें जबरन मायके भेज दिया था।
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इसके बाद से उन्हें लेने नहीं पहुंचे। कई दिनों तक पति के नहीं आने पर नेहा के परिजनों ने ससुराल पक्ष के लोगों से बात की। समाज के लोगों ने भी कई बार गांव में पंचायत कर दोनों पक्षों के बीच फैसला कराने का प्रयास किया, लेकिन ससुराल के लोग नहीं माने।
अनिल त्यागी का कहना है कि जब ससुरालियों ने नेहा को अपने साथ रखने से इंकार किया तो उन्होंने कविनगर पुलिस से मामले की शिकायत की थी। पुलिस की मौजूदगी में ससुरालियों ने 5 जनवरी को नेहा को मायके से ले जाने की बात कही थी।
बावजूद इसके वह तय समय पर नहीं पहुंचे। नेहा ने बताया कि शुक्रवार शाम वह सामान लेकर अवंतिका स्थित ससुराल पहुंच गई, जहां उसे घर का ताला बंद मिला और वह इसके बाद ससुराल में ही घर के बाहर धरने पर बैठ गईं।
पीड़िता कहना था कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वह ससुराल में घर के बाहर धरने पर बैठी रहेंगी। हालांकि शनिवार शाम मायके वाले उसे वापस लेकर चले गए। इस संबंध में कविनगर एसएचओ हेमंत राय का कहना है कि पुलिस तहरीर आने के बाद ही ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
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पीड़िता नेहा त्यागी गांव उकावली, बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर हैं। उनके पिता अनिल त्यागी ने बताया कि 15 फरवरी 2016 को उन्होंने नेहा की शादी अवंतिका कालोनी में रहने वाले एक युवक से की थी। उन्होंने शादी में करीब 40 लाख रुपये का खर्च किया था।
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आरोप है कि शादी के एक माह बाद से ही पति और सास-ससुर उससे 20 लाख रुपये दहेज की मांग करते हुए तंग करने लगे। मांग पूरी न करने पर उसे घर में न रखने की धमकी दी गई। नेहा ने बताया कि तीन महीने पहले उसके पति और सास ने उन्हें जबरन मायके भेज दिया था।
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इसके बाद से उन्हें लेने नहीं पहुंचे। कई दिनों तक पति के नहीं आने पर नेहा के परिजनों ने ससुराल पक्ष के लोगों से बात की। समाज के लोगों ने भी कई बार गांव में पंचायत कर दोनों पक्षों के बीच फैसला कराने का प्रयास किया, लेकिन ससुराल के लोग नहीं माने।
अनिल त्यागी का कहना है कि जब ससुरालियों ने नेहा को अपने साथ रखने से इंकार किया तो उन्होंने कविनगर पुलिस से मामले की शिकायत की थी। पुलिस की मौजूदगी में ससुरालियों ने 5 जनवरी को नेहा को मायके से ले जाने की बात कही थी।
बावजूद इसके वह तय समय पर नहीं पहुंचे। नेहा ने बताया कि शुक्रवार शाम वह सामान लेकर अवंतिका स्थित ससुराल पहुंच गई, जहां उसे घर का ताला बंद मिला और वह इसके बाद ससुराल में ही घर के बाहर धरने पर बैठ गईं।
पीड़िता कहना था कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वह ससुराल में घर के बाहर धरने पर बैठी रहेंगी। हालांकि शनिवार शाम मायके वाले उसे वापस लेकर चले गए। इस संबंध में कविनगर एसएचओ हेमंत राय का कहना है कि पुलिस तहरीर आने के बाद ही ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई करेगी।