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निर्माणाधीन ग्रेड सेपरेटर ने ली बाइक सवार की जान
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Tue, 03 Jan 2017 12:51 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ रोड पर बन रहे ग्रेड सेपरेटर पर बैरिकेडिंग न होने के कारण हुए हादसों में निर्माणाधीन ग्रेड सेपरेटर से गिरकर एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल होगया। दोनों हादसे रविवार देर रात हुए। परिजनों का आरोप है कि पुलिस और जीडीए की लापरवाही की वजह से ही दोनों हादसे हुए।
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दिल्ली में लोनी रोड के तिकोना पार्क निवासी दीपक (32) पुत्र बालकिशन एनडीएमसी में ठेकेदारी पर काम करता था। दीपक के भाई मनोज ने बताया कि 31 दिसंबर की रात दीपक नया साल मानने के लिए दादरी स्थित अपनी ससुराल में गया था। जहां उसकी पत्नी लता और दोनों बच्चे पहले से मौजूद थे।
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रविवार आधी रात वह अपनी ससुराल से दिल्ली के लिए बाइक से चला था। रात करीब एक बजे दीपक ने अपनी बाइक मेरठ रोड तिराहे पर अधबने ग्रेड सेपरेटर पर चढ़ा दी। दीपक इस बात से अनजान था कि ग्रेड सेपरेटर अधबना है। ऐसे में वह अपनी तेज रफ्तार बाइक के साथ ही करीब 25 फीट नीचे सड़क पर आ गिरा।
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मनोज ने बताया कि हादसे के बाद उसका भाई गंभीर हालत में करीब दो घंटे तक नीचे पड़ा रहा, जिसे किसी ने नहीं देखा। मेट्रो के कार्य में लगे लोगों ने दीपक को गंभीर रूप में देखा और पुलिस को हादसे की सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दीपक को गंभीर रूप में एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोतवाली पुलिस ने दीपक की जेब में रखे उसके मोबाइल से सुबह पांच बजे उसके परिजनों को हादसे की जानकारी दी।
इसके बाद वह अस्पताल पहुंचे और वहां से दीपक के शव को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। जहां सोमवार शाम तक परिजन उसका शव लेकर दिल्ली चले गए। इस संबंध में एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि ग्रेड सेपरेटर पर सोमवार रात कोहरा होने के कारण दो हादसे हुए हैं, जिसमें एक हादसे में एक युवक की मौत हो गई है
वहीं, दूसरे हादसे में एक युवक घायल हो गया है। इस हादसे की जांच कराई जा रही है। अगर कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जीडीए की प्लानिंग के तहत जीटी रोड पर ग्रेड सेपरेटर का कार्य चल रहा है।
इसका निर्माण वन विभाग की तरफ से एनओसी नहीं मिलने के कारण रोक दिया गया है, लेकिन इसके बाद भी जीडीए की तरफ से इस फ्लाईओवर पर कोई साइन बोर्ड नहीं लगाया गया है। इसके अलावा न ही किसी तरह की कोई बैरिकेडिंग की गई है।
वीडियो बनने के बाद जीडीए ने रास्ता किया बंद
हादसे के बाद दीपक के परिजनों ने फ्लाईओवर पर पहुंचकर जीडीए की लापरवाही का एक वीडियो बनाया, जिसमें निर्माणाधीन ग्रेड सेपरेटर पर एक तरफ कोई बैरिकेडिंग नहीं कराई थी। इसके अलावा कोई साइन बोर्ड नहीं था। जीडीए को इसकी जानकारी होने के बाद ग्रेड सेपरेटर की एंट्री को पत्थर आदि रखकर बंद कर दिया।
दीपक के भाई मोहित ने बताया कि वह हादसे की संबंधित ऑथारिटी से शिकायत करेंगे। मनोज ने बताया कि दीपक के दो बच्चे हैं, बड़ा बेटा चार साल और बेटी मात्र आठ महीने की है। न्यू ईयर की पार्टी के लिए उसकी पत्नी लता कुछ दिन पहले ही अपने दादरी स्थित मायके गई थी।
उन्होंने पत्नी लता को उसके हादसे के बारे में बताया तो वह बेसुध हो गई। जब अमर उजाला की टीम ग्रेड सेपरेटर पर पहुंची तो देखा कि हादसे से पहले दीपक ने अपनी जान बचाने के लिए नीचे गिरने से कुछ दूरी पर ही ब्रेक लगाए थे।
इसके सड़क पर टायर के निशान बने हुए थे, लेकिन उसकी बाइक अनियंत्रित होकर नीचे जा गिरी, जिससे की उसकी मौत हो गई।दीपक की मौत से करीब डेढ़ घंटे पहले भी ग्रेड सेपरेटर पर खोड़ा कालोनी निवासी तरुण पुत्र प्रेमपाल अपनी बाइक लेकर फ्लाईओवर से नीचे गिर गया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे एमएमजी में भर्ती कराया था। जहां, सोमवार सुबह उसे दिल्ली के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया था। कोतवाली पुलिस अगर तरुण के घायल होने के बाद फ्लाईओवर की एंट्री को बंद कर देती तो दीपक की मौत नहीं होती।