{"_id":"58b320c04f1c1bbe5683109d","slug":"audi-tragedy-the-time-of-the-accident-was-in-bareilly-imtiaz","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑडी हादसा: तो हादसे के समय बरेली में था इम्तियाज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ऑडी हादसा: तो हादसे के समय बरेली में था इम्तियाज
ब्यूरो अमर उजाला/ साहिबाबाद
Updated Mon, 27 Feb 2017 12:12 AM IST
विज्ञापन
इम्तियाज
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऑडी-ऑटो टक्कर मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने खुलासा किया है कि हादसे के वक्त डा. मनीष रावत के साथ कथित चालक सैय्यद इम्तियाज नहीं था। सर्विंलांस के जरिए उसकी लोकेशन बरेली में आ रही है। फिलहाल ड्राइवर इम्तियाज की तलाश में क्राइम ब्रांच की टीम दबिश दे रही है।
गाजियाबाद क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर एससी बेलवाल ने बताया कि डा. मनीष रावत और ड्राइवर इम्तियाज के मोबाइल की डिटेल निकाली तो पता चला कि दोनों की लोकेशन अलग अलग है। डा. मनीष की लोकेशन घटनास्थल पर थी। जबकि इम्तियाज की लोकेशन बरेली थी।
डा. मनीष रावत ने बयान दिया था कि उनके साथ कार में चालक इम्तियाज था। इम्तियाज ही कार चला रहा था। जब इम्तियाज की मोबाइल लोकेशन बरेली थी तो वह कार कैसे चला सकता है। इससे लग रहा है डॉक्टर मनीष गलत बयान दे रहे हैं।
विज्ञापन
इसके साथ ही दोनों की कॉल डिटेल भी निकाली हैं, जिससे पता चल सके कि डा. मनीष और इम्तियाज कब से संपर्क में थे। अगर इम्तियाज को फर्जी चालक बनाकर पेश किया गया है तो डॉक्टर पर धोखाधड़ी का मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
क्राइम ब्रांच की टीम राजकुमार की भी कर रही तलाश
क्राइम ब्रांच की टीम मामले में संजय नगर निवासी राजकुमार की भी तलाश कर रही है। टीम को जांच में पता चला है कि राजकुमार ने ही इम्तियाज को डा. मनीष से मिलवाया था। जब इम्तियाज कोर्ट में पेश हुआ था, उस दिन राजकुमार उसके साथ था। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि डा. मनीष काफी समय से राजकुमार को जानते हैं।
हादसे में हुई थी चार लोगों की मौत
बता दें कि 27 जनवरी को देर रात गौड़ ग्रीन एवेन्यू गोल चक्कर पर तेज रफ्तार ऑडी ने एक ऑटो में टक्कर मार दी थी, जिसमें नोएडा निवासी रिंकू यादव, कानपुर निवासी विशाल, यजुवेंद्र और ऑटो चालक संजीव निवासी एटा की मौत हो गई थी।
पांच फरवरी को इशहाक के नाम से फर्जी लाइसेंस से सैय्यद इम्तियाज ने कोर्ट से जमानत ली थी। नौ दिन बाद ऑडी कार मालिक मनीष रावत ने पुलिस के सामने आकर बयान दिया था। मामले में पुलिस की कथित लापरवाही को देखते हुए केस क्राइम ब्रांच का सौंप दिया गया था।
विज्ञापन
गाजियाबाद क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर एससी बेलवाल ने बताया कि डा. मनीष रावत और ड्राइवर इम्तियाज के मोबाइल की डिटेल निकाली तो पता चला कि दोनों की लोकेशन अलग अलग है। डा. मनीष की लोकेशन घटनास्थल पर थी। जबकि इम्तियाज की लोकेशन बरेली थी।
विज्ञापन
डा. मनीष रावत ने बयान दिया था कि उनके साथ कार में चालक इम्तियाज था। इम्तियाज ही कार चला रहा था। जब इम्तियाज की मोबाइल लोकेशन बरेली थी तो वह कार कैसे चला सकता है। इससे लग रहा है डॉक्टर मनीष गलत बयान दे रहे हैं।
विज्ञापन
इसके साथ ही दोनों की कॉल डिटेल भी निकाली हैं, जिससे पता चल सके कि डा. मनीष और इम्तियाज कब से संपर्क में थे। अगर इम्तियाज को फर्जी चालक बनाकर पेश किया गया है तो डॉक्टर पर धोखाधड़ी का मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
क्राइम ब्रांच की टीम राजकुमार की भी कर रही तलाश
क्राइम ब्रांच की टीम मामले में संजय नगर निवासी राजकुमार की भी तलाश कर रही है। टीम को जांच में पता चला है कि राजकुमार ने ही इम्तियाज को डा. मनीष से मिलवाया था। जब इम्तियाज कोर्ट में पेश हुआ था, उस दिन राजकुमार उसके साथ था। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि डा. मनीष काफी समय से राजकुमार को जानते हैं।
हादसे में हुई थी चार लोगों की मौत
बता दें कि 27 जनवरी को देर रात गौड़ ग्रीन एवेन्यू गोल चक्कर पर तेज रफ्तार ऑडी ने एक ऑटो में टक्कर मार दी थी, जिसमें नोएडा निवासी रिंकू यादव, कानपुर निवासी विशाल, यजुवेंद्र और ऑटो चालक संजीव निवासी एटा की मौत हो गई थी।
पांच फरवरी को इशहाक के नाम से फर्जी लाइसेंस से सैय्यद इम्तियाज ने कोर्ट से जमानत ली थी। नौ दिन बाद ऑडी कार मालिक मनीष रावत ने पुलिस के सामने आकर बयान दिया था। मामले में पुलिस की कथित लापरवाही को देखते हुए केस क्राइम ब्रांच का सौंप दिया गया था।