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मूक बधिर है महिला, बयान के लिए ट्रांसलेटर तलाश रही पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 21 May 2016 01:22 AM IST
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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दहेज उत्पीड़न के मामले में सवा माह बाद भी पुलिस महिला के बयान दर्ज नहीं कर सकी है। वजह यह है कि महिला मूक बधिर है, जिस कारण बयान दर्ज करने के लिए पुलिस को ट्रांसलेटर की जरूरत है। पुलिस ट्रांसलेटर तलाश रही है।
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सीओ द्वितीय मनीष मिश्रा ने बताया कि राखी निवाड़ी थानाक्षेत्र की रहने वाली है। उसकी शादी मेरठ के लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र में रहने वाले युवक से हुई थी। उसका पति भी मूक बधिर है। ससुराल वाले उस पर दो लाख रुपये दहेज में लाने के लिए दबाव बनाते थे। आरोप है कि दहेज से इंकार करने पर उसके साथ बदसलूकी की जाती थी।
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उसने इसकी शिकायत पिता से की थी। पिता ने महिला थाने में 24 अक्तूबर 2015 को उसके पति दिनेश, सास दयावती, ससुर राजपाल, देवर पवन-अनुज और ननद नितिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज थी। मार्च 2016 तक इस मामले में समझौते के लिए दोनों पक्षों की काउंसलिंग की जा रही थी, लेकिन वह समझौते के लिए राजी नहीं हुए।
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इसके बाद महिला थाना पुलिस ने केस की जांच शुरू कर दी। सीओ ने बताया कि राखी के मूक बधिर होने के कारण जांच अधिकारी को उसके बयान दर्ज करने में दिक्कत आ रही है, लिहाजा जिला विकलांग अधिकारी से संपर्क कर जल्द ही ट्रांसलेटर के माध्यम से महिला के बयान दर्ज किए जाएंगे। इस मामले में महिला का पति, सास, ससुर, ननद और देवर पवन आत्मसमर्पण कर चुके हैं।