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12 वीं पास ने बीटेक और ग्रेजुएट छात्र को नौकरी लगवाने के नाम पर ठगा

Mon, 10 Dec 2018 01:39 AM IST
Updated Mon, 10 Dec 2018 01:39 AM IST
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12 वीं पास ने बीटेक और ग्रेजुएट छात्र को नौकरी लगवाने के नाम पर ठगा
12वीं पास ने बीटेक और ग्रेजुएट छात्रों को नौकरी लगवाने के नाम पर ठगा, गिरफ्तार
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साहिबाबाद। बेरोजगार बीटेक और गेजुएट युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले 12वीं पास युवक को इंदिरापुरम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी युवक के पास से कई कंपनियों के नियुक्ति पत्र और कॉल लेटर बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि अभी तक 50 से 70 युवाओं से 10 लाख से अधिक की ठगी कर चुका है। पुलिस आरोपी के फरार साथियों की तलाश में जुट हुई है।
इंदिरापुरम एसएचओ नजीर अली ने बताया कि ठगी का शिकार हुए कुछ पीड़ितों ने करीब दो माह पूर्व इंदिरापुरम थाने में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने की शिकायत की थी। इस दौरान इंदिरापुरम पुलिस ने कई फर्जी कॉल सेंटरों का खुलासा किया था, तभी से कॉल सेंटरों का संचालक और ठगी का मास्टर माइंड फरार चल रहा था। सर्विलांस की मदद से मुख्य आरोपी वरुण ग्रोवर को वैशाली सेक्टर-4 से शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी ने वैशाली सेक्टर-तीन स्थित एक मॉल में अपना आफिस बंद कर दिल्ली के निर्माण विहार में खोल लिया था। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी वरुण ग्रोवर मूल रूप से बिहार के मोतिहारी जिले का रहने वाला है। वह 12वीं पास है। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि वह आनलाइन कंपनियों से रिज्यूम उठाता था। योग्यता के अनुसार उन्हें नौकरी देने की बात कहता था। वह एमबीए और बीटेक पास बेरोजगार युवकों का इंटरव्यू भी लेता था। उन्हें फर्जी कॉल लेटर और नियुक्ति पत्र देकर पेटीएम व बैंक खाते में 10 से 20 हजार रुपये तक डलवाता था। वह अभी तक करीब 70 से अधिक युवाओं को नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख से अधिक की ठगी कर चुका है। इंदिरापुरम पुलिस ने उसके पास से कई निजी कंपनियों के फर्जी नियुक्ति पत्र और कॉल लेटर किए हैं।
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हर तीसरे माह ठगी कर बदल देता था ठिकाना
पुलिस पूछताछ में आरोपी वरुण ने बताया कि वह हर तीन से चार माह तक एक स्थान पर ठगी का कॉल सेंटर चलाता था। इसके बाद मोबाइल नंबर और पेटीएम नंबर बंद कर फरार हो जाता था। अभी वह दिल्ली के निर्माण विहार में ठगी का काल सेंटर चला रहा था। इससे पहले वैशाली सेक्टर-तीन स्थित एक मॉल, उससे पहले दिल्ली के लक्ष्मी नगर व अन्य इलाकों में ठगी का कॉल सेंटर चलाता था।
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