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गुस्से में छोटी बहन को गला घोंटकर मार डाला
ब्यूरो, अमर उजाला /मोदीनगर
Updated Thu, 29 Dec 2016 12:31 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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निवाड़ी थानांतर्गत इंद्रापुरी कालोनी में कहासुनी होने पर एक युवक ने 12 वर्षीय छोटी बहन की दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी और शव को गंगनहर में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि अभी शव नहीं मिला है, पुलिस तलाश कर रही है।
निवाड़ी एसओ सत्येंद्र कुमार राय के मुताबिक, 23 दिसंबर को कस्बा निवासी साजिद ने थाने में पहुंचकर बताया था कि उसकी छोटी बहन निशा (12) कक्षा छह में पढ़ती थी, जो तीन दिसंबर से गायब है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू कर दी।
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि गायब होने से पहले निशा की साजिद से कहासुनी हुई थी। कुछ लोगों ने साजिद पर संदेह जाहिर किया था, साथ ही 21 दिन तक गुमशुदगी दर्ज नहीं कराने ने भी पुलिस को शक हुआ। लिहाजा बुधवार को पुलिस ने साजिद को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सनसनीखेज खुलासा हुआ।
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एसओ ने बताया कि निशा के पिता यामीन की मौत हो चुकी है। तीन दिसंबर को निशा की किसी बात को लेकर आरोपी साजिद से कहासुनी हो गई थी। इस दौरान निशा ने गले में दुपट्टा डाल रखा था और गुस्से में साजिद ने दोनों हाथों से दुपट्टा खींच दिया, जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
मामला दबाने के मकसद से साजिद ने लाश को ठेले में रखा और शव को निवाड़ी पुल से गंगनहर में फेंक दिया। इसके बाद वह घर आ गया। कस्बे में निशा के गुम होने की चर्चा होने पर साजिद ने गुमशुदगी दर्ज करा दी। आरोपी का कहना है कि उसे अपने किए पछतावा है। उसे नहीं पता था कि दुपट्टा खींचने से बहन की मौत हो जाएगी।
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निवाड़ी एसओ सत्येंद्र कुमार राय के मुताबिक, 23 दिसंबर को कस्बा निवासी साजिद ने थाने में पहुंचकर बताया था कि उसकी छोटी बहन निशा (12) कक्षा छह में पढ़ती थी, जो तीन दिसंबर से गायब है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू कर दी।
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छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि गायब होने से पहले निशा की साजिद से कहासुनी हुई थी। कुछ लोगों ने साजिद पर संदेह जाहिर किया था, साथ ही 21 दिन तक गुमशुदगी दर्ज नहीं कराने ने भी पुलिस को शक हुआ। लिहाजा बुधवार को पुलिस ने साजिद को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सनसनीखेज खुलासा हुआ।
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एसओ ने बताया कि निशा के पिता यामीन की मौत हो चुकी है। तीन दिसंबर को निशा की किसी बात को लेकर आरोपी साजिद से कहासुनी हो गई थी। इस दौरान निशा ने गले में दुपट्टा डाल रखा था और गुस्से में साजिद ने दोनों हाथों से दुपट्टा खींच दिया, जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
मामला दबाने के मकसद से साजिद ने लाश को ठेले में रखा और शव को निवाड़ी पुल से गंगनहर में फेंक दिया। इसके बाद वह घर आ गया। कस्बे में निशा के गुम होने की चर्चा होने पर साजिद ने गुमशुदगी दर्ज करा दी। आरोपी का कहना है कि उसे अपने किए पछतावा है। उसे नहीं पता था कि दुपट्टा खींचने से बहन की मौत हो जाएगी।